क्रिस्टोफ़र कोलम्बस

क्रिस्टोफर कोलम्बस (१४५१ - २० मई १५०६) एक समुद्री-नाविक, उपनिवेशवादी, खोजी यात्री उसकी अटलांटिक महासागर में बहुत से समुद्री यात्राओं के कारण अमेरिकी महाद्वीप के बारे में यूरोप में जानकारी बढ़ी। यद्यपि अमेरिका पहुँचने वाला वह प्रथम यूरोपीय नहीं था किन्तु कोलम्बस ने यूरोपवासियों और अमेरिका के मूल निवासियों के बीच विस्तृत सम्पर्क को बढ़ावा दिया। उसने अमेरिका की चार बार यात्रा की जिसका खर्च स्पेन की रानी इसाबेला (Isabella) ने उठाया। उसने हिस्पानिओला (Hispaniola) द्वीप पर बस्ती बसाने की कोशिश की और इस प्रकार अमेरिका में स्पेनी उपनिवेशवाद की नींव रखी। इस प्रकार इस नयी दुनिया में यूरोपीय उपनिवेशवाद की प्रक्रिया आरम्भ हुई।

Christopher Columbus Face
क्रिस्टोफ़र कोलम्बस
कॅरीबियाई सागर

कॅरीबियाई सागर (अंग्रेज़ी: Caribbean Sea) अंध महासागर के मध्य-पश्चिमी भाग से जुड़ा हुआ एक समुद्र है। यह उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में पश्चिमी गोलार्ध में आता है। इसके पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में मेक्सिको और मध्य अमेरिका हैं, उत्तर में बड़े ऐंटिलीस के द्वीप हैं और पूर्व में छोटे ऐंटिलीस के द्वीप हैं। इस सागर का कुल क्षेत्रफल २७,५४,००० वर्ग किमी है। इसका सबसे गहरा बिंदु केमन खाई (Cayman Trough) में पड़ता है और सतह से ७,६८६ मीटर नीचे है।

कोलम्बस-पूर्व युग

कोलम्बस-पूर्व युग उत्तर, मध्य व दक्षिण अमेरिका के उन सभी ऐतिहासिक दौरों को कहते हैं जो इन क्षेत्रों में यूरोपी प्रभाव पड़ने से पहले गुज़रे। यह युग इन महाद्वीपों में पाषाण युग में मनुष्यों के सर्वप्रथम दाख़िल होने से लेकर आधुनिक युग की शुरुआत में यूरोपी उपनिवेशों की स्थापना तक विस्तृत था। तब यहाँ पर अमेरिका के मूल आदिवासी लोग ही रहा करते थे। कुछ क्षेत्रों में यह क़बीलाई ख़ानाबदोश जीवनियाँ व्यतीत करते थे लेकिन अन्य जगहों पर इनके आज़तेक साम्राज्य और इन्का साम्राज्य जैसे विस्तृत और समृद्ध राज्य भी पनपे थे। सन् १४९२ में क्रिस्टोफ़र कोलम्बस की खोजयात्रा के बाद अमेरिकी महाद्वीपों पर यूरोप का ज़बरदस्त प्रभाव पड़ा जिसमें अधिकतर क्षेत्रों पर यूरोपीय सामाजिक, धार्मिकि, राजनैतिक और सैनिक क़ब्ज़ा हो गया और कई स्थानों पर तो मूल आदिवासी समुदाय हमेशा के लिये विलुप्त हो गए और वहाँ यूरोपीय मूल के लोग बसने लगे।

गयाना

गयाना या गुयाना, दक्षिणी अमेरिका का एक देश है। इस का आधिकारिक नाम- "कौपरेटिव रिपबलिक ऑफ़ गयाना" है। यह दक्षिण अमरीका के उत्तर-मध्य भाग मे हैं। 'गुयाना' शब्द का ऐतिहासिक प्रयोग हॉलैन्ड के तीन उपनिवेशो के लिये किया गया था। यह उपनिवेश थे- एस्सेक्यूबो, डेमेरारा और बेरबिस। वो एतिहासिक गयाना अमेज़न नदी के उत्तर मे था और ओरिनोको नदी के पुरव मे था।

