संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र (अंग्रेज़ी: United Nations) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसके उद्देश्य में उल्लेख है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और विश्व शांति के लिए कार्यरत है। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना २४ अक्टूबर १९४५ को संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ हुई।

द्वितीय विश्वयुद्ध के विजेता देशों ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र को अन्तर्राष्ट्रीय संघर्ष में हस्तक्षेप करने के उद्देश्य से स्थापित किया था। वे चाहते थे कि भविष्य में फ़िर कभी द्वितीय विश्वयुद्ध की तरह के युद्ध न उभर आए। संयुक्त राष्ट्र की संरचना में सुरक्षा परिषद वाले सबसे शक्तिशाली देश (संयुक्त राज्य अमेरिका, फ़्रांस, रूस और यूनाइटेड किंगडम) द्वितीय विश्वयुद्ध में बहुत अहम देश थे।

वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में १९३ देश है, विश्व के लगभग सारे अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त देश। इस संस्था की संरचन में आम सभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक व सामाजिक परिषद, सचिवालय और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय सम्मिलित है।

संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र झंडा

संयुक्त राष्ट्र झंडा
मुख्यालय मैनहैटन टापू, न्यूयॉर्क शहर, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य
सदस्य वर्ग 193 सदस्य देश
अधिकारी भाषाएं अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी, रूसी, स्पेनी
अध्यक्ष महासचिव Antonio guterus
जालस्थल http://www.un.org

इतिहास

UnitedNationsconference
सैन फ्रैंसिसको की संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन

प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 1929 में राष्ट्र संघ का गठन किया गया था। राष्ट्र संघ काफ़ी हद तक प्रभावहीन था और संयुक्त राष्ट्र का उसकी जगह होने का यह बहुत बड़ा फायदा है कि संयुक्त राष्ट्र अपने सदस्य देशों की सेनाओं को शांति संभालने के लिए तैनात कर सकता है।

संयुक्त राष्ट्र के बारे में विचार पहली बार द्वितीय विश्वयुद्ध के समाप्त होने के पहले उभरे थे। द्वितीय विश्व युद्ध में विजयी होने वाले देशों ने मिलकर कोशिश की कि वे इस संस्था की संरचना, सदस्यता आदि के बारे में कुछ निर्णय कर पाए।

24 अप्रैल 1945 को, द्वितीय विश्वयुद्ध के समाप्त होने के बाद, अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को में अंतराष्ट्रीय संस्थाओं की संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन हुई और यहां सारे 40 उपस्थित देशों ने संयुक्त राष्ट्रिय संविधा पर हस्ताक्षर किया। पोलैंड इस सम्मेलन में उपस्थित तो नहीं थी, पर उसके हस्ताक्षर के लिए खास जगह रखी गई थी और बाद में पोलैंड ने भी हस्ताक्षर कर दिया। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी देशों के हस्ताक्षर के बाद संयुक्त राष्ट्र की अस्तित्व हुई।

सदस्य वर्ग

United Nations Members
संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों का विश्व नक्षा

2006 तक संयुक्त राष्ट्र में 192 सदस्य देश है। विश्व के लगभग सारी मान्यता प्राप्त देश [1] सदस्य है। कुछ विषेश उपवाद तइवान (जिसकी स्थिति चीन को 1971 में दे दी गई थी), वैटिकन, फ़िलिस्तीन (जिसको दर्शक की स्थिति का सदस्य माना जा [2] सक्ता है), तथा और कुछ देश। सबसे नए सदस्य देश है माँटेनीग्रो, जिसको 28 जून, 2006 को सदस्य बनाया गया।

मुख्यालय

UN flags
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय

संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में पचासी लाख डॉलर के लिए खरीदी भूसंपत्ति पर स्थापित है। इस इमारत की स्थापना का प्रबंध एक अंतर्राष्ट्रीय शिल्पकारों के समूह द्वारा हुआ। इस मुख्यालय के अलावा और अहम संस्थाएं जनीवा, कोपनहेगन आदि में भी है।
यह संस्थाएं संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अधिकार क्षेत्र तो नहीं हैं, परंतु उनको काफ़ी स्वतंत्रताएं दी जाती है।

भाषाएँ

संयुक्त राष्ट्र ने 6 भाषाओं को "राज भाषा" स्वीकृत किया है (अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी, रूसी और स्पेनी), परंतु इन में से केवल दो भाषाओं को संचालन भाषा माना जाता है (अंग्रेज़ी और फ़्रांसीसी)।

स्थापना के समय, केवल चार राजभाषाएं स्वीकृत की गई थी (चीनी, अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी, रूसी) और 1973 में अरबी और स्पेनी को भी सम्मिलित किया गया। इन भाषाओं के बारे में विवाद उठता रहता है। कुछ लोगों का मानना है कि राजभाषाओं की संख्या 6 से एक (अंग्रेज़ी) तक घटाना चाहिए, परंतु इनके विरोध है वे जो मानते है कि राजभाषाओं को बढ़ाना चाहिए। इन लोगों में से कई का मानना है कि हिंदी को भी संयुक्त राष्ट्रसंघ की आधिकारिक भाषा बनाया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र अमेरिकी अंग्रेज़ी की जगह ब्रिटिश अंग्रेज़ी का प्रयोग करता है। 1971 तक चीनी भाषा के परम्परागत अक्षर का प्रयोग चलता था क्योंकि तब तक संयुक्त राष्ट्र तईवान के सरकार को चीन का अधिकारी सरकार माना जाता था। जब तईवान की जगह आज के चीनी सरकार को स्वीकृत किया गया, संयुक्त राष्ट्र ने सरलीकृत अक्षर के प्रयोग का प्रारंभ किया।

संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी

संयुक्त राष्ट्र में किसी भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दिए जाने के लिए कोई विशिष्ट मानदंड नहीं है। किसी भाषा को संयुक्त राष्ट्र में आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल किए जाने की प्रक्रिया में संयुक्त राष्ट्र महासभा में साधारण बहुमत द्वारा एक संकल्प को स्वीकार करना और संयुक्त राष्ट्र की कुल सदस्यता के दो तिहाई बहुमत द्वारा उसे अंतिम रूप से पारित करना होता है। [3]

भारत काफी लम्बे समय से यह कोशिश कर रहा है कि हिंदी भाषा को संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषाओं में शामिल किया जाए। भारत का यह दावा इस आधार पर है कि हिन्दी, विश्व में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा है और विश्व भाषा के रूप में स्थापित हो चुकी है। भारत का यह दावा आज इसलिए और ज्यादा मजबूत हो जाता है क्योंकि आज का भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ-साथ चुनिंदा आर्थिक शक्तियों में भी शामिल हो चुका है।[4]

२०१५ में भोपाल में हुए विश्व हिंदी सम्मेलन के एक सत्र का शीर्षक ‘विदेशी नीतियों में हिंदी’ पर समर्पित था, जिसमें हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा में से एक के तौर पर पहचान दिलाने की सिफारिश की गई थी। हिन्दी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के तौर पर प्रतिष्ठित करने के लिए फरवरी 2008 में मॉरिसस में भी विश्व हिंदी सचिवालय खोला गया था।

संयुक्त राष्ट्र अपने कार्यक्रमों का संयुक्त राष्ट्र रेडियो वेबसाईट पर हिंदी भाषा में भी प्रसारण करता है। कई अवसरों पर भारतीय नेताओं ने यू एन में हिंदी में वक्तव्य दिए हैं जिनमें १९७७ में अटल बिहारी वाजपेयी का हिन्दी में भाषण, सितंबर, 2014 में 69वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वक्तव्य, सितंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र टिकाऊ विकास शिखर सम्मेलन में उनका संबोधन, अक्तूबर, 2015 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा 70वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधन [5] और सितंबर, 2016 में 71वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा को विदेश मंत्री द्वारा संबोधन शामिल है।

उद्देश्य

संयुक्त राष्ट्र के व्यक्त उद्देश्य हैं युद्ध रोकना, मानव अधिकारों की रक्षा करना, अंतर्राष्ट्रीय कानून को निभाने की प्रक्रिया जुटाना, सामाजिक और आर्थिक विकास [6] उभारना, जीवन स्तर सुधारना और बिमारियों से लड़ना। सदस्य राष्ट्र को अंतर्राष्ट्रीय चिंताएं और राष्ट्रीय मामलों को सम्हालने का मौका मिलता है। इन उद्देश्य को निभाने के लिए 1948 में मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा प्रमाणित की गई।

मानव अधिकार

द्वितीय विश्वयुद्ध के जातिसंहार के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने मानव अधिकारों को बहुत आवश्यक समझा था। ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोकना अहम समझकर, 1948 में सामान्य सभा ने मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा को स्वीकृत किया। यह अबंधनकारी घोषणा पूरे विश्व के लिए एक समान दर्जा स्थापित करती है, जो कि संयुक्त राष्ट्र समर्थन करने की कोशिश करेगी।

15 मार्च 2006 को, समान्य सभा ने संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकारों के आयोग को त्यागकर संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद की स्थापना की।

आज मानव अधिकारों के संबंध में सात संघ निकाय स्थापित है। यह सात निकाय हैं:

  1. मानव अधिकार संसद
  2. आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों का संसद
  3. जातीय भेदबाव निष्कासन संसद
  4. नारी विरुद्ध भेदभाव निष्कासन संसद
  5. यातना विरुद्ध संसद
  6. बच्चों के अधिकारों का संसद
  7. प्रवासी कर्मचारी संसद

संयुक्त राष्ट्र महिला (यूएन वूमेन)

विश्व में महिलाओं के समानता के मुद्दे को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विश्व निकाय के भीतर एकल एजेंसी के रूप में संयुक्त राष्ट्र महिला के गठन को ४ जुलाई २०१० को स्वीकृति प्रदान कर दी गयी। वास्तविक तौर पर ०१ जनवरी २०११ को इसकी स्थापना की गयी। मुख्यालय अमेरिका के न्यूयार्क शहर में बनाया गया है। यूएन वूमेन की वर्तमान प्रमुख चिली की पूर्व प्रधानमंत्री सुश्री मिशेल बैशलैट हैं। संस्था का प्रमुख कार्य महिलाओं के प्रति सभी तरह के भेदभाव को दूर करने तथा उनके सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास करना होगा। उल्लेखनीय है कि १९५३ में ८वें संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम महिला अध्यक्ष होने का गौरव भारत की विजयलक्ष्मी पण्डित को प्राप्त है। संयुक्त राष्ट्र के ४ संगठनों का विलय करके नई इकाई को संयुक्त राष्ट्र महिला नाम दिया गया है। ये संगठन निम्नवत हैं:

  • संयुक्त राष्ट्र महिला विकास कोष १९७६
  • महिला संवर्धन प्रभाग १९४६
  • लिंगाधारित मुद्दे पर विशेष सलाहकार कार्यालय १९९७
  • महिला संवर्धन हेतु संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय शोध और प्रशिक्षण संस्थान १९७६

