अरबी भाषा

अरबी भाषा सामी भाषा परिवार की एक भाषा है। ये हिन्द यूरोपीय परिवार की भाषाओं से मुख़्तलिफ़ है, यहाँ तक कि फ़ारसी से भी। ये इब्रानी भाषा से सम्बन्धित है। अरबी इस्लाम धर्म की धर्मभाषा है, जिसमें क़ुरान-ए-शरीफ़ लिखी गयी है।

Dispersión lengua árabe
Caption

देश

अरब कई देशों की राजभाषा है, जैसे सउदी अरब, लेबनान, सीरिया, यमन, मिस्र, जॉर्डन, इराक़, अल्जीरिया, लीबिया, सूडान, क़तर, ट्यूनिशिया, मोरक्को, माली इत्यादि। दुनिया की सारी भाषाए

लिपि

अरबी भाषा को अरबी लिपि में लिखा जाता है। ये दाएँ से बाएँ लिखी जाती है। इसकी कई ध्वनियाँ उर्दू की ध्वनियों से अलग हैं। हर एक स्वर या व्यंजन के लिये (जो अरबी भाषा में प्रयुक्त होता है)

इन्हें भी देखें

बाहरी कड़ियाँ

  1. "[- Ethnologue]". Ethnologue. Simons, Gary F. and Charles D. Fennig (eds.). 2017. Ethnologue: Languages of the World, Twentieth edition. Retrieved 21 March 2017
अत-तिन

सूरा अत-तिन (अरबी: التين‎ at-Tīn, अंजीर, अंजीर वृक्ष) कुरान का 95वां सूरा है। इसमें 8 आयतें हैं।

अरबी

अरबी बहुविकल्पी शब्द है जिस्का संबंध निम्नलिखित पृष्ठों से होता है।

साहित्य और धर्म में-

अरबी भाषा

अरबी लिपि

उर्दू भाषा

फ़ारसी-अरबी लिपि

इस्लामी संस्कृति

मुसलमानभूगोल-

अरबी प्लेट

अरबी प्रायद्वीप

अरब सागर

अरबी रेगिस्तान

अरब का पठार

अरब लोगगणित-

अरब

अर्बि-

अर्ब-

प्राचीन अरबी भार एवं मापदेश-

संयुक्त अरब अमीरात

सहरावी अरब जनतांत्रिक गणराज्य

सउदी अरब

अरब लीग- देशों का समूह

अरब देश- देश जहा अरबी भाषा बोली जाती हैइतिहास-

अरब का इतिहासविज्ञान-

अरबी सब्जीअन्य भाषा विकिपीडिया-

अरबी विकिपीडिया

मिस्री अरबी विकिपीडिया

अल-इन्शिराह

सूरा अल-इन्शिराह (अरबी: الإنشراح‎ al-ʾInširāḥ, सान्त्वना या आराम) कुरान का 94वां सूरा है। इसमें 8 आयतें हैं, तथा इसे मक्का में प्रकट किया गया था।

अल-मुर्सलात

सूरा अल-मुरसलात (अरबी: سورة المرسلات ‎) (भेजी गईं हवाएं) कुरान का 77वां सूरा है। इसमें 50 आयतें हैं।

अल्जीरिया

अल्जीरिया (अरबी: الجزائر‎, अल-ज़ज़ायर; फ़्रान्सीसी: फ़्रान्सीसी‎; बर्बर: ⴷⵣⴰⵢⴻⵔ जायेर), अधिकारिक तौर पर अल्जीरिया का जन-लोकतंत्रीय गणराज्य और जिसको रसमी तौर पर लोकतंत्रीय और लोग-प्यारा अलजीरियायी गणराज्य भी कहा जाता है, अफ़्रीका के मघरेब क्षेत्र में स्थित एक देश है जिसकी राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर अल्जीयर्स है।