यहाँ पर भारतियों की संख्या सबसे अधिक है। यह भारतीय प्रजाती के लोग यहाँ अंग्रेजो़ के शासन काल मे आएँ। इस देश पर सबसे पहले पुर्तगालियों ने शासन किया और फिर २०० साल तक अंग्रेजो़ ने यहाँ पर शासन किया।

ज़ीनो मानचित्र

ज़ीनो मानचित्र, उत्तरी अंध महासागर के उस मानचित्र को कहते हैं जिसका प्रकाशन 1558 में पहली बार वेनिस में निकोलो ज़ीनो द्वारा किया गया था। निकोलो ज़ीनो विख्यात ज़ीनो बन्धुओं का वंशज था।

युवा ज़ीनो ने यह मानचित्र, पत्रों की श्रृंखला के साथ प्रकाशित किया था जिनके बारे में उसका दावा था कि वो उसे उसके वेनिस स्थित उसने परिवारिक घर के एक गोदाम से मिले थे। ज़ीनो के अनुसार यह मानचित्र और पत्र सन 1400 के आस-पास के थे और इनमें ज़ीनों बन्धुओं द्वारा 1390 के दशक के दौरान की गयी लंबी समुद्री यात्रा का वर्णन था जो उन्होने ज़िश्म्नी नामक राजकुमार के कहने पर की थी। कुछ व्याख्याओं के अनुसार यह यात्रा उत्तर अटलांटिक को पार कर, उत्तरी अमेरिका पहुँची थी।

अधिकांश इतिहासकार इस मानचित्र और इससे जुड़ी व्याख्याओं को झूठ मानते हैं। उनका मानना है कि युवा ज़ीनो का यह सब करने का उद्देश्य क्रिस्टोफ़र कोलम्बस से पहले नयी दुनिया की खोज करने का दावा करना था। मानचित्र की प्रमाणिकता के खिलाफ सबसे बड़े सबूत मानचित्र पर उत्तरी अन्ध महासागर और आइसलैंड के तट के पास अंकित कुछ द्वीपों का अस्तित्व में नहीं होना है। इनमें से एक द्वीप फ्रिसलैंड है जिस पर ज़ीनो बन्धुओं ने कथित तौर पर कुछ समय बिताया था।

आधुनिक इतिहासकार इस मानचित्र को उस समय उपलब्ध मानचित्रों पर आधारित एक स्वरचित मानचित्र मानते हैं।

तोर्देसिलास की संधि

तोर्देसिलास की संधि (पुर्तगाली: Tratado de Tordesilhas, स्पेनिश: Tratado de Tordesillas), जिस पर 7 जून 1494 को तोर्देसिलास (अब स्पेन के वैलादोलिद प्रांत में), में हस्ताक्षर किए थे, वह दस्तावेज था जिसके अनुसार यूरोप के बाहर खोजी गयी सभी "नयी भूमियों" को पुर्तगाल और स्पेन के मध्य बांटा गया था। इस बंटवारे के लिए एक काल्पनिक रेखा मध्याह्न 370 लीग को आधार बनाया गया था जो केप वर्दे द्वीप समूह (अफ्रीका के पश्चिमी तट से दूर समुद्र में स्थित) के पश्चिम से होकर जाती थी। यह विभाजन रेखा केप वर्दे द्वीप समूह (जिन पर पुर्तगाल का नियंत्रण था) और क्रिस्टोफ़र कोलम्बस द्वारा अपनी पहली यात्रा के दौरान खोजे गये द्वीपों (जिन पर स्पेन ने दावा किया था), के बीच से होकर निकलती थी। इन द्वीपों को इस संधि में सिपान्गु और एंटीलिया कहा गया है, जो आज के क्यूबा और हिस्पानिओला हैं। संधि के अनुसार इस रेखा के पूर्व की सारी भूमि पुर्तगाल की और पश्चिम की भूमि स्पेन की होगी। स्पेन ने संधि का अनुमोदन 2 जुलाई 1494 और पुर्तगाल ने 5 सितम्बर 1494 को किया था। दूसरी तरफ के विश्व का बंटवारा इसके कुछ दशकों बाद ज़रागोज़ा संधि के द्वारा जिस पर 22 अप्रैल 1529 को हस्ताक्षर किए गये, हुआ। इस संधि के अनुसार तोर्देसिलास की संधि में निर्दिष्ट सीमांकन की रेखा की प्रतिमध्याह्न रेखा निर्धारित की गयी। दोनों संधियों की मूल प्रतियों को आर्किवो जनरल दे इंडियास (Archivo General de Indias) स्पेन और आर्क्यूवो नैशनल दा तोरे दो तोम्बो (Arquivo Nacional da Torre do Tombo) पुर्तगाल में में रखा गया है।

