1903

1903 ग्रेगरियन कैलेंडर के एगो साधारण साल बा।

घटना

अक्टूबर-दिसंबर

जनम

अक्टूबर-दिसंबर

निधन

आयरिश सागर

आयरिश सागर (अंगरेजी: Irish Sea; आयरिश: Muir Éireann,), आयरलैंड आ ग्रेटब्रिटेन के बिलग करे ला। ई सागर दक्खिन ओर, सेंट जॉर्ज चैनल द्वारा सेल्टिक सागर से जुडल बाटे आ उत्तर ओर नॉर्थ चैनल से। Anglesey एह सागर में सभसे बड़ा दीप बाटे आ दूसरा सभसे बड़ा दीप प्रसिद्ध आइल्स ऑफ मैन बा। कभी-कभी कुछ बहुत कम आ बिसेस अवसर पर एह सागर के मांक्स सागर (Manx Sea, आयरिश: Muir Meann) भी कहल जाला। मान्स्क: Mooir Vannin, स्कॉटिश गैलिक: [Muir Mhanainn] ).एह क्षेत्र के ब्यापार खतिर ई सागर के काफ़ी महत्व बाटे आ जहाज से यातायात आ मछरी पकड़े आ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी महत्व वाला बा। आयरलैंड आ ब्रिटेन के बीचा में सालाना ट्रैफिक देखल जाय त 12 मिलियन से कुछ ढेरे पसिंजर आ 17 मिलियन टन (17,000,000 लांग टन; 19,000,000 शार्ट टन) के आसपास के माल ढोवल जाला।

कुशीनगर

कुशीनगर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी पूरबी हिस्सा में एगो शहर, पर्यटन स्थल आ बौद्ध तीरथ बा। अपनहीं नाँव के जिला में मौजूद ई शहर उत्तरी-पूरबी उतर प्रदेश के प्रमुख शहर गोरखपुर से करीबन 50 किलोमीटर पूरुब ओर नेशनल हाइवे 28 पर पड़े ला। एकरा के कुछ बड़हन आकार नजदीकी दूसर शहर पड़रौना बा।

कुशीनगर के प्राचीन नाँव "कुशीनारा" बतावल जाला। एकर पहिचान ओह जगह के रूप में कइल जाला जहाँ भगवान बुद्ध के परिनिर्वाण भइल। एहीसे ई जगह बौद्ध धर्म माने वाला लोगन क चारि गो सबसे पबित्र तीरथ अस्थानन में गिनल जाला, बाकी तीन गो जगह लुम्बिनी, बोधिगया, आ सारनाथ हवें। भारत से बाहर के लोग खाती ई एगो अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आ तीरथ के जगह हवे। खासतौर से एशियाई देसन के लोग, जहाँ बौद्ध धर्म के प्रचलन बहुत बा, अपना जिनगी में कम से कम एक बेर इहाँ के जातरा जरूर कइल चाहे ला।

परिनिर्वाण मंदिर, रामभर स्तूप आ अन्य प्राचीन बिहार के अवशेष इहाँ के देखे लायक चीज बाने। परिनिर्वाण मंदिर में गौतम बुद्ध के लेटल मुद्रा में मूर्ती बा। एकरे अलावे कई गो नया मंदिर आसपास के बड़हन बिस्तार में स्थापित भइल बाने। कई सारा मंदिर सभ के नाँव ओह देस के नाँव पर बा जहाँ के लोग इनहन के बनवावल हवे। सरकार इहाँ मैत्रय परियोजना के तहत एगो बिसाल मूर्ती स्थापित करावे के घोषणा भी कइले बा।