शांतिरक्षा

संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षक वहां भेजे जाते हैं जहां हिंसा कुछ देर पहले से बंद है ताकि वह शांति संघ की शर्तों को लगू रखें और हिंसा को रोककर रखें। यह दल सदस्य राष्ट्र द्वारा प्रदान होते हैं और शांतिरक्षा कर्यों में भाग लेना वैकल्पिक होता है। विश्व में केवल दो राष्ट्र हैं जिनने हर शांतिरक्षा कार्य में भाग लिया है: कनाडा और पुर्तगाल। संयुक्त राष्ट्र स्वतंत्र सेना नहीं रखती है। शांतिरक्षा का हर कार्य सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित होता है।

संयुक्त राष्ट्र के संस्थापकों को ऊंची उम्मीद थी की वह युद्ध को हमेशा के लिए रोक पाएंगे, पर शीत युद्ध (1945 - 1991) के समय विश्व का विरोधी भागों में विभाजित होने के कारण, शांतिरक्षा संघ को बनाए रखना बहुत कठिन था।

संघ की स्वतंत्र संस्थाएं

संयुक्त राष्ट्र संघ की विशिष्ट संस्थाएं
सं. लघुनाम ध्वज संस्था मुख्यालय अध्यक्ष स्थापना
1 एफएओ
खाद्य एवं कृषि संगठन
खाद्य एवं कृषि संगठन इटली रोम, इटली सेनेगल जैकस डियोफ १९४५
2 आईएईए
अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण
अन्तर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण ऑस्ट्रिया वियना, ऑस्ट्रिया जापान युकीया अमानो १९५७
3 आईसीएओ
अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन
अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन कनाडा मॉन्ट्रियल, कनाडा फ़्रान्स रेमंड बेन्जामिन १९४७
4 आईएफएडी
अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष
अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष इटली रोम, इटली नाईजीरिया कनायो एफ न्वान्ज़े १९७७
5 आईएलो
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संघ
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संघ स्विट्ज़रलैंड जेनेवा, स्विट्जरलैंड चिली जुआन सोमाविया १९४६
6 आईएमओ
अंतर्राष्ट्रीय सागरीय संगठन
अंतर्राष्ट्रीय सागरीय संगठन यूनाइटेड किंगडम लंदन, ब्रिटेन यूनान ई. मित्रोपौलुस १९४८
7 आईएमएफ
अंतर्राष्ट्रीय मॉनीटरी फंड
अंतर्राष्ट्रीय मॉनीटरी फंड संयुक्त राज्य वाशिंगटन, सं.रा फ़्रान्स डोमिनीक स्ट्रॉस काह्न १९४५
8 आईटीयू अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ स्विट्ज़रलैंड जेनेवा, स्विट्जरलैंड माली हमादोऊं टौरे १९४७
9 यूनेस्को
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन फ़्रान्स पैरिस, फ्रांस बुल्गारिया आयरीना बोकोवा १९४६
10 यूएनआईडीओ
संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन
संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन ऑस्ट्रिया वियना, ऑस्ट्रिया सियरा लोन कान्देह युमकेला १९६७
11 यूपीयू
वैश्विक डाक संघ
वैश्विक डाक संघ स्विट्ज़रलैंड बर्न, स्विट्जरलैंड फ़्रान्स एदुआर्दो डायन १९४७
12 डब्ल्यु बी
विश्व बैंक
विश्व बैंक संयुक्त राज्य वाशिंगटन, सं.रा संयुक्त राज्य रॉबर्ट बी ज़ोलिक १९४५
13 डब्ल्यु एफपी
विश्व खाद्य कार्यक्रम
विश्व खाद्य कार्यक्रम इटली रोम, इटली संयुक्त राज्य जोसेट शीरान १९६३
14 डब्ल्यु एच ओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन
विश्व स्वास्थ्य संगठन स्विट्ज़रलैंड जेनेवा, स्विट्जरलैंड हॉन्ग कॉन्ग मार्गरेट चैन १९४८
15 डब्ल्युआईपीओ
वर्ल्ड इन्टलेक्चुअल प्रोपर्टी ऑर्गनाइजेशन
वर्ल्ड इन्टलेक्चुअल प्रोपर्टी ऑर्गनाइजेशन स्विट्ज़रलैंड जेनेवा, स्विट्जरलैंड ऑस्ट्रेलिया फ्रांसिस गुरी १९७४
16 डब्ल्युएमओ
विश्व मौसम संगठन
विश्व मौसम संगठन स्विट्ज़रलैंड जेनेवा, स्विट्जरलैंड रूस एलेक्ज़ेन्डर बेद्रित्स्की १९५०
17 डब्ल्युटीओ
विश्व पर्यटन संगठन
विश्व पर्यटन संगठन स्पेन मद्रीद, स्पेन जार्डन तालिब रिफाई १९७४

संयुक्त राष्ट्र संघ के अपने कई कार्यक्रमों और एजेंसियों के अलावा १४ स्वतंत्र संस्थाओं से इसकी व्यवस्था गठित होती है। स्वतंत्र संस्थाओं में विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व स्वास्थ्य संगठन शामिल हैं। इनका संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ सहयोग समझौता है। संयुक्त राष्ट्र संघ की अपनी कुछ प्रमुख संस्थाएं और कार्यक्रम हैं।[7] ये इस प्रकार हैं:

सन्दर्भ

  1. UN News Centre (२०१५). "UN News - Compelling moments from 2015, told by UN human rights experts". अभिगमन तिथि १० दिसम्बर २०१५.
  2. यूएनएफसीसीसी (२०१५). "Draft Paris Outcome" (PDF). अभिगमन तिथि १० दिसम्बर २०१५.
  3. प्रश्न सं.1028 संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी
  4. [1]
  5. अटल जी के बाद सुषमा का यादगारी भाषण
  6. यूएन न्यूज़ सेंटर (२०१५). "On Anti-Corruption Day, UN says ending 'corrosive' crime can boost". अभिगमन तिथि १० दिसम्बर २०१५.
  7. संयुक्त राष्ट्र - एक परिचय। बीबीसी-हिन्दी

बाहरी कडियाँ

अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ

अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ, अंतरराष्ट्रीय आधारों पर मजदूरों तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नियम बनाता है। यह संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट संस्था है। 1969 में इसे विश्व शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मज़दूरों के अधिकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) का गठन किया गया। यह एक संस्था है जो संयुक्त राष्ट्र में उपस्थित है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक मुद्दों को देखने के लिये स्थापित हुई है। पूरे 193 (यूएन) सदस्य राज्य के इसमें लगभग 187 सदस्य हैं। विभिन्न वर्गों के बीच में शांति प्रचारित करने के लिये, मजदूरों के मुद्दों को देखने के लिये, राष्ट्र को विकसित बनाने के लिये, उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिये वर्ष 1969 में इसे नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) मजदूर वर्ग के लोगों के लिये अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की सभी शिकायतों को देखता है। इसके पास त्रिकोणिय संचालन संरचना है अर्थात् “सरकार, नियोक्ता और मजदूर का प्रतिनिधित्व करना (सामान्यतया 2:1:1 के अनुपात में)” सरकारी अंगों और सामाजिक सहयोगियों के बीच मुक्त और खुली चर्चा उत्पन्न करने के लिये, अंतरराष्ट्रीय श्रमिक कार्यालय के रूप में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन सचिवालय कार्य करता है।

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) के कार्यों में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक सम्मेलन, स्वीकार करना या कार्यक्रम आयोजित करना, मुख्य निदेशक को चुनना, मजदूरों के मामलों के बारे में सदस्य राज्य के साथ व्यवहार, अंतरराष्ट्रीय श्रमिक कार्यालय कार्यवाही की जिम्मेदारी के साथ ही जाँच कमीशन की नियुक्ति के बारे में योजना बनाने या फैसले लेने के लिये संस्था को अधिकार प्राप्त है। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (आईएलओ) के पास लगभग 28 सरकारी प्रतिनिधि हैं, 14 नियोक्ता प्रतिनिधि और 14 श्रमिकों के प्रतिनिधि हैं। जिसमें भारत से भारतीय मजदूर संघ की भुमिका अहम मानी जाती है। आम नीतियाँ बनाने के लिये, कार्यक्रम की योजना और बजट निर्धारित करने के लिये जून के महीने में जेनेवा में वार्षिक आधार पर ये एक अंतरराष्ट्रीय श्रमिक सभा आयोजित करता है (श्रमिकों की संसद के पास 4 प्रतिनिधि हैं, 2 सरकारी, 1 नियोक्ता और 1 मजदूरों का नुमाइंदा)।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लम्बा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण से की थी जिसमें उन्होंने कहा:

जिसके बाद 21 जून को " अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" घोषित किया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को " अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।

जनसंख्या

जीव विज्ञान में, विशेष प्रजाति के अंत: जीव प्रजनन के संग्रह को जनसंख्या कहते हैं; समाजशास्त्र में इसे मनुष्यों का संग्रह कहते हैं। जनसँख्या के अन्दर आने वाला प्रत्येक व्यक्ति कुछ पहलू एक दुसरे से बांटते हैं जो कि सांख्यिकीय रूप से अलग हो सकता है, लेकिन अगर आमतौर पर देखें तो ये अंतर इतने अस्पष्ट होते हैं कि इनके आधार पर कोई निर्धारण नहीं किया जा सकता.

जनसांख्यिकी का प्रयोग विपणन में व्यापक रूप से होता है, ये आर्थिक इकाइयों, जैसे कि खुदरा व्यापारियों, संभावित ग्राहकों से सम्बंधित हैं। उदाहरण के लिए, एक कॉफी की दुकान है जो कि युवाओं को अपना ग्राहक बनाना चाहता है, ऐसा करने के लिए वो क्षेत्रों की जनसांख्यिकी को देखता है ताकि वो युवा दर्शकों को आकर्षित करने में सक्षम हो पाए.

देश

एक देश किसी भी जगह या स्थान है जिधर लोग साथ-साथ रहते है, और जहाँ सरकार होती है। संप्रभु राज्य एक प्रकार का देश है। संयुक्त राष्ट्र १९३ देशों को मानती है।

बैडफर्ड, इंडियाना

बैडफर्ड संयुक्त राष्ट्र के इण्डियाना का एक शहर है जिनकी २०१० की जनगणना के अनुसार जनसंख्या १३,४१३ है।