वर्तमान अल्जीरिया का क्षेत्र बहुत सारी प्राचीन सभ्यताएँ, जैसे अतेर्यायी और कैपसियन, की पृष्ठभूमि थी। इस इलाक़े पर बहुत सल्तनतों और राज्य-कुलों का शासन रहा है जिस में नुमिदियायी, करथागिन्यायी, रोमन, वंडल, बिज़ांतीन, अरबी उमय्यद, बर्बर फ़ातिमीद और अलमोहाद और पीछे के तुर्की ओटोमन शामिल हैं।

आळ्जीरिया 48 सूबों और 1541 प्रगणों वाला अर्द्ध राष्ट्रपति प्रधान गणराज्य है। 3.7 करोड़ से अधिक आबादी से यह विश्व का 34वाँ सबसे बढ़ आबादी वाला देश है। भाषाई तौर पर यह अरबी मुल्क है जिसकी कुछ स्थानिक बोलियाँ (उपभाषाएँ) हैं। इसकी अर्थ व्यवस्था तेल-आधारित है जो डच रोग (अर्थ-शात्र की एक धारणा) से प्रभावित है। सोनातराच, जो कि राष्ट्रीय तेल-कंपनी है, अफ्रीका में सबसे बड़ी है। इसकी सेना अफ्रीका और अरब-जगत में मिस्र के बाद सबसे बड़ी है और रूस और चीन इसके युद्धनैतिक एहतियाती मुल्क और सस्तर पूर्तिकर्ता हैं।

2,381,741 वर्ग कि॰मी के क्षेत्रफ़ल से यह दुनिया का दसवाँ सबसे बड़ा मुल्क है। इसकी सीमाएँ उत्तर-पूर्व में ट्यूनीशिया, पूर्व में लीबिया, पश्चिम में मोरक्को, दक्षिण-पश्चिम में पश्चिमी सहारा, मारिटेनिया और माली, दक्षिण-पूर्व में नाइजर और उत्तर में भू-मध्य सागर से लगती हैं। अन्दाज़े के अनुसार 2012 तक इसकी कुल आबादी 3.79 करोड़ है। यह अफ़्रीकी संघ, अरब संगठन, तेल निरयाती मुल्कों का संगठन और संयुक्त राष्ट्र का सदस्य और अरब मघरेब संघ का संस्थापिक सदस्य है।

इराक़

इराक़ पश्चिमी एशिया में स्थित एक जनतांत्रिक देश है जहाँ के लोग मुख्यतः मुस्लिम हैं। इसके दक्षिण में सउदी अरब और कुवैत, पश्चिम में जोर्डन और सीरिया, उत्तर में तुर्की और पूर्व में ईरान अवस्थित है। दक्षिण पश्चिम की दिशा में यह फ़ारस की खाड़ी से भी जुड़ा है। दजला नदी और फरात इसकी दो प्रमुख नदियाँ हैं जो इसके इतिहास को ५००० साल पीछे ले जाती हैं। इसके दोआबे में ही मेसोपोटामिया की सभ्यता का उदय हुआ था।

इराक़ के इतिहास में असीरिया के पतन के बाद विदेशी शक्तियों का प्रभुत्व रहा है। ईसापूर्व छठी सदी के बाद से फ़ारसी शासन में रहने के बाद (सातवीं सदी तक) इसपर अरबों का प्रभुत्व बना। अरब शासन के समय यहाँ इस्लाम धर्म आया और बगदाद अब्बासी खिलाफत की राजधानी रहा। तेरहवीं सदी में मंगोल आक्रमण से बगदाद का पतन हो गया और उसके बाद की अराजकता के सालों बाद तुर्कों (उस्मानी साम्राज्य) का प्रभुत्व यहाँ पर बन गया २००३ से दिसम्बर २०११ तक अमेरिका के नेतृत्व में नैटो की सेना की यहाँ उपस्थिति बनी हुई थी जिसके बाद से यहाँ एक जनतांत्रिक सरकार का शासन है।

