दाउद

दाउद (ईब्रानी: דוד (दविद) “महबूब”, (१०४०-९६० ई.पू.)) ईब्रानी पवित्र ग्रन्थों के अनुसार, इज़राइल का राजा था। साऊल के उत्तराधिकारी दाऊद इज़राइल के संवौधिक प्रसिद्ध राजा हैं। तत्कालीन प्रचलित बहुविवाह दाऊद की पारिवारिक झंझटों का मुख्य कारण सिद्ध हुआ। वह ईश्वर के सच्चे भक्त थे और उन्होंने दीनतापूर्वक अपने पापों को स्वीकार कर लिया, उनके लिखे भजन आज भी ईसाई पूजा में प्रयुक्त हैं। महान योद्धा, प्रशासक तथा भवन निर्माता के रूप में यह न्यायत: लब्धप्रतिष्ठ हैं। ईसा मसीह 'दाऊद का पुत्र' कहलाते हैं क्योंकि वह दाऊद के राजवंश में उत्पन्न हुए थे।

हालाँकि दाउद के पास काफ़ी दोष भी थे, पवित्र किताबें उसका ख़ूबसूरत चित्र खींचतीं हैं। वह भी वादक और कवि था। पुराण कहता है कि दाउद ने बहुत पवित्र भजन रचे।

अगर मज़हब-ए-इस्लाम की बात करें तो हज़रात दाउद आलैहीसलाम एक अज़ीम पैग़म्बर हैं और ख़ुदा ने उन्हें किताबें ज़ुहूर की थी जो आज की दुनिया में अलग नाम से जानी जाती है। जब दाउद ख़ुदा की याद में मोहब्बत उस पाक किताब की तिलावत करते थे तो पहाड़ भी कांपते थे और झूमते थे। दाउद के लिए ख़ुदा ने लोहा नरम किया था और उन्हें ऐलान-ए-नबूवत करने को कहा था। दाउद के बेटे हज़रात सुलैमान ख़ुदा ने बहुत सी ताक़त से नवाज़ा था। दाउद ने एक ख़ुदा की इबादत करने का हुक्म दिया और इंसानियत पत्थर के बने झूठे और नक़ली ख़ुदा की इबादत करने से बचाया था। हज़रात दाउद इस्लाम में एक सच्चे नबी और ख़ुदा के नेक पैग़म्बर हैं।

परिचय

साल 1010-1003 (मसीहे से पहले) दाउद यहूदा की बादशाहत पर मालिक था और साल 1003-970 (म.प) वह सब इज़राइल की संयुक्त बादशाहत पर मालिक था। पवित्र किताबें जिन में दाउद का नाम लिखा है, वे: शमूएल की दो किताबें, राजों की पहली किताब और इतिवृतों की पहली किताब।

यहूदियों के लिए, दाउद की ज़िन्दगी बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन ईसाई धर्म के ख़याल से और मुसलमान धर्म के ख़याल से भी दाउद बड़ा राजा था और उसकी कहानी ईसाइयों के पास और मुसलमानों के पास एक प्रतीक होती है।

“दाउद के तारे” का नाम असल में “दाउद की फरी” (ईब्रानी ज़बान में: מגן דוד [मगन-दविद]। वह आज के इज़राइल के राष्ट्रीय चिह्नक का चिह्न होती है।

हिंदी और उर्दू में दाउद का नाम “दाउद” है। “दैविद” जो अंग्रेज़ी नाम है, भारतीय ज़बानों में ग़लत भी है। ईब्रानी ज़बान דוד [दविद] से नाम अरबी में دود [दवद] बदला था और अरबी ज़बान से नाम फ़ारसी में [दऊद] बन गया। फिर उर्दू और हिंदी में “दाउद” का उच्चारण पड़ा।

मग़रिब में ईब्रानी नाम “दविद” रोमानी (रोम की ज़बान) में David [दावीद] बन गया और जैसा रोम की ज़बान में था ऐसा फ़्रांसीसी, इस्पानी, इताली और पुरतक़ाली ज़बानों में था। बस अंग्रेज़ी उच्चारण ने रोमानी ज़बान से नाम बदला और [डेविड] पड़ा।

