ग़ज़ा

ग़ज़ा पट्टी एक फिलिस्तानी क्षेत्र है। यह इसरायल के दक्षिण-पश्चिम में एक 45 किलोमीटर लम्बी तथा 6-12 किलोमीटर चौड़ी पट्टी के रूप में हैं। इसका दक्षिणी छोर मिस्र से जुड़ा हुआ है पर बाकी दिशाओं से यह इसरायल द्वारा घिरा है। य हाँ तक कि इसकी पश्चिमी सीमा जो भूमध्यसागर को खुलती है, पर भी इसरायली जलसेना का नियंत्रण है। यहाँ अरब मुसलमान रहते हैं जिनकी आबादी कोई 20 लाख के आसपास है।

ग़ज़ा शहर यहाँ की मुख्य आबादी है।

इसराइल-फिलिस्तीन संघर्ष २००९

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पश्चिम एशिया का आसमान फ़िर से राकेटों और बारूद की गंध से भर गया है।. इस्राइल ने फिलिस्तीन के विद्रोही गुट हमास पर हमला कर पिछले छह महीनो से शांत इस इलाके में युद्ध की चिंगारिया भड़का दी हैं।.. हमास फिलिस्तीन का चरमपंथी गुट है जो छह महीने पहले फिलिस्तीन की सरकार से अलग होने के बाद से सबसे संवेदनशील गाजा इलाके पर कब्जा किए हुए है। इस गुट ने फिलिस्तीन के सत्ताधारी फतह गुट को गाजा इलाके से खदेड़ दिया और कब्जा कर लिया। हमास को दुनिया में एक आतंकवादी संगठन के रूप में जाना जाता है तो इस्राइल की छवि भी एक युद्ध राष्ट्र की ही है।

ईरान

ईरान (جمهوری اسلامی ايران, जम्हूरीए इस्लामीए ईरान) जंबुद्वीप (एशिया) के दक्षिण-पश्चिम खंड में स्थित देश है। इसे सन १९३५ तक फारस नाम से भी जाना जाता है। इसकी राजधानी तेहरान है और यह देश उत्तर-पूर्व में तुर्कमेनिस्तान, उत्तर में कैस्पियन सागर और अज़रबैजान, दक्षिण में फारस की खाड़ी, पश्चिम में इराक (कुर्दिस्तान क्षेत्र) और तुर्की, पूर्व में अफ़ग़ानिस्तान तथा पाकिस्तान से घिरा है। यहां का प्रमुख धर्म इस्लाम है तथा यह क्षेत्र शिया बहुल है।

प्राचीन काल में यह बड़े साम्राज्यों की भूमि रह चुका है। ईरान को १९७९ में इस्लामिक गणराज्य घोषित किया गया था। यहाँ के प्रमुख शहर तेहरान, इस्फ़हान, तबरेज़, मशहद इत्यादि हैं। राजधानी तेहरान में देश की १५ प्रतिशत जनता वास करती है। ईरान की अर्थव्यवस्था मुख्यतः तेल और प्राकृतिक गैस निर्यात पर निर्भर है। फ़ारसी यहाँ की मुख्य भाषा है।

ईरान में फारसी, अजरबैजान, कुर्द (क़ुर्दिस्तान) और लूर सबसे महत्वपूर्ण जातीय समूह हैं

ईरान का इतिहास

ईरान का पुराना नाम फ़ारस है और इसका इतिहास बहुत ही नाटकीय रहा है जिसमें इसके पड़ोस के क्षेत्र भी शामिल रहे हैं। इरानी इतिहास में साम्राज्यों की कहानी ईसा के ६०० साल पहले के हख़ामनी शासकों से शुरु होती है। इनके द्वारा पश्चिम एशिया तथा मिस्र पर ईसापूर्व 530 के दशक में हुई विजय से लेकर अठारहवीं सदी में नादिरशाह के भारत पर आक्रमण करने के बीच में कई साम्राज्यों ने फ़ारस पर शासन किया। इनमें से कुछ फ़ारसी सांस्कृतिक क्षेत्र के थे तो कुछ बाहरी। फारसी सास्कृतिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में आधुनिक ईरान के अलावा इराक का दक्षिणी भाग, अज़रबैजान, पश्चिमी अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान का दक्षिणी भाग और पूर्वी तुर्की भी शामिल हैं। ये सब वो क्षेत्र हैं जहाँ कभी फारसी सासकों ने राज किया था और जिसके कारण उनपर फारसी संस्कृति का प्रभाव पड़ा था।