राजधानी बगदाद के अलावा करबला, बसरा, किर्कुक तथा नजफ़ अन्य प्रमुख शहर हैं। यहाँ की मुख्य बोलचाल की भाषा अरबी और कुर्दी भाषा है और दोनों को सांवैधानिक दर्जा मिला है।

इस्ताहबान

इस्ताहबान (फ़ारसी: استهبان, अरबी: اصطهبانات‎) ईरान का एक शहर है।

इस्लाम के पांच मूल स्तंभ

इस्लाम के पांच मूल स्तंभ (arkān al-Islām أركان الإسلام; also arkān al-dīn أركان الدين "pillars of the religion") मूल रूप से मुसलमानों के विशवास के अनुसार इस्लाम धर्म के पाँच मूल स्तंभ या फ़र्ज माना जाता है, जो हर मुस्लमान को अपनी ज़िंदगी का मूल विचार माना जाता है। यह बाते मशहूर हदीस "हदीस ए जिब्रील" में बताया गया है।

किंग अब्दुल अज़ीज़ अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र

किंग अब्दुल अज़ीज़ अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र (KAIA) (अरबी: مطار الملك عبدالعزيز الدولي‎) (आईएटीए: JED , आईसीएओ: OEJN) सऊदी अरब के शहर जेद्दाह से १९ कि.मी उत्तर में स्थित एक अन्तर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र है। इसका नाम यहां के राजा अब्दुल अज़ीज़ अल सऊद के नाम पर रखा गया है। यह सऊदी अरब में तीसरी सबसे बड़ी वायुमार्ग सुविधा है एवं यात्री संख्या के अनुसार यह यहां का व्यस्ततम विमानक्षेत्र है। यहां का परिसर १५ वर्ग कि.मी में विस्तृत है। इसमें विमानक्षेत्र के अलावा शाही टर्मिनल, रॉयल सऊदी वायु सेना की सुविधा एवं विमानक्षेत्र स्टाफ़ हेतु आवासीय परिसर भी हैं।

जेद्दाह विमानक्षेत्र में निर्माण कार्य १९७४ में आरंभ हुआ था और १९८० में पूर्ण हुआ। ३१ मई १९८१ को यह विमानक्षेत्र प्रचालन के लिये खुला एवं अप्रैल १९८१ को इसका आधिकारिक उद्घाटन संपन्न हुआ।

ज़कात

ज़कात (अरबी: زكاة‎ zakāt, "पाक या शुद्धी करने वाला", और ज़कात अल-माल زكاة ألمال, "सम्पत्ती पर ज़कात ", या "ज़काह") इस्लाम में एक प्रकार का "दान देना" है, जिसको धार्मिक रूप से ज़रूरी और कर के रूप में देखा और माना जाता है। कुरआन के अनुसार सलात या नमाज़ के बाद ज़कात ही का मक़ाम है. इस्लाम धर्म के अनुसार पांच मूल स्तंभों में से एक माना जाता है, और हर मुस्लमान को अपने धन में से ज़कात की अदायगी ज़रूरी है। यह दान धर्म नहीं बल्कि धार्मिक कर या टैक्स माना जाता है और फ़र्ज़ भी है.इस्लाम के पवित्र ग्रंथ कुरान के मुताबिक हर एक समर्पित मुसलमान को साल (चन्द्र वर्ष) में अपनी आमदनी का 2.5 % हिस्सा ग़रीबों को दान में देना चाहिए। इस दान को ज़कात कहते हैं।