कृष्ण

कृष्ण हिंदू धर्म के एगो प्रमुख देवता हवें। इनका के बिष्णु के अवतार के रूप में भी पूजल जाला आ अपना में खुदे इनहीं के सबसे बड़हन ईश्वर के रूप में भी पूजल जाला। कृष्ण के हिंदू धर्म में करुणा, दया आ प्रेम के देवता के रूप में पूजल जाला, आ ई भारतीय देवी-देवता सभ में एगो प्रमुख देवता हवें। कृष्ण के जनमदिन के लगभग पूरा भारत में कृष्ण जन्माष्टिमी के रूप में मनावल जाला आ ई हिंदू कैलेंडर के हिसाब से भादो महीना के अन्हार में अष्टिमी तिथी के पड़े ला आ अंगरेजी कलेंडर के हिसाब से ई तिहुआर अगस्त भा सितंबर में पड़े ला।कृष्ण के अउरी कई नाँव से जानल जाला, जइसे की गोविंद, मुकुंद, मधुसूदन, वासुदेव, आ माखनचोर। कृष्ण के जिनगी के कथा आ खीसा सब के "कृष्ण लीला" कहल जाला। कृष्ण कई गो पुराणिक कथा सभ, जइसे कि महाभारत, भागवत पुराण आ भगवत गीता में प्रमुख चरित्र बाड़ें आ इनके जिकिर कई किसिम के दार्शनिक, धार्मिक आ कथा ग्रंथ सभ में आइल बा। एह कथा आ ग्रंथ सभ में कृष्ण के कई बिबिध रूप में प्रस्तुत कइल गइल बा: उदाहरण खाती, ईश्वर के अवतार, लीलापुरुष, आदर्श प्रेमी, पबित्र हीरो, आ साक्षात ईश्वर इत्यादि। इनके बिबिध रूपलेखन (आइकनोग्राफी) में इनके जिनगी के बिबिध रंग प्रगट होला आ जीवन के अलग-अलग हिस्सा, बचपन में माखन चोरा के खाए वाला चंचल बालक, मुरली बजावे वाला लइका, युवा रूप में राधा आ गोपी लोग के साथे रास रचावे वाला प्रेमी, युद्ध में निपुण योद्धा आ अर्जुन के सारथी, योगी आ उपदेशक इत्यादि रूप प्रमुख बाड़ें।

ताज महल होटल

ताज महल होटल मुंबई क एगो पाँच सितारा होटल ह जवन की मुम्बई की कोलाबा में गेटवे ऑफ़ इंडिया की लगे आइल बा।इ ताज होटल रिसोर्ट एवं पैलेस क एगो प्रमुख संपत्ति ह, जवने में 560 कमरा और 44गो सुइट्स बा। एमें 35 बटलर सहित करीब 1500 कर्मचारी लोगन क स्टाफ बा। इतिहासी और सरंचना की महत्व की दृष्टी से देखल जा त ए होटल की तहत आवे वाला दुगो इमारत, ताज महल पैलेस और टावर दुनू अलग अलग इमारत हई स, जवन की अलग-अलग समय पर आ अलग-अलग डिज़ाइन में बनल बाड़ी स।

पनामा

पनामा मध्य अमेरिका क एगो देस हवे। ई पनामा नहर खातिर जानल जाला। एकर राजधानी पनामा सिटी बाटे।

प्योत्र इलिच चाइकोफ़्सकी

प्योत्र इलिच चाइकोफ़्सकी (अंगरेजी: Pyotr Ilyich Tchaikovsky 7 मई 1840 [O.S. 25 अप्रैल] – 6 नवंबर [O.S. 25 अक्टूबर] 1893) रूस के एगो परसिद्ध संगीतकार रहलें। ई पहिला रूसी संगीतकार रहलें जिनके दुनियाँ भर में ब्यापक पहिचान आ सम्मान मिलल। इनके जमाना रोमांटिक म्यूजिक के जमाना रहल जेह दौर में ई आपन रचना कइलें। इनकर काम खाती रूस के सम्राट तिसरा अलेक्जेंडर इनके सम्मानित कइलें आ जिनगी भर खाती पेंशन जारी कइलें।