इब्रानी भाषा

इब्रानी (עִבְרִית, इव्रित, इव्ख़्रित) सामी-हामी भाषा-परिवार की सामी शाखा में आने वाली एक भाषा है। ये इस्राइल की मुख्य और राष्ट्रभाषा है। इसका पुरातन रूप तौराती इब्रानी यहूदी धर्म की धर्मभाषा है और तौरात, बाइबिल का पुराना नियम, इसी में लिखा गया था। ये इब्रानी लिपि में लिखी जाती है ये दायें से बायें पढ़ी और लिखी जाती है। पश्चिम के विश्वविद्यालयों में आजकल इब्रानी का अध्ययन अपेक्षाकृत लोकप्रिय है।

प्रथम महायुद्ध के बाद फिलिस्तीन (यहूदियों का इज़रायल नामक नया राज्य) की राजभाषा आधुनिक इब्रानी है। सन् १९२५ई. में जेरूसलम का इब्रानी विश्वविद्यालय स्थापित हुआ जिसके सभी विभागों में इब्रानी ही शिक्षा का माध्यम है। इज़रायल राज्य में कई दैनिक पत्र भी इब्रानी में निकलते हैं।

इब्रानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के भाषा वैज्ञानिकों ने भाषाओं की मृत सूची में डाल दिया था। 1948 में जब इस्राइल स्वतंत्र हुआ तो उसने तुर्की की तरह ही अपनी भाषा इब्रानी में शिक्षा और शासन-प्रशासन से जुड़ी गतिविधियों को कार्यान्वित करने का निर्णय लिया। आज यहां सभी शैक्षिक, प्रशासनिक, वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों के लक्ष्य इब्रानी में गरिमा के साथ प्राप्त कर लिए हैं। यहां विज्ञान और तकनीक से जुड़े श्रेष्ठतम आविष्कारों की शब्दावली इब्रानी में है।

इस्लाम

इस्लाम (अरबी: الإسلام या मुस्लिम) इब्राहिमी परंपरा से निकला एकेश्वरवादी धर्म है। इसकी शुरुआत 7वीं सदी के अरेबिया में हुई। इस्लाम अल्लाह के अंतिम रसूल, हजरत मुहम्मद के द्वारा मनुष्यों तक पहुंचाई गई ईश्वरीय किताब क़ुरआन की शिक्षा पर आधारित है, तथा इसमें हदीस, सीरत व शरीयत धर्मग्रन्थ हैं। इस्लाम में सुन्नी, शिया व सूफ़ी समुदाय प्रमुख हैं। मुस्लिमों के धार्मिक स्थल मस्जिद तथा मज़ार हैं।

इस्लाम विश्व का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।

इस्लामी पवित्र ग्रन्थ

मुस्लिम समुदाय के विश्वासों के आधार पर यह वह पुस्तक हैं जिनको अल्लाह ने अनेक पैगम्बरों पर अवतरण किया। मानव चरित्र में मानव कल्याण के लिए जब जब आवश्यकता हुई तब तब पैगम्बरों को भेजा और सन्मार्ग की शिक्षा दी। और इस शिक्षण के लिए आसमानी किताबें, सहीफे उतारे गए। इन्हीं किताबों के श्रंखला की आख़री कड़ी कुरआन है। और ये आख़री किताब कुरआन पिछले भेजे गए तमाम किताबों की तस्दीक करती है। वैसे इस्लाम में कुरआन पवित्र और अल्लाह का आख़री कलाम है, और कुरान ये भी तालीम देता है कि पिछले ग्रंथों की इज्ज़त करें। इस्लाम में, कुरआन में चर्चित चार किताबों को आसमानी किताबें माना जाता है। वे तौरात (जो मूसा पर प्रकट हुई), ज़बूर (जो दाउद पर प्रकट हुई), इंजील (जो ईसा मसीह पर प्रकट हुई) और कुरआन.

कर्नूल

कर्नूल, आंध्रप्रदेश राज्य के बड़े शहरों में से एक है। यह तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा है। आंध्र प्रदेश के अवरतण के पूर्व कर्नूल नवंबर १, १९५६ तक आंध्र राष्ट्र का राजधानी रहा।

कर्नूल भारत आंध्र प्रदेश के करनूल जिले का मुख्यालय है। शहर को अक्सर रायलसीमा के गेटवे के रूप में जाना जाता है। यह 1 अक्टूबर 1953 से 31 अक्टूबर 1956 तक आंध्र राज्य की राजधानी था। 2011 जनगणना के अनुसार , यह 460,184 की आबादी वाला राज्य का पांचवां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है।