सातवीं सदी में ईरान में इस्लाम आया। इससे पहले ईरान में जरदोश्त के धर्म के अनुयायी रहते थे। ईरान शिया इस्लाम का केन्द्र माना जाता है। कुछ लोगों ने इस्लाम कबूल करने से मना कर दिया तो उन्हें यातनाएं दी गई। इनमें से कुछ लोग भाग कर भारत के गुजरात तट पर आ गए। ये आज भी भारत में रहते हैं और इन्हें पारसी कहा जाता है। सूफ़ीवाद का जन्म और विकास ईरान और संबंधित क्षेत्रों में ११वीं सदी के आसपास हुआ। ईरान की शिया जनता पर दमिश्क और बग़दाद के सुन्नी ख़लीफ़ाओं का शासन कोई ९०० साल तक रहा जिसका असर आज के अरब-ईरान रिश्तों पर भी देखा जा सकता है। सोलहवीं सदी के आरंभ में सफ़वी वंश के तुर्क मूल लोगों के सत्ता में आने के बाद ही शिया लोग सत्ता में आ सके। इसके बाद भी देश पर सुन्नियों का शासन हुआ और उन शासकों में नादिर शाह तथा कुछ अफ़ग़ान शासक शामिल हैं। औपनिवेशक दौर में ईरान पर किसी यूरोपीय शक्ति ने सीधा शासन तो नहीं किया पर अंग्रेज़ों तथा रूसियों के बीच ईरान के व्यापार में दखल पड़ा। १९७९ की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान की राजनैतिक स्थिति में बहुत उतार-चढ़ाव आता रहा है। ईराक के साथ युद्ध ने भी देश को इस्लामिक जगत में एक अलग जगह पर ला खड़ा किया है।

एरियल शेरॉन

एरियल शेरॉन (इब्रानी: ‎, Ariʼēl Sharōn) (26 फ़रवरी 1928 – 11 जनवरी 2014) इजरायल के राजनेता तथा जनरल थे। वे इसरायल के ११वें प्रधानमंत्री रहे। वे 'बुलडोज़र' के नाम से जाने जाते थे। अरियल शेरॉन 1948 में इसराइल के गठन के बाद हुए सभी युद्धों में शामिल रहे थे और कई इसराइली उन्हें एक महान सैन्य नेता मानते हैं। दूसरी ओर फ़लस्तीनियों की राय उनके बारे में अच्छी नहीं थी।

गाज़ा पट्टी

ग़ज़ा पट्टी इस्रायल के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक 6-10 किंमी. चौड़ी और कोई 45 किमी लम्बा क्षेत्र है। इसके तीन ओर इसरायल का नियंत्रण है और दक्षिण में मिस्र है। हँलांकि जमीन के सिर्फ दो तरफ इसरायल है पर पश्चिम की दिशा में भूमध्यसागर में इसकी जलीय सीमा इसरायल द्वारा नियंत्रित होती है।

इसका नाम इसके प्रमुख शहर ग़ज़ा (उच्चारण ग़ाज़्ज़ा भी होता है) पर पड़ा है। इसका दूसरा प्रमुख शहर इसके दक्षिण में स्थित राफ़ा है जो मिस्र की सीमा से लगा है। गजापट्टी में कोई 15 लाख लोग रहते हैं जिसमें कोई 4 लाख लोग अकेले गज़ा शहर में रहते हैं।

मध्य पूर्व

मध्य पूर्व (या पूर्व में ज्यादा प्रचलित पूर्व के करीब (Near East)) दक्षिण पश्चिम एशिया, दक्षिण पूर्वी यूरोप और उत्तरी पूर्वी अफ़्रीका में विस्तारित क्षेत्र है। इसकी कोई स्पष्ट सीमा रेखा नहीं है, अक्सर इस शब्द का प्रयोग पूर्व के पास (Near East) के एक पर्याय के रूप में प्रयोग किया जाता, ठीक सुदूर पूर्व (Far East) के विपरित। मध्य पूर्व शब्द का प्रचलन १९०० के आसपास के यूनाइटेड किंगडम में शुरू हुआ।

लेव्हि एश्कॉल

लेव्हि एश्कॉल (२५ अक्टूबर १८९५ - २६ फ़रवरी १९६९) इज़राइल के तीसरे प्रधानमन्त्री थे। २६ जून १९६३ से उनकी मौत तक उनका कार्यकाल रहा। वे दिल के दौरे से मर गए।

ग़ज़ा के पास स्थीत एश्कॉल राष्ट्रीय उद्यान का नाम उनके नाम पर है।

हमास

हमास (अरबी भाषा में حركة المقاومة الاسلامي, या हरकत अल-मुकावामा अल-इस्लामिया या "इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन") फ़िलिस्तीनी सुन्नी मुसलमानों की एक सशस्त्र संस्था है जो फ़िलिस्तीन राष्ट्रीय प्राधिकरण की मुख्य पार्टी है। हमास का गठन 1987 में मिस्र तथा फलस्तीन के मुसलमानों ने मिलकर किया था जिसका उद्धेश्य क्षेत्र में इसरायली प्रशासन के स्थान पर इस्लामिक शासन की स्थापना करनी थी। हमास का प्रभाव ग़ज़ा पट्टी में अधिक है। इसके सशस्त्र विभाग का गठन 1992 में हुआ था। 1993 में किए गए पहले आत्मघाती हमले के बाद से लेकर 2005 तक हमास ने इसरायली क्षेत्रों में कई आत्मघाती हमले किए। 2005 में हमास ने हिंसा से अपने आप को अलग किया और 2006 में इसके बाद 2006 से गज़ा से इसरायली क्षेत्रों में रॉकेट हमलों का सिलसिला आरंभ हुआ जिसके लिए हमास को जिम्मेवार माना जाता है। सन् 2008 के अंत में इसरायल द्वारा गज़ा पट्टी में हमास के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई में कोई 1300 लोग मारे गए थे। इस अभियान का उद्देश्य इसरायली क्षेत्रों में रॉकेट हमले रोकना था। पर हमास ने इसरायल पर आम नागरिकों को मारने का आरोप लगाया।

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