हिमस्खलन

हिमस्खलन (avalanche) किसी ढलान वाली सतह पर तेज़ी से हिम के बड़ी मात्रा में होने वाले बहाव को कहते हैं। यह आमतौर पर किसी ऊँचे क्षेत्र में उपस्थित हिमपुंज में अचानक अस्थिरता पैदा होने से आरम्भ होते हैं। शुरु होने के बाद ढलान पर नीचे जाता हुआ हिम गति पकड़ने लगता है और इसमें बर्फ़ की और भी मात्रा शामिल होने लगती है।

Avalanche on Everest
हिमालय में होता एक हिमस्खलन

कारण

हिमपुंज में शुरु की अस्थिरता होने के कई कारण हो सकते हैं। सम्भव है कि ढलान के ऊपर हिम की मात्रा इतनी बढ़ गई हो कि वह खिसकने की सीमा पर हो, और इस स्थिति में उसपर वर्षा या और हिमपात हो जाए। कभी-कभी हिमपुंज के ऊपर से गुज़रते हुए स्की करते लोग, स्नोमोबाईल या जानवर हो सकते हैं। बम विस्फोट और भूकम्प से भी हिमस्खलन हो सकता है।[1] एक आम धारणा है कि लोगों के चिल्लाने या ऊँची अवाज़ करने से भी हिमस्खलन हो सकता है लेकिन वैज्ञानिक इसका खंडन करते हैं क्योंकि ध्वनियों का दबाव इतना नहीं होता कि हिमस्खलन कर सके।[2]

इन्हें भी देखें

सन्दर्भ

  1. Jamieson, Bruce (2000). Backcountry Avalanche Awareness. Canadian Avalanche Association. ISBN 0-9685856-1-2.
  2. "Based on order of magnitude estimates of the pressure amplitude of various sources that cause elastic or pressure (sound) waves it can be ruled out that shouting or loud noise can trigger snow slab avalanches. The amplitudes are at least about two orders of magnitude smaller than known efficient triggers. Triggering by sound really is a myth." Avalanche triggering by sound: myth and truth Benjamin Reuter and Jürg Schweizer WSL Institute for Snow and Avalanche Research SLF, Davos, Switzerland http://www.wsl.ch/info/mitarbeitende/schweizj/publications/Reuter_Schweizer_Sound_triggering_ISSW09.pdf

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