ग़ज़ल

यह अरबी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य विधा है जो बाद में फ़ारसी, उर्दू, नेपाली और हिंदी साहित्य में भी बेहद लोकप्रिय हुइ। संगीत के क्षेत्र में इस विधा को गाने के लिए इरानी और भारतीय संगीत के मिश्रण से अलग शैली निर्मित हुई।

डेविड

डेविड (राजा) - किंग डेविड या दाउद, ईसा मसीह के पूर्वज, इज़राईल के राजा,डेविड अब्राहम - मात्र डेविड नाम से प्रसिद्ध पुरानी हिन्दी फ़िल्मों के एक चरित्र अभिनेता (१९०९–१९८१)।डेविड १ - ब्रिटेन के शासकडेविड २ - ब्रिटेन के शासक

दाउद अहमद

दाउद अहमद,भारत के उत्तर प्रदेश की पंद्रहवी विधानसभा सभा में विधायक रहे। 2007 उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में इन्होंने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पिहानी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से बसपा की ओर से चुनाव में भाग लिया।

दाउद इब्राहिम

दाउद इब्राहिम भारत का एक कुख्यात तस्कर है जो की मूलरूप से भारत का है। २००३ में दाउद इब्राहिम को पकडने के लिये इण्टरपोल द्वारा २.५ करोड अमेरिकी डालर का इनाम घोषित किया गया था।

दाऊद निर्माता

दाऊद निर्माता (जॉर्ज. დავით აღმაშენებელი, दविथ् अग़्माशेनेबेली, 1073 - 1125) — जॉर्जियाई बग्रतीओनी राजवंश का महाराजा, मध्यकालीन ट्रांसकाकेशिया के सब से विख्यात राजनीतिज्ञों में से एक था।

दाऊद निर्माता ने तत्कालीन छोटी-छोटी जॉर्जियाई रियासतों को एक केंद्रीकृत राज्य के रूप में संगठित कर दिया, उसे सेलजूक़ों की सत्ता से स्वाधीन किया, राजधानी को खुथाइसी से थ्बिलीसी में स्थानांतरित कर दिया तथा गेलाथी अकादमी की स्थापना की, जिसके कारण जनता ने उसे निर्माता की उपाधि से सम्मानित किया।

दिलीप बुवा

दिलीप बुवा (1966-1991) मुंबई का एक कुख्यात अपराधी था जो दाउद इब्राहीम के डी कंपनी के लिए काम करता था। मुंबई पुलिस ने इसे १९९१ लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स गोलीबारी में इसके अन्य अपराधी साथियों के साथ मार गिराया। शूट आउट एट लोखंडवाला (2007 फ़िल्म) इनके अपराधिक जीवन पर आधारित हैं, जिसमे तुषार कपूर दिलीप बुवा की भूमिका में हैं।

माया डोलस बस लापरवाह और अभद्र बोली वाला व्यक्ति था। दिलीप बुवा निर्दयी था। डोलस के विपरीत कुछ भी बुवा के ध्यान को हटा नहीं सकता था जब उसकी उंगलियाँ ट्रिग्गर पर होती थी। वह छोटे राजन का परामर्शदाता था। सामाचार माध्यमों में उसकी गोलीबारी की खबरें डोलस को मज़ा दे रही थी। “यह बात सच्चाई से काफ़ी दूर है। डोलस परिसर के अन्दर से यूँ ही गाली-गलोच दिए जा रहा था जबकि बवा बाहर भिड़ रहा था। मैं माया डोलस के बारे में उसकी ख्याति के सिवा कुछ भी नहीं जानता। बुवा कुछ और ही था। वह दाउद इब्राहीम का बहतरीन निशानेबाज़ था। आज तक वह अपना कोई सानी नहीं रखता।”

– आफ़ताब अहमद ख़ान, शूट आउट एट लोखंडवाला के समय के प्रभारी आतंगवादविरोधी दस्ते के प्रभारी अधिकारी

नगला दाउद गाँव, फर्रुखाबाद (फर्रुखाबाद)

नगला दाउद फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश स्थित एक गाँव है।

पटना

पटना (संस्कृत: पटनम्) या पाटलिपुत्र भारत के बिहार राज्य की राजधानी एवं सबसे बड़ा नगर है। पटना का प्राचीन नाम पाटलिपुत्र ,पुष्पपुरी, कुसुमपुर था ।आधुनिक पटना नाम पठान शासक शेरशाह सूरी की देन है , उसने इसका नाम पैठना रखा था जिसे शेर शाह के मृत्यु के पश्चात् अंतिम हिन्दु सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य ने पटना कर दिया।पटना संसार के गिने-चुने उन विशेष प्राचीन नगरों में से एक है जो अति प्राचीन काल से आज तक आबाद है।

