91वाँ अकादमी पुरस्कार

91वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर 2019) समारोह, मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) द्वारा 2018 की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का सम्मान करने के लिए, 24 फरवरी 2019 को लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया के डॉल्बी थिएटर में आयोजित किया गया। समारोह का प्रसारण संयुक्त राज्य अमेरिका में अमेरिकन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (एबीसी) द्वारा किया गया था और इसके निर्माता डोना गिग्लियोटी और ग्लेन वेइस थे, वेइस इसके निदेशक के रूप में भी सेवारत थे। 1989 में 61वें अकादमी पुरस्कार के बाद से तीन दशकों में यह पहला समारोह था, जिसमें कोई मेज़बान नहीं था।

आमेर

आमेर जयपुर नगर सीमा में ही स्थित उपनगर है, इसे मीणा राजा आलन सिंह ने बसाया था, कम से कम 967 ईस्वी से यह नगर मौजूद रहा है, इसे 1037 ईस्वी में राजपूत जाति के कछवाह वंश ने जीत लिया था। आमेर नगरी और वहाँ के मंदिर तथा किले राजपूती कला का अद्वितीय उदाहरण है। यहाँ का प्रसिद्ध दुर्ग आज भी ऐतिहासिक फिल्मों के निर्माताओं को शूटिंग के लिए आमंत्रित करता है। मुख्य द्वार गणेश पोल कहलाता है, जिसकी नक्काशी अत्यन्त आकर्षक है। यहाँ की दीवारों पर कलात्मक चित्र बनाए गए थे और कहते हैं कि उन महान कारीगरों की कला से मुगल बादशाह जहांगीर इतना नाराज़ हो गया कि उसने इन चित्रों पर प्लास्टर करवा दिया। ये चित्र धीरे-धीरे प्लास्टर उखड़ने से अब दिखाई देने लगे हैं। आमेर में ही है चालीस खम्बों वाला वह शीश महल, जहाँ माचिस की तीली जलाने पर सारे महल में दीपावलियाँ आलोकित हो उठती है। हाथी की सवारी यहाँ के विशेष आकर्षण है, जो देशी सैलानियों से अधिक विदेशी पर्यटकों के लिए कौतूहल और आनंद का विषय है। The fort borders the Maota Lake, and is a major tourist attraction in Rajasthan.

आमेर दुर्ग

आमेर दुर्ग (जिसे आमेर का किला या आंबेर का किला नाम से भी जाना जाता है) भारत के राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर के आमेर क्षेत्र में एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित एक पर्वतीय दुर्ग है। यह जयपुर नगर का प्रधान पर्यटक आकर्षण है। आमेर का कस्बा मूल रूप से स्थानीय मीणाओं द्वारा बसाया गया था, जिस पर कालांतर में कछवाहा राजपूत मान सिंह प्रथम ने राज किया व इस दुर्ग का निर्माण करवाया। यह दुर्ग व महल अपने कलात्मक विशुद्ध हिन्दू वास्तु शैली के घटकों के लिये भी जाना जाता है। दुर्ग की विशाल प्राचीरों, द्वारों की शृंखलाओं एवं पत्थर के बने रास्तों से भरा ये दुर्ग पहाड़ी के ठीक नीचे बने मावठा सरोवर को देखता हुआ प्रतीत होता है।

इंग्लैंड क्रिकेट टीम

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट टीम एक क्रिकेट टीम है जो इंग्लैंड और वेल्स का प्रतिनिधित्व करती है। 1992 तक यह स्कॉटलैंड का भी प्रतिनिधित्व करती थी। 1 जनवरी 1997 के बाद से टीम को इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) संचालित करती है, इससे पूर्व यह 1903 से 1996 के अन्त तक मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब के द्वारा नियंत्रित कि जाती थी।

कछवाहा

कछवाहा(कुशवाहा) वंश सूर्यवंशी राजपूतों की एक शाखा है। कुल मिलाकर बासठ वंशों के प्रमाण ग्रन्थों में मिलते हैं। ग्रन्थों के अनुसार:

कादर ख़ान

क़ादर ख़ान (उर्दू: قادر خان ; जन्म 22 अक्तूबर 1937- 31 दिसम्बर 2018) एक हिन्दी फ़िल्म हास्य अभिनेता होने के साथ साथ एक फ़िल्म निर्देशक भी हैं। उन्होंने अबतक 300 से अधिक फ़िल्मो में काम किया है। उनकी पहली फ़िल्म दाग (1973) थी जिसमे उन्होंने अभियोगपक्ष के वकील की भूमिका निभाई थी। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई इस्माइल यूसुफ कॉलेज से पूरी की। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में भी कार्य किया। कादर खान की मृत्यु कनाडा में 31 दिसम्बर 2018 को शाम करीब 6 बजे हुई। इन्हें कनाडा के मिसीसॉगा शहर के कब्रिस्तान मेें ही दफनाया गया।

कृष्णा सोबती

कृष्णा सोबती (१८ फ़रवरी १९२५- २५ जनवरी २०१९ ) (सम्बद्ध भाग अब पाकिस्तान में) मुख्यतः हिन्दी की आख्यायिका (फिक्शन) लेखिका थे। उन्हें १९८० में साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा १९९६ में साहित्य अकादमी अध्येतावृत्ति से सम्मानित किया गया था। अपनी बेलाग कथात्मक अभिव्यक्ति और सौष्ठवपूर्ण रचनात्मकता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हिंदी की कथा भाषा को विलक्षण ताज़गी़ दी है। उनके भाषा संस्कार के घनत्व, जीवन्त प्रांजलता और संप्रेषण ने हमारे समय के कई पेचीदा सत्य उजागर किये हैं।

गिरीश कर्नाड

गिरीश कार्नाड ( १९३८-१० जून २०१९,माथेरान, महाराष्ट्र) भारत के जाने माने समकालीन लेखक, अभिनेता, फ़िल्म निर्देशक और नाटककार थे। कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा दोनों में इनकी लेखनी समानाधिकार से चलती है। 1998 में ज्ञानपीठ सहित पद्मश्री व पद्मभूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों के विजेता कर्नाड द्वारा रचित तुगलक, हयवदन, तलेदंड, नागमंडल व ययाति जैसे नाटक अत्यंत लोकप्रिय हुये और भारत की अनेकों भाषाओं में इनका अनुवाद व मंचन हुआ है। प्रमुख भारतीय निदेशको - इब्राहीम अलकाजी, प्रसन्ना, अरविन्द गौड़ और बी.वी. कारंत ने इनका अलग- अलग तरीके से प्रभावी व यादगार निर्देशन किया हैं।