जॉर्डन

जॉर्डन, आधिकारिक तौर पर इस हेशमाइट किंगडम ऑफ जॉर्डन, दक्षिण पश्चिम एशिया में अकाबा खाड़ी के दक्षिण में, सीरियाई मरुस्थल के दक्षिणी भाग में अवस्थित एक अरब देश है। देश के उत्तर में सीरिया, उत्तर-पूर्व में इराक, पश्चिम में पश्चिमी तट और इज़रायल और पूर्व और दक्षिण में सउदी अरब स्थित हैं। जॉर्डन, इज़रायल के साथ मृत सागर और अकाबा खाड़ी की तट रेखा इज़रायल, सउदी अरब और मिस्र के साथ नियंत्रण करता है। जॉर्डन का ज्यादातर हिस्सा रेगिस्तान से घिरा हुआ है, विशेष रूप से अरब मरुस्थल; हालाँकी, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र, जॉर्डन नदी के साथ, उपजाऊ चापाकार का हिस्सा माना जाता है। देश की राजधानी अम्मान उत्तर पश्चिम में स्थित है।

यमन

यमन (अरबी भाषा: اليَمَن अल-यमन), आधिकारिक तौर पर यमन गणराज्य (अरबी भाषा: الجمهورية اليمنية अल-जम्हूरिया अल-यमन) मध्यपूर्व एशिया का एक देश है, जो अरब प्रायद्वीप में दक्षिण पश्चिम में स्थित है। 2 करोड़ वाली आबादी वाले देश यमन की सीमा उत्तर में सऊदी अरब, पश्चिम में लाल सागर, दक्षिण में अरब सागर और अदन की खाड़ी और पूर्व में ओमान से मिलती है। यमन की भौगोलिक सीमा में लगभग 200 से ज्यादा द्वीप भी शामिल हैं, जिनमें सोकोत्रा द्वीप सबसे बड़ा है।

या सिन

सूरा या-सीन (अरबी: سورة يس‎) कुरान का 36वां अध्याय है। इसमें 83 आयतें हैं, एवं इसे मक्का में प्रकट किया गया था।

इसे कुरान का हृदय माना जाता है।

शहादा

शहादा (अरबी: الشهادة‎ aš-šahādah "गवाही देना"; और भी अश-शहादतन (الشَهادَتانْ, "दो गवाहियाँ, एक इस्लामी बुनियादी प्रथा है, इस बात का एलान करना कि अल्लाह (ईश्वर) एक है और मुहम्मद अल्लाह (ईश्वर) के भेजे गए प्रेषित (पैगम्बर) हैं.

यह एलान सूक्ष्म रूप से इस तरह है:

لَا إِلٰهَ إِلَّا الله مُحَمَّدٌ رَسُولُ الله

ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाहकोई भी परमेश्वर नहीं है, परमेश्वर के सिवा, मुहम्मद उस ईश्वर के प्रेषित हैं.हर मुसलमान इस बात को प्रकट करता है कि "अल्लाह एक है, और मुहम्मद, अल्लाह के रसूल हैं", यही विशवास का मूल धातू और स्तंभ है।

सहरावी अरब जनतांत्रिक गणराज्य

सहरावी अरब जनतांत्रिक गणराज्य (SADR) (अरबी: الجمهورية العربية الصحراوية الديمقراطية‎) पश्चिमी सहारा का आंशिक मान्य राज्य है। यह पश्चिमी सहारा पर पूर्ण दावा करता है।

सोमालिया

सोमालिया(/sɵˈmɑːliə/ so-MAH-lee-ə; सोमाली : 'Soomaaliya'; अरबी: الصومال‎ aṣ-Ṣūmāl), या आधिकारिक तौर पर संघीय गणराज्य सोमालिया, जिसे पूर्व में सोमाली लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता था, अफ्रीका के पूर्वी किनारे पर स्थित एक देश है। इसके उत्तरपश्चिम में जिबूती, दक्षिण पश्चिम में केन्या, उत्तर में अदन की खाड़ी, पूर्व में हिन्द महासागर और पश्चिम में इथियोपिया स्थित हैं। अफ्रीका पर सोमालिया का सबसे लंबा समुद्र तट है, और यह मुख्यतः पठार, मैदानी इलाकों और हाइलैंड्स आदि से मिलकर बना हैं। मौसम की दृष्टि से, आवधिक मानसून हवाओं और अनियमित वर्षा के साथ गर्म मौसम, वर्ष भर में रहती है।