फिलिम

फिलिम (अंगरेजी: Film) हिंदी में "चलचित्र" या "सिनेमा", अंगरेजी में "मूवी" ("Moovies") एगो अइसन चीज बा जेवन एक की बाद एक खींचल कय गो फोटो के हाली-हाली देखावे के चलते मूल दृश्य के दोबारा चलत-फिरत रूप में देखावे के काम करे ले। फ़िल्म (Film) वास्तव में उ रील के कहल जाला जवना पर कवनो चित्र चाहे चलचित्र अंकित होला, ई कैमरा में प्रयोग करे खाती प्रकाश के प्रति संबेदनशील पायस आदि पोतल कार्बन प्लास्टिक आदि के समिश्रण से बनल पातर लचकदार पट्टी नियन होला जवना प चित्र चाहे चलचित्र कैमरा से अंकित कइल जाला। एकरा पर तेज प्रकाश के किरण परला प चित्र आगे परदा प दिखाई देला। यदि एक निमेष (आदमी के एक बार आंखि झपके के समय) में 50 गो से ज्यादा चित्र एक साथ देखावल जाय त चित्र में चित्रित चरित्र गतिमान लउके लागि लोग मनोरंजन खाती एकरा के देखे जात रहन आ सामान्य बोल चाल के भाषा में फिलिम कहे लागले।

भूगोल के रूपरेखा

आगे दिहल रूपरेखा भूगोल आ एकरे संबंधित बिसय सभ के परिचय खातिर बनावल गइल बाटे:

भूगोल पृथ्वी आ एकरे निवासी लोग के अध्ययन हवे।

भोजपुरी

भोजपुरी ( कैथी: 𑂦𑂷𑂔𑂣𑂴𑂩𑂲 सुनीं) भाषाई परिवार के स्तर प एगो इंडो-आर्य भाषा हीया जवन मूल रूप से भारत के मध्य गंगा के मैदान के कुछ हिस्सन में आ नेपाल के तराई वाला कुछ हिस्सन में बोलल जाले। भारत में ई भाषा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में, बिहार के पच्छिमी में, आ झारखंड के उत्तरी-पच्छिमी इलाका सभ में बोलल जाले।मूल क्षेत्र के अलावा भोजपुरी जाने-बुझे वाला लोगन के बिस्तार बिस्व के सगरी महादीप कुल पर बा। उत्तर प्रदेश मे सबसे जादा भोजपुरी बनारस,बलिया,जौनपुर आउर गोरखपुर मे बोलल जाला।जेन्ने-जेन्ने यूरोपियन कॉलोनी रहल अंग्रेज लोग उत्तरपरदेश आ बिहार से भारी संख्या में मजदूरी करे खातिर लोग के ले गइल जिनहन लोग के भाषा भोजपुरी रहे। एसियाइ देशन में मउरीसस सूरिनाम, गुयाना, त्रिनिदाद आ टोबैगो, फिजी नीयन देश प्रमुख बाड़ें जहाँ भोजपुरी प्रमुख भाषा के रूप में बोलल आ बुझल जाले, चाहे इहाँ भोजपुरी के मूल में अन्य भाषा सभ के तत्व मिल के नाया भाषा सभ के निर्माण भइल बा।

भारत के जनगणना आंकड़ा 2001 के अनुसार भारत में लगभग 3.3 करोड़ भोजपुरी बोले वाला लोग बा। मय बिस्व में भोजपुरी जाने वाला लोगन के संख्या लगभग 7 करोड़ से जादे बा। द टाइम्स ऑफ इंडिया के एगो लेखा में कहल गइल बा कि मय विश्व में भोजपुरी बोले वला 16 करोड़ लोग बाड़ान जे में से 8 करोड़ बिहार आउर 7 करोड़ उत्तर प्रदेश में रहे लें बाकी १करोड़ लोग बचल बिश्व में रहे लें, उत्तर अमेरिका के भोजपुरी संगठन के भी कहनाम बा कि बिस्व में 18 करोड़ अमदी भोजपुरी बोले लें। जनगणना आ हई बात में अंतर एह चलते हो सकेला की ढ़ेर लोग जनगणना में भोजपुरी के आपन महतारी भाषा ना लिखवावस।

मैरी क्यूरी

मैडम मैरी क्यूरी, पोलिश: [Maria Salomea Skłodowska-Curie] (7 नवंबर 1867 – 4 जुलाई 1934) एगो पोलिश आ फ्रांस में माइनारिटी पोलिश बैज्ञानिक रहली। फिजिक्स में इनके मूलभूत योगदान रहल आ रसायन बिज्ञान में रेडियोएक्टिविटी के क्षेत्र में खास काम कइली। इनके योगदान खाती इनके नोबेल सम्मान दिहल गइल; नोबेल इनाम पावे वाली ऊ पहिली औरत रहली आ पहिली अइसन ब्यक्ति रहली जेकरा के ई सम्मान दू बेर मिलल होखे।