पंचांग

अगर आप हिन्दू पंचांग पर जानकारी ढूंढ रहें हैं, तो हिन्दू पंचांग का लेख देखियेपंचांग (अंग्रेज़ी: ephemeris) ऐसी तालिका को कहते हैं जो विभिन्न समयों या तिथियों पर आकाश में खगोलीय वस्तुओं की दशा या स्थिति का ब्यौरा दे। १) तिथि, २) वार, ३) नक्षत्र, ४) योग, तथा ५) करण यह पंचांग के पंच अंग हैं | खगोलशास्त्र और ज्योतिषी में विभिन्न पंचांगों का प्रयोग होता है। इतिहास में कई संस्कृतियों ने पंचांग बनाई हैं क्योंकि सूरज, चन्द्रमा, तारों, नक्षत्रों और तारामंडलों की दशाओं का उनके धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन में गहरा महत्व होता था। सप्ताहों, महीनों और वर्षों का क्रम भी इन्ही पंचांगों पर आधारित होता था। उदाहरण के लिए रक्षा बंधन का त्यौहार श्रवण के महीने में पूर्णिमा (पूरे चंद की दशा) पर मनाया जाता था।

पर्यटन भूगोल

पर्यटन भूगोल या भू-पर्यटन, मानव भूगोल की एक प्रमुख शाखा हैं। इस शाखा में पर्यटन एवं यात्राओं से सम्बन्धित तत्वों का अध्ययन, भौगोलिक पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। नेशनल जियोग्रेफ़िक की एक परिभाषा के अनुसार किसी स्थान और उसके निवासियों की संस्कृति, सुरुचि, परंपरा, जलवायु, पर्यावरण और विकास के स्वरूप का विस्तृत ज्ञान प्राप्त करने और उसके विकास में सहयोग करने वाले पर्यटन को "पर्यटन भूगोल" कहा जाता है। भू पर्यटन के अनेक लाभ हैं। किसी स्थल का साक्षात्कार होने के कारण तथा उससे संबंधित जानकारी अनुभव द्वारा प्राप्त होने के कारण पर्यटक और निवासी दोनों का अनेक प्रकार से विकास होता हैं। पर्यटन स्थल पर अनेक प्रकार के सामाजिक तथा व्यापारिक समूह मिलकर काम करते हैं जिससे पर्यटक और निवासी दोनों के अनुभव अधिक प्रामाणिक और महत्त्वपूर्ण बन जाते है। भू पर्यटन परस्पर एक दूसरे को सूचना, ज्ञान, संस्कार और परंपराओं के आदान-प्रदान में सहायक होता है, इससे दोनों को ही व्यापार और आर्थिक विकास के अवसर मिलते हैं, स्थानीय वस्तुओं कलाओं और उत्पाद को नए बाज़ार मिलते हैं और मानवता के विकास की दिशाएँ खुलती हैं साथ ही बच्चों और परिजनों के लिए सच्ची कहानियाँ, चित्र और फिल्में भी मिलती हैं जो पर्यटक अपनी यात्रा के दौरान बनाते हैं। पर्यटन भूगोल के विकास या क्षय में पर्यटन स्थल के राजनैतिक, सामाजिक और प्राकृतिक कारणों का बहुत महत्त्व होता है और इसके विषय में जानकारी के मानचित्र आदि कुछ उपकरणों की आवश्यकता होती है।