भारत-संयुक्त राष्ट्र संघ सम्बन्ध

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों एवं सिद्धांतों का लगातार समर्थन किया है तथा विशेष रूप से शांति स्थापना के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के लक्ष्यों को कार्यान्वित करने में महत्वपूर्ण रूप से योगदान दिया है। संयुक्त राष्ट्र के भूतपूर्व महासचिव कोफी अन्नान के अनुसार पिछले दशकों में भारत ने अपनी सरकार के प्रयासों तथा भारतीय विद्वानों, सैनिकों एवं अंतरराष्ट्रीय सिविल कर्मचारियों के काम के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संध में प्रचुर योगदान किया है। भारत विकासशील देशों की ओर से संयुक्त राष्ट्र के एजेंडा को आकार देने में इसकी सहायता करने में सबसे प्रखर आवाजों में से एक रहा है और इसके सशस्त्र बलों का अनुभव एवं व्यावसायिकता बार-बार संयुक्त राष्ट्र की शांति स्थापना से संबंधित अभियानों में अमूल्य साबित हुआ है। विगत् वर्षों में भारत ने संयुक्त राष्ट्र को ऐसे मंच के रूप में देखा है जो अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के गारंटर के रूप में भूमिका निभा सकता है। वर्तमान में भारत ने विकास एवं गरीबी उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, जलदस्युता, निःशस्त्रीकरण, मानवाधिकार, शांति निर्माण एवं शांति स्थापना की बहुपक्षीय वैश्विक चुनौतियों की भावना में संघर्ष करने के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास किया है।

भारत ने हमेशा से ही संयुक्त राष्ट्र संघ में अपनी आवाज मजबूती के साथ उठायी है। भारत ने गुट-निरपेक्ष आंदोलन तथा विकासशील देशों का समूह 77 का गठन किया जिन्होंने अधिक साम्यपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक एवं राजनितिक व्यवस्था के लिए संयुक्त राष्ट्र के अन्दर दलील प्रस्तुत की। संयुक्त राष्ट चार्टर के अनुच्छेद 53 में इस

बात का उल्लेख है कि बहुपक्षीय संगठन उच्च जीवन स्तर, पूर्ण रोजगार तथा आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति एवं विकास को बढ़ावा देंगे। विगत् दशकों में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष एवं विश्व बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में सुधार के लिए आह्वान करने के अलावा भारत ने सभी प्रकार के आतंकवाद के प्रति शून्य सहायता के दृष्टिकोण की वकालत की है। 1996 में भारत ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर एक प्रारूप व्यापक अभिसमय (सीसीआईटी) प्रस्तुत किया जिसका उद्देश्य आतंकवाद से लड़ने के लिए एक आद्योपांत कानूनी रूपरेखा प्रदान करता है। भारत संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या निधि जैसी संयुक्त राष्ट्र निधियों में योगदान करने वाले प्रमुख देशों में से एक है। इस निधि की स्थापना 2005 में की गई थी। आज भारत लोकतांत्रिक मूल्यों एवं प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए इस निधि में योगदान करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत 2011-12 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् का अस्थायी सदस्य था तथा इस क्षेत्र में समुद्री जल दस्युता पर एक खुली चर्चा को आगे बढ़ाया। भारत अब तक सात बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है।

मॉल्डोवा

मोल्दावा, आधिकारिक तौर पर मोल्दोवा गणराज्य, पूर्वी यूरोप में स्थित एक लैंडलाक देश है, जिसके पश्चिम में रोमानिया और उत्तर, पूर्व और दक्षिण में यूक्रेन स्थित है।

पुराने समय में आज का मोल्दोवा दासिया का हिस्सा हुआ करता था, जिसके बाद यह रोमन साम्राज्य के अधीन आ गया। मध्य युग में आज के मोल्दोवा का अधिकांश हिस्सा मोल्दोवा राज्य का हिस्सा हुआ करता था। 1812 में इस राज्य के पूर्वी हिस्से पर रूसी साम्राज्य ने कब्जा कर लिया और नाम रखा गया बेस्साराबिया. 1856 से लेकर 1878 के बीच दक्षिण के दो प्रांत (काउंटी) मोल्दोवा में फिर से मिल गए, जो 1859 में वेलाशिया के साथ मिलकर आधुनिक रोमानिया बनाए थे।

1917 में रूसी साम्राज्य के विघटन के बाद पहले स्वायत्त और बाद में स्वतंत्र मोल्दोवियाई लोकतांत्रिक गणराज्य का गठन किया गया, जो 1918 में वृहदतर रोमानिया के साथ मिल गया। 1940 में बेस्साराबिया पर सोवियत संघ ने कब्जा कर यूक्रेनियाई एसएसआर और नवनिर्मित मोल्दोवियाई एसएसआर में विभक्त कर दिया। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सत्ता परिवर्तन के दौर से लेकर 27 अगस्त 1991 को स्वतंत्र होने तक, यह देश सोवियत संघ का हिस्सा बना रहा। मार्च 1992 में मोल्दोवा संयुक्त राष्ट्र में शामिल किया गया।

सितंबर 1990 में मोल्दोवा के द्नाइस्त्र नदी के पूर्वी तट से लगी संकरे क्षेत्र ट्रांसट्रिया में अलग सरकार का गठन किया गया। 1992 में एक छोटे युद्ध के बाद यह स्वतंत्र राष्ट्र बन गया, हालांकि किसी भी संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश इसे मान्यता नहीं दी है।

देश में संसदीय गणतंत्र है, जहां राष्ट्रपति राष्ट्र का मुखिया है और प्रधानमंत्री सरकार के मुखिया हैं। मोल्दोवा संयुक्त राष्ट्र के अलावा, यूरोपीय समिति, डब्ल्यूटीओ, ओएससीई, गुआम, सीआईएस, बीएसईसी और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सदस्य है। मोल्दोवा वर्तमान में यूरोपीय संघ का सदस्य बनना चाहता है और यूरोपीय पड़ोसी नीति के तहत पहले तीन साल कार्य योजना पर अमल कर लिया है। देश की राजधानी चिसीनाउ है।

युनेस्को

यूनेस्को (UNESCO) 'संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational Scientific and Cultural Organization)' का लघुरूप है।

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) संयुक्त राष्ट्र का एक घटक निकाय है। इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अंतराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानवाधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बने|

The headquarters of UNESCO is in Paris,France.