जयपुर

जयपुर जिसे गुलाबी नगर के नाम से भी जाना जाता है, जो में राजस्थान राज्य की राजधानी है। आमेर के तौर पर यह जयपुर नाम से प्रसिद्ध प्राचीन रजवाड़े की भी राजधानी रहा है। इस शहर की स्थापना १७२८ में आमेर के महाराजा जयसिंह द्वितीय ने की थी। जयपुर अपनी समृद्ध भवन निर्माण-परंपरा, सरस-संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर तीन ओर से अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ है। जयपुर शहर की पहचान यहाँ के महलों और पुराने घरों में लगे गुलाबी धौलपुरी पत्थरों से होती है जो यहाँ के स्थापत्य की खूबी है। १८७६ में तत्कालीन महाराज सवाई रामसिंह ने इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ प्रिंस ऑफ वेल्स युवराज अल्बर्ट के स्वागत में पूरे शहर को गुलाबी रंग से आच्छादित करवा दिया था। तभी से शहर का नाम गुलाबी नगरी पड़ा है। 2011 की जनगणना के अनुसार जयपुर भारत का दसवां सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। राजा जयसिंह द्वितीय के नाम पर ही इस शहर का नाम जयपुर पड़ा। जयपुर भारत के टूरिस्ट सर्किट गोल्डन ट्रायंगल (India's Golden Triangle) का हिस्सा भी है। इस गोल्डन ट्रायंगल में दिल्ली ,आगरा और जयपुर आते हैं भारत के मानचित्र में उनकी स्थिति अर्थात लोकेशन को देखने पर यह एक त्रिभुज (Triangle) का आकार लेते हैं। इस कारण इन्हें भारत का स्वर्णिम त्रिभुज इंडियन गोल्डन ट्रायंगल कहते हैं। जुलाई 2019 में जयपुर को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिया गया है। राजधानी दिल्ली से जयपुर की दूरी 280 किलोमीटर है।शहर चारों ओर से दीवारों और परकोटों से घिरा हुआ है, जिसमें प्रवेश के लिए सात दरवाजे हैं। बाद में एक और द्वार भी बना जो 'न्यू गेट' कहलाया। पूरा शहर करीब छह भागों में बँटा है और यह १११ फुट (३४ मी.) चौड़ी सड़कों से विभाजित है। पाँच भाग मध्य प्रासाद भाग को पूर्वी, दक्षिणी एवं पश्चिमी ओर से घेरे हुए हैं और छठा भाग एकदम पूर्व में स्थित है। प्रासाद भाग में हवा महल परिसर, व्यवस्थित उद्यान एवं एक छोटी झील हैं। पुराने शहर के उत्तर-पश्चिमी ओर पहाड़ी पर नाहरगढ़ दुर्ग शहर के मुकुट के समान दिखता है। इसके अलावा यहां मध्य भाग में ही सवाई जयसिंह द्वारा बनावायी गईं वेधशाला, जंतर मंतर, जयपुर भी हैं।जयपुर को आधुनिक शहरी योजनाकारों द्वारा सबसे नियोजित और व्यवस्थित शहरों में से गिना जाता है। देश के सबसे प्रतिभाशाली वास्तुकारों में इस शहर के वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य का नाम सम्मान से लिया जाता है। ब्रिटिश शासन के दौरान इस पर कछवाहा समुदाय के राजपूत शासकों का शासन था। १९वीं सदी में इस शहर का विस्तार शुरु हुआ तब इसकी जनसंख्या १,६०,००० थी जो अब बढ़ कर २००१ के आंकड़ों के अनुसार २३,३४,३१९ और २०१२ के बाद ३५ लाख हो चुकी है। यहाँ के मुख्य उद्योगों में धातु, संगमरमर, वस्त्र-छपाई, हस्त-कला, रत्न व आभूषण का आयात-निर्यात तथा पर्यटन-उद्योग आदि शामिल हैं। जयपुर को भारत का पेरिस भी कहा जाता है। इस शहर के वास्तु के बारे में कहा जाता है कि शहर को सूत से नाप लीजिये, नाप-जोख में एक बाल के बराबर भी फ़र्क नहीं मिलेगा।

भारत

भारत (आधिकारिक नाम: भारत गणराज्य, अंग्रेज़ी: Republic of India) दक्षिण एशिया में स्थित भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा देश है। पूर्ण रूप से उत्तरी गोलार्ध में स्थित भारत, भौगोलिक दृष्टि से विश्व में छठा सबसे बड़ा और जनसंख्या के दृष्टिकोण से दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान, पूर्व में बांग्लादेश और म्यान्मार स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया से भारत की सामुद्रिक सीमा लगती है। इसके उत्तर की भौतिक सीमा हिमालय पर्वत से और दक्षिण में हिन्द महासागर से लगी हुई है। पूर्व में बंगाल की खाड़ी है तथा पश्चिम में अरब सागर हैं।

मावठा सरोवर

मावठा झील भारत के राजस्थान प्रदेश की राजधानी में आमेर दुर्ग के नीचे स्थित है। यह एक कृत्रिम झील है, जिसका निर्माण महल की सुरक्षा एवं सुन्दरता बढ़ाने के लिए किया गया था। झील के एक किनारे के साथ-साथ ही दुर्ग में जाने का पैदल मार्ग है, एवं एक सुंदर उद्यान भी बना है। इसका निर्माण कछवाहा राजा जयसिंह के समय में किया गया था। इस उद्यान का नाम दुलाराम बाग है। वर्षा ऋतु में मावठा झील पानी से भर जाती है एवं तब यहाँ की सुन्दरता देखने लायक होती है। झील की अधिकतम लम्बाई ६८० मी. एवं अधिकतम चौड़ाई २२० मी. है।मावठा झील के बीच में एक छोटा-सा टापू बना है जिस पर एक उद्यान भी है। इसे केसर क्यारी कहा जाता है, क्योंकि कभी इसमें सुगन्धित केसर बोई जाती थी, जिससे महल के निकट का वातावरण महकता रहता था। महल के हाथियों को किसी किसी अवसर पर यहाँ जल क्रीड़ा करते हुए देखा जा सकता है।