अपने आप में इस शहर का ऐतिहासिक महत्व है। ईसा पूर्व मेगास्थनीज(350 ईपू-290 ईपू) ने अपने भारत भ्रमण के पश्चात लिखी अपनी पुस्तक इंडिका में इस नगर का उल्लेख किया है। पलिबोथ्रा (पाटलिपुत्र) जो गंगा और अरेन्नोवास (सोनभद्र-हिरण्यवाह) के संगम पर बसा था। उस पुस्तक के आकलनों के हिसाब से प्राचीन पटना (पलिबोथा) 9 मील (14.5 कि॰मी॰) लम्बा तथा 1.75 मील (2.8 कि॰मी॰) चौड़ा था।

पटना बिहार राज्य की राजधानी है और गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर अवस्थित है। जहां पर गंगा घाघरा, सोन और गंडक जैसी सहायक नदियों से मिलती है। सोलह लाख (2011 की जनगणना के अनुसार 1,683,200) से भी अधिक आबादी वाला यह शहर, लगभग 15 कि॰मी॰ लम्बा और 7 कि॰मी॰ चौड़ा है।प्राचीन बौद्ध और जैन तीर्थस्थल वैशाली, राजगीर या राजगृह, नालन्दा, बोधगया और पावापुरी पटना शहर के आस पास ही अवस्थित हैं। पटना सिक्खों के लिये एक अत्यन्त ही पवित्र स्थल है। सिक्खों के 10वें तथा अंतिम गुरु गुरू गोविन्द सिंह का जन्म पटना में हीं हुआ था। प्रति वर्ष देश-विदेश से लाखों सिक्ख श्रद्धालु पटना में हरमन्दिर साहब के दर्शन करने आते हैं तथा मत्था टेकते हैं।

पटना एवं इसके आसपास के प्राचीन भग्नावशेष/खंडहर नगर के ऐतिहासिक गौरव के मौन गवाह हैं तथा नगर की प्राचीन गरिमा को आज भी प्रदर्शित करते हैं।

ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्व के अतिरिक्त, पटना शिक्षा , चिकित्सा, और वाणिज्यिक का भी एक प्रमुख केंद्र है। दिवारों से घिरा नगर का पुराना क्षेत्र, जिसे पटना सिटी के नाम से जाना जाता है ।

बंबई के दंगे

बंबई (अब मुंबई) में भारत के स्वतंत्रता उपरांत कई बार दंगे हुए हैं, किंतु बंबई दंगों के प्रायः अभिप्राय १९९२-९३ के हिन्दू-मुस्लिम दंगों से होता है। ये दंगे दिसंबर १९९२ से जनवरी १९९३ में हुए थे। इनमें ९०० लोग हताहत हुए थे। इसके बाद १२ मार्च १९९३ में आतंकवादी हमलों में २५० लोग हताहत हुए थे। इन हमलों का सरगना दाउद इब्राहिम और उसकी डी कंपनी बतायी जाती है।

मेदिनी राय

मेदिनी राय सन् १६५८ से १६७४ तक झारखंड के पलामू के राजा थे। उन्होंने दक्षिण गया, हजारीबाग और सरगुजा पर अपना साम्राज्य विस्तार किया। उसने डोइसा में छोटानागपुर के नागवंशी महाराजा रघुनाथ शाह को हराया और अपने इनाम के साथ, उन्होंने आधुनिक सतबरवा के पास पलामू के दुर्ग में से एक किला का निर्माण कराया।औरंगज़ेब के बिहार के दीवानी भम्भालने पर दाउद खान ने १६६० में पलामू के खिलाफ अभियान शुरू किया था। उसके साथ दरभंगा के फौजदार मिर्जा खान, चैनपुर के जागीरदार, मुन्गेर के राजा बहरोज, कोकर के नागबंशी शासक भी थे। सम्राट औरंगजेब से आदेश प्राप्त हुए कि चेरो शासक को इस्लाम धर्म ग्रहण करना था। युद्ध में, मेदिनी रय जंगल में भाग गए। दोनों किलों पर आक्रमणकारियों द्वारा कब्जा कर लिया गया और इस क्षेत्र को अधीनता में लाया गया था। चेरो राजधानी की हिंदू आबादी हटा दिया गया और उनकी मूर्तियों के साथ मंदिरों को नष्ट कर दिया गया। पलामू के शासक मेदिनी राय, दाउद खान द्वारा अपनी हार के बाद सरगुजा भाग गए थे। एक बार फिर उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पलामू पर अधिकार कर लिया। उन्होंने कृषि को बढ़ावा देने के लिए और पलामू के उजाड़ राज्य को बेहतर बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए, जो बार-बार मुगल आक्रमणों के कारण हुआ था। क्षेत्र बहुत समृद्ध हो गया और लोगों के पास भोजन और जीवन की अन्य सुविधाएं थीं।