फैण्टम

फैण्टम (अंग्रेजी; Phantom) एक कामिक्स पात्र है जिसकी रचना ली फ़ाक ने की जो एक अन्य प्रसिद्द कॉमिक्स पात्र जादूगर मैनड्रैक के रचयिता भी थे। पहली बार १९३६ में एक अखबार में छपनी शुरू होने वाली शृंखला "दि फैण्टम", जिसका नायक फैण्टम है, का प्रकाशन अभी तक जारी है। एक पात्र के रूप में फैण्टम को पहला सुपरहीरो भी माना जाता है। भारत में यह शृंखला पहली बार १९६४ में शुरू हुई जब इंद्रजाल कॉमिक्स का प्रकाशन शुरू हुआ और मैंड्रेक और फैण्टम कॉमिक्स पात्रों का पदार्पण भारत में हुआ। हिन्दी में पहली बार "बेताल की मेखला" नाम से फैण्टम सीरीज का कॉमिक्स छपा जो भारत का पहला हिन्दी कॉमिक्स भी था। वर्तमान समय में इन कॉमिक्सों के इन दुर्लभ संस्करणों की कीमत लाखों में आँकी गयी है।

महाअमेरिका

महाअमेरिका या अमेरिका उत्तर और दक्षिण अमेरिका संयुक रूप से कहा जाता है। महाअमेरिका में पृथ्वी के कुल भूभाग का २८.४ % (या कुल सतह का ८.३%) आता है और कुल जनसंख्या का १३.५% (या लगभग ९० करोड़)।

अमेरिका को नई दुनिया के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि १५ वीं सदी में ही इन महाद्वीपों की खोज यूरोपियनों द्वारा की गई थी। हालांकि इससे पहले यह क्षेत्र वाइकिंग और इनूइट लोगों और स्थानिय लोगों को ज्ञात था।

"अमेरिका" शब्द को हिन्दी और अन्य बहुत सी भाषाओं में अधिकांशतः संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए प्रयुक्त किया जाता है जो तकनीकी रूप से सही नहीं है क्योंकि अमेरिका शब्द यूरोप के लोगों द्वारा इस पूरी नई दुनिया के लिए प्रयुक्त किया गया था नाकि वर्तमान संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए।

सेबिया गिरजाघर

सेबिया गिरजाघर (अंग्रेज़ीCathedral of Saint Mary of the See, स्पैनिश: Catedral de Santa María de la Sede) एक रोमन कैथोलिक गिरजाघर है। ये सेबिया आंदालुसिया स्पेन में स्थित है। ये गोथिक अंदाज़ का सबसे बड़ा और संसार का तीसरा बड़ा गिरजाघर है। विश्व में यह तीसरा सबसे बड़ा गिरजाघर है। इसे 1987 में यूनेस्को ने विशव विरासत के स्थानों में शामिल किया था। चूँकि बैसेलिका ऑफ़ द नैश्नल श्राइन ऑफ़ अवर लेडी ऑफ़ अपारेसिडा (Basilica of the National Shrine of Our Lady of Aparecida) और सेन्ट पीटर्स बैसेलिका (St Peter's Basilica) बिशपों के निवास स्थान नहीं है, इसलिए इस गिरजाघर को शायद विश्व का सबसे बड़ा कैथेडरल शैली का गिरजाघर मान लिया गया है।इस जगह पर क्रिस्टोफ़र कोलम्बस को दफ़नाया गया था।

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