संयुक्त राज्य

अमेरिका के संयुक्त राज्य (अंग्रेज़ी: United States of America) (यू एस ए), जिसे सामान्यतः संयुक्त राज्य (अंग्रेज़ी: United States) (यू एस) या अमेरिका कहा जाता हैं, उत्तरी अमेरिका में स्थित एक देश हैं, यह 50 राज्य, एक फ़ेडरल डिस्ट्रिक्ट, पाँच प्रमुख स्व-शासनीय क्षेत्र, और विभिन्न अधिनस्थ क्षेत्र से मिलकर बना हैं। 48 संस्पर्शी राज्य और फ़ेडरल डिस्ट्रिक्ट, कनाडा और मेक्सिको के मध्य, केन्द्रीय उत्तर अमेरिका में हैं। अलास्का राज्य, उत्तर अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है, जिसके पूर्व में कनाडा की सीमा एवं पश्चिम मे बेरिंग जलसन्धि रूस से घिरा हुआ है। वहीं हवाई राज्य, मध्य-प्रशान्त में स्थित हैं। अमेरिकी स्व-शासित क्षेत्र प्रशान्त महासागर और कॅरीबियाई सागर में बिखरें हुएँ हैं।

38 लाख वर्ग मील (98 लाख किमी2) और 32.4 करोड़ से अधिक जनसंख्या के साथ, संयुक्त राज्य कुल क्षेत्रफल के अनुसार विश्व का तीसरा सबसे बड़ा (और भूमि क्षेत्रफल के अनुसार, चौथा सबसे बड़ा) देश हैं। ३०.५ करोड़ की जनसंख्या के साथ यह चीन और भारत के बाद जनसंख्या के अनुसार तीसरा सबसे बड़ा देश हैं। यह विश्व के सबसे संजातीय आधार पर विविध और बहुसांस्कृतिक राष्ट्रों में से एक हैं, जिसका मुख्य कारण अन्य कई देशों से बड़े पैमाने पर आप्रवासन रहा हैं। इस देश की राजधानी वॉशिंगटन, डी॰ सी॰ हैं, और सबसे बड़ा शहर न्यूयॉर्क हैं। अन्य प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों में लॉस एंजेलिस, शिकागो, डैलस, सैन फ़्रांसिस्को, बोस्टन, फिलाडेल्फिया, ह्युस्टन, अटलांटा, और मियामी शामिल हैं। इस देश का भूगोल, जलवायु और वन्यजीवन बेहद विविध हैं।संयुक्त राज्य अमेरिका एक अत्यधिक विकसित देश है, नाममात्र, सकल घरेलू उत्पाद के माध्यम से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और क्रय-शक्ति समता के अनुसार दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हालांकि इसकी आबादी दुनिया के कुल का केवल 4.3% है, अमेरिका में दुनिया में कुल संपत्ति का लगभग 40% हिस्सा है। औसत मजदूरी, मानव विकास, प्रति व्यक्ति जीडीपी, और प्रति व्यक्ति उत्पादकता सहित कई सामाजिक आर्थिक प्रदर्शन के मामलें में संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे ऊपर है। हालांकि यू.एस. को औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिये जाना जाता है, आज उसका सेवाओं और ज्ञान अर्थव्यवस्था में प्रभुत्व हासिल है, वहीं विनिर्माण के क्षेत्र मे यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा स्थान है। वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक चौथाई और वैश्विक सैन्य खर्च के एक तिहाई के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया की अग्रणी आर्थिक और सैन्य शक्ति है। संयुक्त राज्य अमेरिका, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख राजनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति है, और वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों में अग्रणी है।

संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र

संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र (United Nations Charter) वह पत्र है जिसपर 50 देशों के हस्ताक्षर द्वारा संयुक्त राष्ट्र स्थापित हुआ। अक्सर इस पत्र को संविधान माना जाता है, पर वास्तव में यह एक संधि है। इस पर अावश्यक 50 हस्ताक्षर 26 जून 1945 को हुए, पर संयुक्त राष्ट्र वास्तव में 24 अक्टूबर 1945 को स्थापित हुआ जब पांच मुख्य संस्थापक देशों (चीन गणराज्य, फ़्रांस, संयुक्त राज्य, यूनाइटेड किंगडम और सोवियत संघ) ने इस पत्र को स्वीकृत किया।