संगठित अपराध

संगठित अपराध बड़े पैमाने पर किये जाते हैं। इसके पीछे अपराधियों का एक बडा समूह काम करता है। इनका कार्यक्षेत्र भी अपेक्षाकृत विस्तृत होता है। इनके पास संसाधन अधिक होते हैं।

सयाजी शिंदे

सयाजी शिंदे भारतीय फिल्म अभिनेता है जिन्होंने तेलुगू, तमिल, मराठी और हिन्दी फ़िल्मों में कार्य किया है। वह अपने खलनायक के किरदार के लिये जाने जाते हैं।

सराय दाउद उर्फ धाकपुरा गाँव, फूलपुर (इलाहाबाद)

सराय दाउद उर्फ धाकपुरा फूलपुर, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश स्थित एक गाँव है।

सुलेमान

सुलेमान (९६१-९२२ ई. पू.) यहूदियों के राजा दाउद और बेथसाबे का पुत्र। अपनी माता, थाजक सादोक तथा नबी नायन के सम्मिलित प्रयास से सुलेमान अपने अग्रज अदोन्या का अधिकार अस्वीकार कराने में समर्थ हुए और वह स्वयं राजा बन गए।

सुलेमान ने यरुशलम का विश्वविख्यात मंदिर तथा बहुत से महल और दुर्ग बनवाए। उन्होंने व्यापार को भी प्रोत्साहन दिया। अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सदृढ़ बना लेने के उद्देश्य से उन्होंने फराऊन की पुत्री के अतिरिक्त और बहुत सी विदेशी राजकुमारियों के साथ विवाह किया। वह कुशल प्रशासक थे। उन्होंने यरुशलेम के मंदिर को देश के धार्मिक जीवन का केंद्र बनाया और अनेक अन्य बातों में भी केंद्रीकरण को बढ़ावा दिया।

अपने निर्माण कार्यों के कारण उन्होंने प्रजा पर करों का अनुचित भार डाल दिया था जिससे उनकी मृत्यु के बाद विद्रोह हुआ और उनके राज्य के दो टुकड़े हो गए-

(१) उत्तर में इसराएल अथवा समारिया जो जेरोबोआम के शासन में आ गया और जिसमें दस वंश सम्मिलित हुए,

(२) दक्षिण में यूदा अथवा यरुसलेम, जिसमें दो वंश सम्मिलित थे और जो रोवोआप के शासन में आ गया।परवर्ती पीड़ितों ने सुलेमान को आदर्श के रूप में देखकर उनको यहूदियों का सबसे प्रतापी राजा मान लिया है किंतु वास्तविकता यह है कि अत्यधिक केंद्रीकरण तथा करभार के कारण उनका राज्यकाल विफलता में समाप्त हुआ। उनके द्वारा निर्मित भवन उनकी ख्याति के एक मात्र आधार थे। वह अपनी बुद्धिमानी के लिए प्रसिद्ध हुए और इस कारण नीति, उपदेशक, श्रेष्ठ गीत, जैसे बाइबिल के अनेक परवर्ती प्रामाणिक ग्रंथों का श्रेय उनको दिया जाता था। कुछ अन्य प्रामाणिक ग्रंथ भी उनके नाम भी प्रचलित हैं।

सोनू सूद

सोनू सूद (जन्म 30 जुलाई 1973, मोगा, पंजाब में) एक भारतीय मॉडल और अभिनेता हैं जो हिन्दी, तेलुगू कन्नड़ और तमिल फ़िल्मों में अभिनय करते हैं। वो मिस्टर इंडिया प्रतियोगिता के प्रतियोगी भी रहे हैं, वो अपोलो टायर्स, एयरटेल आदि विज्ञापनों में भी काम करते हैं। टॉलीवुड फ़िल्मों में वो फ़िल्म अरुंधति (2009) में प्रतिपक्षी पसुपति के अभिनय के लिए जाने जाते हैं।

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