मोतीलाल बनारसीदास

मोतीलाल बनारसीदास एगो प्रकाशन संस्थान बाटे जवन संस्कृत आ इंडोलॉजी के पुस्तक के प्रकाशन करे ला। एकर हेडक्वॉर्टर दिल्ली में बाटे। शाखा लंदन आ बनारस में भी बा।

लाल किला

लाल किला भारत के राजधानी दिल्ली शहर में मौजूद एगो इतिहासी किला बाटे। ई किला मुगल शासक लोग के मुख्य निवासस्थान रहल, लगभग 200 साल ले जब ले कि 1857 में अंतिम मुगल बादशाह के अंगरेज लोग देस निकाला ना दे दिहल। ई दिल्ली के बीचोबीच के इलाका में बा आ इहाँ कई गो म्यूजियम स्थापित कइल गइल बाने। मुगल शासन काल में ई खाली मुगल बादशाह लोग के निवास करे के जगह भर ना रहल बलुक राजकाज से अउरी मुगल राजा लोग के पारिवारिक कारपरोज से जुड़ल आयोजन आ राजनीतिक घटना सभ के केंद्र भी रहल, आसपास के इलाका पर एह जगह के बहुत परभाव भी रहल।पाँचवाँ मुग़ल बादशाह शाह जहाँ द्वारा ई किला 1639 में बनवावल गइल जब किलेबंदी (देवाल आ गेट) के भीतर ऊ आपन राजधानी शाहजहानाबाद बसवलें। लाल रंग के बलुआ पाथर से बनल होखे के कारन एकर नाँव लाल किला रखाइल। ई किला 1546 में इस्लाम शाह सूरी के बनवावल सलीमगढ़ किला के ठीक बगल में बाटे। शाही आवास के भवन सभ एक कतार में बनल बाने आ ई एगो नहर के किनारे बनावल गइल बाने। एह नहर के नहर-ए-बहिश्त यानी "स्वर्ग के नहर" नाँव दिहल गइल रहे। किला के बनावट आ आर्किटेक्चर के परभाव एकरे बाद बने वाला कई ठो किला आ भवन सभ पर पड़ल।1747 में जब नादिरशाह के हमला भइल, किला के नक्काशी आ सजावट में लागल कीमती पाथर सभ के ब्यापक लूटपाट भइल। 1857 के बिद्रोह के बाद किला के अंदर संगमरमर के बनल ज्यादातर चीज सभ ब्रिटिश राज में बरबाद हो गइल। ब्रिटिश लोग एह किला के बाहरी मजबूत देवाल सभ भर बचावे के कोसिस कइल आ बाद में एह किला के तोपखाना (गैरिसन) के रूप में इस्तेमाल भइल। एही किला में ब्रिटिश लोग अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह 'ज़फ़र' के सुनवाई भी कइल जेकरे बाद उनके देशनिकाला दे के 1858 में रंगून भेज दिहल गइल।वर्तमान में, हर साल भारत के आजादी के राष्ट्रीय परब स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर भारत के परधानमंत्री किला के मुख्य दरवाजा पर तिरंगा फहरावे लें आ किला के प्राचीर से राष्ट्र के संबोधित करे लें।2007 में लाल किला परिसर के यूनेस्को द्वारा बिस्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दिहल गइल।

वासिली कैंदिन्सकी

वासिली कैंदिन्सकी (रूसी:Васи́лий Васи́льевич Канди́нский; जनम 16 December [O.S. 4 December] 1866 – देहांत 13 December 1944) एगो परभावशाली रूसी पेंटर आ कला क सिद्धांत देवे वाला आदमी रहलें। उनके पहिला अइसन व्यक्ति मानल जाला जे भावचित्र (Abstract painting) बनावे शुरू कइलें।

दुसरी भाषा में

This page is based on a Wikipedia article written by authors (here).
Text is available under the CC BY-SA 3.0 license; additional terms may apply.
Images, videos and audio are available under their respective licenses.