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक तथा सामाजिक परिषद (अंग्रेज़ी लघुरूप:ईसीओएसओसी) संयुक्त राष्ट्र संघ के कुछ सदस्य राष्ट्रों का एक समूह है, जो सामान्य सभा को अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग एवं विकास कार्यक्रमों में सहायता करता है। यह परिषद सामाजिक समस्याओं के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय शांति को प्रभावी बनाने में प्रयासरत है। इसके अनुसार विश्व में शांति बनाये करने का एकमात्र हल राजनीतिक नहीं है। इसकी स्थापना 1945 की गयी थी। आरंभिक समय में इस परिषद में मात्र 18 सदस्य होते थे। 1965 में संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र को संशोधित करके इसके सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 27 कर दी गई और 1971 में सदस्यों की संख्या बढ़कर 54 हो गई। प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। एक-तिहाई सदस्य प्रतिवर्ष पदमुक्त होते हैं, यानि प्रतिवर्ष 18 सदस्य बदले जाते हैं। पदमुक्त होने वाला सदस्य पुन: निर्वाचित भी हो सकता है। आर्थिक तथा सामाजिक परिषद में प्रत्येक सदस्य राज्य का एक ही प्रतिनिधि होता है। अध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष के लिए होता है और उसका चयन ईसीओएसओसी के छोटे और मंझोले प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। वर्तमान में इसके अध्यक्ष सिल्वी ल्सूकस है। 1992 में आर्थिक और सामाजिक परिषद के अधिकारों को बढ़ाया गया। अल्जीरिया, चीन, बेलारुस, जापान, सूडान, न्यूजीलैंड इसके सदस्य हैं। यहां के निर्णय उपस्थित एवं मतदान में भाग लेने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत द्वारा लिए जाते हैं। किसी विशेष राज्य के विषय पर विचार करने के लिए जब परिषद की बैठक होती है, तो वह उस राज्य के प्रतिनिधि को आमंत्रित करती है। इस बैठक विशेष में उस प्रतिनिधि को मत देने का अधिकार नहीं होता है। परिषद हर वर्ष जुलाई में चार सप्ताह के लिए मिलती है और 1998 के बाद से वह अप्रैल में विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक निधि के वित्तीय मंत्रियों के साथ एक और सम्मेलन होता है।

आर्थिक एवं सामाजिक परिषद विश्व की जनसंख्या के जीवन में सुधार हेतु गरीबों, घायलों एवं अशिक्षितों की सहायता करके अंतर्राष्ट्रीय शांति बहाली के प्रयास करती है। यह अंतर्राष्ट्रीय मामलों में आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य आदि मामलों का अध्ययन करती है।

संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, नैरोबी

संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, नैरोबी संयुक्त राष्ट्र के चार मे से एक आधिकारिक कार्यालयों मे से एक है। इसको १९९६ में स्थापित किया गया था। यह अफ्रीका में संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है। यह नायरोबी में है जो पूर्व अफ़्रीका के कीनिया देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। कार्यालय का नेतृत्व महासचिव-जनरल स्तर पर एक महानिदेशक द्वारा किया जाता है, जो सचिव के प्रतिनिधि कार्यालय के रूप में कार्य करता है। नैरोबी में सामान्य और स्थायी मिशन, मेजबान देश और अन्य सरकारों, और नैरोबी में अंतर सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के साथ-साथ केन्या में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अन्य संगठनों के साथ प्रतिनिधित्व और संपर्क कार्य करता है; संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय संगठनों के बीच सहयोग की सुविधा प्रदान करता है; संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) और संयुक्त राष्ट्र मानव निपटान कार्यक्रम (संयुक्त राष्ट्र-आवास) को प्रशासनिक और अन्य सहायता सेवाएं प्रदान करता है; केन्या में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अन्य संगठनों को लागू होने के रूप में संयुक्त और सामान्य सेवाएं प्रदान करता है; और प्रशासन, सम्मेलन सेवाओं और सार्वजनिक सूचना के कार्यक्रमों का प्रबंधन और कार्यान्वयन करता है और नैरोबी में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों और सुविधाओं के लिए सुरक्षा और सुरक्षा सेवाएं प्रदान करता है। अन्ना टिबिज़ुका

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन

खाद्य एवं कृषि संगठन (अंग्रेज़ी:फूड एंड एग्रीकल्चरल ऑर्गेनाइजेशन, एफ़.ए.ओ) एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, जो कृषि उत्पादन, वानिकी और कृषि विपणन संबंधी शोध विषय का अध्ययन करता है। यह संगठन खाद्य एवं कृषि संबंधी ज्ञान और जानकारियों के आदान-प्रदान करने का मंच भी है। इसके साथ-साथ यह इन क्षेत्रों में विभिन्न देशों के अधिकारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करता है। विकासशील देशों में कृषि के विकास में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। एफ़.ए.ओ विकासशील देशों को बदलती तकनीक जैसे कृषि, पर्यावरण, पोषक तत्व और खाद्य सुरक्षा के बारे में जानकारी देता है। यह संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ की एक विशिष्ट संस्था है और उसी के अन्तर्गत्त कार्य करता है।

इस संगठन की स्थापना १६ अक्टूबर, १९४५ को क्यूबेक शहर, कनाडा में हुई थी। १९५१ में इसका मुख्यालय वाशिंग्टन से रोम स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में १९१ राष्ट्र इसके सदस्य हैं, जिसमें यूरोपियाई समुदाय एवं फैरो द्वीपसमूह भी सम्मिलित हैं, जो एसोसियेट सदस्य हैं।. एफ.ए.ओ के प्रथम महानिदेशक ब्रिटेन के जॉन ओर थे। इसके वर्तमान महानिदेशक सेनेगल के जैक्स डियोफ हैं। इस संगठन को सदस्य देशों के सम्मेलन द्वारा शासित किया जाता है। इसकी बैठक द्विवार्षिक होती है, जिसमें पिछले दो वर्ष में किये गए कार्यो की समीक्षा और आगामी दो वर्षो के लिए बजट पारित किया जाता है। वर्ष २००८-०९ का बजट ९२.९८ करोड़ अमरीकी डालर था। इस सम्मेलन में ४९ लोगों का चयन भी किया जाता है जो अंतरिम शासित समिति के रूप में कार्य करती है। इस सम्मेलन में ही महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) का चुनाव भी होता है। सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। इस संगठन के आठ विभाग हैं, प्रशासन एवं वित्त, आर्थिक और सामाजिक, फिशरीज, वानिकी, सामान्य विषय और सूचना, सतत विकास, कृषि और उपभोक्ता सुरक्षा और तकनीकी सहयोग हैं। एफएओ का आम वित्त-पोषण उसके सदस्यों द्वारा वहन किया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (अंग्रेज़ी:यूनाईटेड नेशंस एन्वायरनमेंट प्रोग्राम, लघु:UNEP) संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण संबंधी गतिविधियों का नियंत्रण करता है। इसकी स्थापना जून १९७२ में संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के परिणामस्वरूप की गई थी। इसका मुख्यालय नैरोबी में स्थित है। इसके साथ ही इसके छः अन्य देशों में भी क्षेत्रीय कार्यालय हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा

संयुक्त राष्ट्र महासभा (अंग्रेज़ी: United Nations General Assembly), संयुक्त राष्ट्र के छः अंगों में से एक हैं और यहीं केवल सर्वांगीण संस्था है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के समस्त सदस्य राष्ट्रों का सम प्रतिनिधित्व है। महासभा संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र के अंतर्गत आनेवाले समस्त विषयों पर तथा संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न अंगों की कार्यपरिधि में आनेवाले प्रश्नों पर विचार करती है और सदस्य राष्ट्रों एवं सुरक्षा परिषद् से उचित अभिस्ताव कर सकती है।इसमे सभी सदस्य देेेशो के पृतिनिधि सम्मलित तसहोते है।इसलिए इसे विश्व की लघु संसद भी कहा गया है।

मेयह संयुक्त राष्ट्र के पांच मुख्य अंगों में से एक है। इस सभा का हर वर्ष सब सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ सम्मेलन होता है। इन प्रतिनिधियों में से एक को अध्यक्ष चुना जाता है। क्योंकि समान्य सभा वह अकेला मुख्य अंग है जिसमें सब सदस्य देश सम्मिलित होते है, उसके सम्मेलन अधिकतर विवाद के मंच होते है।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय

संयुक्त राष्ट्र संगठन का मुख्यालय [[[अमेरिका]] के न्युयॉर्क शहर में स्थित है। इसका भवन आधिकारिक रूप से 9 जनवरी 1951 को खुला। इस भवन का निर्माण 1949-1950 में हुआ। इसके लिए विलियम जेकेंडॉफ से नदी के पूर्वी किनारे पर 17 एकड़ जमीन खरीदी गई। इस सौदे में नेल्सन रॉकफेलर की अहम भूमिका थी।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

{{जानकारी

|name =संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

|image=United Nations Security Council.jpg

|caption=संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कक्ष

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|मुख्यालय=मैनहैटन टापू, न्यूयॉर्क शहर, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य

|सदस्य=स्थाई सदस्य चीन, फ़्रांस, रूस, [[यूनाइटेड किंगडम],संयुक्त राज्य(१ जनवरी २००७ से ३१ दिसंबर २००८ तक) बेल्जियम, इंडोनेशिया, इटली, पनामा, दक्षिण अफ्रिका

(१ जनवरी २००८ से ३१ दिसंबर २००९ तक) बुरकीना फ़ासो, कोस्टा रीका, क्रोएशिया, लीबिया, वियतनाम

|अध्यक्ष=सुरक्षा परिषद अध्यक्षएलिबो रोसेली (मई 2017)

|भाषा=अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी, रूसी, स्पेनी

|जालस्थल=http://www.un.org

}}

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र के छः प्रमुख अंगों में से एक अंग है, जिसका

उत्तरदायित्व है अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना। परिषद को अनिवार्य निर्णयों को घोषित करने का अधिकार भी है। ऐसे किसी निर्णय को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव कहा जाता है।

सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य है ः पांच स्थाई और दस अल्पकालिक (प्रत्येक 2 वर्ष के लिए). पांच स्थाई सदस्य हैं चीन, फ़्रांस, रूस, ग्रेट ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका । इन पांच देशो को कार्यविधि मामलों में तो नहीं पर विधिवत मामलों में प्रतिनिषेध शक्ति है। बाकी के दस सदस्य क्षेत्रीय आधार के अनुसार दो साल की अवधि के लिए सामान्य सभा द्वारा चुने जाते है। सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष हर महीने वर्णमालानुसार बदलता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के छह अंग होते हैं 1.सुरक्षा परिषद् 2.अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय 3.महासभा 4.सचिवालय 5.आर्थिक और सामाजिक परिषद् 6.न्यायसिता परिषद्

२००६

२००६ ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। वर्ष २००६ रविवार से प्रारम्भ होने वाला वर्ष है।

२१ जून

21 जून ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 172वाँ (लीप वर्ष में 173 वाँ) दिन है। साल में अभी और 193 दिन बाकी हैं।

२१जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी भी मनाया जाता है जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में रखकर की जिसकी स्वीकृति संयुक्त राष्ट्र ने ११ दिसंबर २०१४ को दे दी। भारत में योग का प्रतिनिधित्व योगगुरु बाबा रामदेव करते है जिन्होंने लाखो गरीब लोगो को निशुल्क योग शिविर लगा कर कई गंभीर बीमारियों से निजात दिलाई है। योग मन की शांति का एक मार्ग है।

संयुक्त राष्ट्र (यू एन)
संगठन
मुख्य कार्यालय
कार्यक्रम
एवं संस्थाएं
पत्र
दिवस

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