सोमालिया की अनुमानित जनसंख्या लगभग 14.3 मिलियन है। इसके लगभग 85% निवासियों में सोमालीस जाति के लोग हैं, जो ऐतिहासिक रूप से देश के उत्तरी भाग में निवास करते हैं। वहीं अल्पसंख्यक जाति के लोग मुख्य तौर पर दक्षिणी क्षेत्रों में रहते हैं। सोमालिया की आधिकारिक भाषा सोमाली और अरबी हैं, जो दोनों अफ्रोसिआटिक परिवार से संबंधित हैं। देश में ज्यादातर लोग सुन्नी मुस्लिम हैं।

प्राचीन काल में सोमालिया बाकी दुनिया के साथ वाणिज्य के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र था। इसके नाविक और व्यापारी लोबान, मसाले और उन तमाम वस्तुओं के मुख्य आपूर्तिकर्ता थे, जिन्हें प्राचीन मिस्री, फोनिशियाई, मेसेनिशियाई और बेबिलोन निवासियों द्वारा मूल्यवान माना जाता था। विद्वानों के अनुसार, सोमालिया वह स्थान भी था, जहां पुन्त का प्राचीन राज्य स्थित था। प्राचीन पुन्तितेस ऐसे लोगों का देश था, जिनका प्राचीन मिस्र के साथ राजा फारोह सहुरे और रानी हत्शेपसट के दौर में घनिष्ठ संबंध था। सोमालिया के आसपास बिछी हुई पिरामिड संरचनाएं, मंदिर और तराशी हए पत्थर के प्राचीन घर इस अवधि के माने जाते हैं।

सोमालीदेश

सोमालीदेश (सोमाली : 'Soomaaliland', अरबी: أرض الصومال‎ Arḍ aṣ-Ṣūmāl) एक स्वायत्त क्षेत्र है, यह सोमालिया का भाग है और अफ़्रीका का सींग में स्थित है।

सौम

सौम (صوم) और बहुवचन सियाम (صيام) अरबी भाषा के शब्द हैं। उपवास को अरबी में "सौम" कहते हैं। रमज़ान के पवित्र माह में रखे जाने वाले उपवास ही "सौम" हैं। उर्दू और फ़ारसी भाषा में सौम को "रोज़ा" कहते हैं।

इस्लाम के पाँच मूलस्थंबों में से एक सौम है।

हदीस

हदीस (अरबी: حديث‎ हदीस या हदीथ, बहुवचन: أحاديث अहादीस ), पैग़म्बर मुहम्मद [स्वल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम] के कथनों, कार्यों या आदतों का वर्णन करने वाले विवरण या रिपोर्ट को कहते हैं। यह शब्द अरबी भाषा से आता है और इसके अर्थ "रिपोर्ट (विवरण)", "लेखा" या "रिवायत" हैं। क़ुरआन से अलग, एक समान साहित्यिक काम जो सभी मुस्लिमों द्वारा मान्यता प्राप्त है। हदीस इकलौता संग्रह नहीं हैं।

अहादीस अलग-अलग हदीसों के संग्रह को दर्शाता है, और इस्लाम की विभिन्न शाखाएं (सुन्नी, शिया) हदीसों के विभिन्न संग्रहों से परामर्श (हवाला) लेती हैं जबकि क़ुरआनीयत का एक अपेक्षाकृत छोटा पक्ष किसी भी हदीस संग्रह के प्रमाण को पूरी तरह से अस्वीकार करता हैं।

विश्व की प्रमुख भाषाएं

अन्य भाषाओं में

This page is based on a Wikipedia article written by authors (here).
Text is available under the CC BY-SA 3.0 license; additional terms may apply.
Images, videos and audio are available under their respective licenses.