मीणा

मीणा अथवा मीना मुख्यतया भारत के राजस्थान व मध्य प्रदेशराज्यों में निवास करने वाली एक जनजाति है। इन्हे वैदिक युग के मत्स्य गणराज्य के मत्स्य जन-जाति का वंशज कहा जाता है, जो कि छठी शताब्दी ईसापूर्व में पल्लवित हुए।राजस्थान राज्य में सभी मीणा हिन्दू अनुसूचित जनजाति हैं, मीणा मध्यप्रदेश मे अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आते हैं। ।

मृणाल सेन

मृणाल सेन (बांग्ला: মৃণাল সেন मृणाल् शेन्) भारतीय फ़िल्मों के प्रसिद्ध निर्माता व निर्देशक थे। इनकी अधिकतर फ़िल्में बांग्ला भाषा में रही हैं। उनका जन्म फरीदपुर नामक शहर में (जो अब बंगला देश में है) में १४ मई १९२३ में हुआ था। हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने बाद उन्होंने शहर छोड़ दिया और कोलकाता में पढ़ने के लिये आ गये। वह भौतिक शास्त्र के विद्यार्थी थे और उन्होंने अपनी शिक्षा स्कोटिश चर्च कॉलेज़ एवं कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पूरी की। अपने विद्यार्थी जीवन में ही वे वह कम्युनिस्ट पार्टी के सांस्कृतिक विभाग से जुड़ गये। यद्यपि वे कभी इस पार्टी के सदस्य नहीं रहे पर इप्टा से जुड़े होने के कारण वे अनेक समान विचारों वाले सांस्कृतिक रुचि के लोगों के परिचय में आ गए। उन्हें अक्सर वैश्विक मंच पर बंगाली समानांतर सिनेमा के सबसे बड़े राजदूतों में से एक माना जाता है।

रमाकांत अचरेकर

रमाकांत विठ्ठल अचरेकर (Ramakant Vithal Achrekar) (जन्म 1932 - 2 जनवरी 2019) मुंबई के एक भारतीय क्रिकेट कोच हैं। और इनकी मृत्यु 2 जनवरी 2019 को हो गई। वह दादर, मुंबई के शिवाजी पार्क में युवा क्रिकेटरों को प्रशिक्षित के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं खासकर सचिन तेंदुलकर को। वह मुंबई क्रिकेट टीम के लिए भी चयनकर्ता रहे हैं। 2010 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

राजस्थान

राजस्थान भारत गणराज्य का क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है। इसके पश्चिम में पाकिस्तान, दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश, उत्तर में पंजाब (भारत), उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा है। राज्य का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग कि॰मी॰ (132139 वर्ग मील) है। 2011 की गणना के अनुसार राजस्थान की साक्षरता दर 66.11% हैं।

२०१९ क्रिकेट विश्व कप

२०१९ क्रिकेट विश्व कप इंग्लैंड और वेल्स द्वारा आयोजित किया गया। यह बारहवीं क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिता थी और पांचवीं बार यह इंग्लैंड और वेल्स में आयोजित किया गया। इस बार विश्व कप राउंड रोबिन तकनीक से हुआ, जिसमें सभी टीमों ने आपस में एक दूसरे के साथ मैच खेला। विश्व कप २०१९ का आगाज ३० मई से हुआ जबकि इसका फाइनल मैच १४ जुलाई २०१९ को संपन्न हुआ। पहला मैच इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुआ जिसमें इंग्लैंड विजेता रहा। फाइनल इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया जिसमें इंग्लैंड को सुपर-ओवर में विश्व-कप विजेता घोषित किया गया।

२०१९ क्रिकेट विश्व कप फाइनल

२०१९ क्रिकेट विश्व कप फाइनल, एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट, २०१९ क्रिकेट विश्व कप का फाइनल है, जो १४ जुलाई २०१९ को लॉर्ड्स, इंग्लैंड में खेला गया। यह पांचवीं बार मौका है जब लॉर्ड्स में विश्व कप का फाइनल मुक़ाबला खेला गया। इस मुक़ाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को सुपर ओवर के अनुसार हराया और पहली बार विश्व विजेता बना।

२०१९ में निधन

निम्नलिखित सूची उन लोगों की है जिनका २०१९ में निधन हो गया।

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