संस्कृति

कौनों भी  पुरान भा वर्तमान लोगन के  समूह के आचार- बेहवार के सगरी अमूर्त तत्वन के एकट्ठा रूप होला संस्कृति । जब कवनो संस्कार के आकर के रूप में देखल जाला वोह आकर के नाम ह  संस्कृति । संस्कृति सभ्यता के क्रियारूप होला जवन आदमी के  ब्यक्तिगत भा सामाजिक लुरी,रहन,शहुरि,पहिरावा,उठ -बइठ,बोली ,बिचार भा सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में लउकेला। जतना भी देवनागरी लिपि से जुडल भाषा बडिस उ सब भाषा में एकरा के संस्कृति ही कहल जाला अंगरेजी में एकरा के culture  कहल जाला।

संस्कृति शब्द के उत्पत्ति

संस्कृति शब्द के उत्पत्ति संस्कृत शब्द के साथ साथ मानल जाला। संस्कृत भाषा के उत्पत्ति [1] प्राकृत,यवाणी,भजपुरी(भोजपुरी ) ,अवधी ,मैथली ,सैथली कुवांड,लुवांड,ज्वाठी,हलथि,मियांजा ,संस्थाली, बिरोछा ,कुमान्ड आदि चौदह भाषा के  संस्कार देला  से भइल बा । एह प्रकार से भाषा आ संस्कृति के संबंध नोह् आ मांस नियन एक दूसरा के पूरक बन गईल।हर भाषा के आपन संस्कृति होला,एकर कारण मानव सभ्यता के बिकाश के समय में मानव के अलग अलग समूह में रहेके प्रविर्ती के मानल जाला। भोजपुरी भाषा संस्कृत से भी पुरान भाषा ह। आज सांस्कृतिक कर्मकांड में बहुत क्रिया के भोजपुरी संस्कृति के अनुसार कइल जाला जैसे भोजपुरी संस्कृति के मट्कोड ,भूमिपूजन बनल।

संस्कृति के अंग -

  • भाषा :- भाषा कवनो भी संस्कृति के मुख्य अंग मानल जाला। भाषा के मुख्य शक्ति शब्द होला आ शब्द वोह संस्कृति में कइल जाये वाला सामाजिक क्रिया कलाप आ अनुभव के प्रतिफल होला। जवना भाषा में शब्द संख्या जतना ज्यादा होई उ ओतना समृद्ध भाषा मानल जाला संपूर्ण भाषा में सबसे ज्यादा शब्द संस्कृत भाषा में बा आ संस्कृत में 12 आना शब्द भोजपुरी भाषा से गईल बा। संस्कृत ब्याकरण में तीन लिंग भी भोजपुरी संस्कृती के देन मानल जाला।भोजपुरी भाषा सहचर शब्द के सबसे ज्यादा धनि भाषा ह। बिना सहचर शब्द के कवनो भी शब्द भोजपुरी में नईखे जैसे पानी -वानी ,खाना-पीना,बैठाल -वैठाल आदि ई सहचर शब्द भोजपुरी में प्राकृत भाषा से जुडल बा। एह प्रकार से भोजपुरी के शब्द संख्या बहुत बढ़ जाला।
  • पहिरावा:-पहिरावा भा पहिरन कवनो भी संस्कृति के दूर से लउकेवाला चीज है। कवनो भी संस्कृति में पहिरन के आधार जलवायु ,सुलभता आ सहजता के मानल जाला। पूरा भारत में कवनो भी बिधार्थी के यदि ई कहब की ये बाबू तनी किशान के चित्र बनाव त उ फट से भोजपुरी पहिरन से सज़ल पुरुष के चित्र बना दी। भारत ही ना बहुत सारा देश में किशान के  चित्र में भोजपुरी पहिरन ही लउकेला ला।पहिरन संस्कृति के पहिचान ह। एह से पहिरन के संस्कृति के मुख्य अंग मानल जाला।
  • क्रिया-कलाप :-आदमी के क्रिया-कलाप ओकरा संस्कृति से  झळकावेला। रोज करे वाला काम भी संस्कृति के आधार पर होला। एह से आदमी के रोज के क्रिया-कलाप भी संस्कृति से अंग मानल जाला।
  • सामाजिक परम्परा :- सामाजिक परंपरा हमेशा संस्कृति के आधार प होला आ एकरा के संस्कृति के आधार आ अंग मानल जाला।
  • तिउहार :- तिउहार संस्कृति के मुख्य अंग मानल जाला। तिउहार सामाजिक क्रिया-कलाप के अंग ह। समाज में मनवाल जएवाला तिउहार संस्कृति के पहिचान होला।

संस्कृति के महत्व :-  मानवता के श्रृंगार ,पालन ,आ रक्षा करे में संस्कृति के  महत्वपूर्ण भूमिका बा ,संस्कृति बिहिन मानव समाज जीव मात्र बन के रह जाला। संस्कृति खाली मानवता खाती मात्र ना होके एह धरती प के जीव खाती भी बहुत आवस्यक बिआ। पशु-पालन ,कृषि संस्कृति के आधार प ही बिकाश करेले। सामाजिक बिकाश के आधार में संस्कृति रीढ़ के हड्डी नियन भूमिका निर्वाह करेली। संस्कृति से परिवार ,समाज ,देश के संबंध सूत्र मिलेला।

अथर्ववेद

अथर्ववेद, सभसे पुरान ग्रंथन के रूप परसिद्ध आ हिंदू धर्म में पवित्र मानल जाए वाला चारि गो वेद में से एगो वेद ह। एकरा के सभसे नया (चउथा) बेद मानल जाला, वेदत्रयी (ऋक यजु साम) में एकरा के ना शामिल कइल जाला आ ई ज्यादातर, ई लौकिक चीज सभ के बारे में ज्ञान के भंडार के रूप में बा; आचार बेहवार के तरीका के संकलन हवे जबकि पहिला तीन गो वेद के बिसय मुख्य रूप से देव स्तुती आ यग्य हवें। वैदिक साहित्य में अथर्ववेद के शामिल बाद में कइल गइल आ कई बिद्वान लोग एकरा के अनार्य परभाव भी स्वीकार करे ला। एह संदर्भ में आर्य कौनों जाति भा प्रजाति (रेस) के अरथ में ना बलुक आर्यभाषा बोले वाला लोग के अरथ में इस्तेमाल होला।

कुछ बिद्वान लोग एकरा के क्षत्रिय राजा लोग के अनुरोध चाहे प्रेरणा पर लौकिक कामकाज खाती लिखल गइल ग्रंथ भी माने ला।

इंग्लैंड

इंग्लैण्ड यूरोप महाद्वीप में एगो देश रहे। वर्तमान समय में इंग्लैण्ड, स्काटलैण्ड, वेल्स आ उत्तरी आयरलैण्ड के मिला के यूनाइटेड किंगडम नाँव क देश बनल बाटे। भोजपुरी में इंग्लैण्ड के इंग्लिस्तान आ अँगरेज़ देश भी कहल जाला।

ऋग्वेद

ऋग्वेद हिन्दू धर्म की परसिद्ध आ पवित्र चारि गो वेद में से पहिला आ सभसे महत्व वाला वेद हवे।

ई सभसे पुरान आ सबसे बड़हन वैदिक संहिता हवे।

छन्द की रूप में या पद्द्य की रूप में मन्त्र के ऋचा कहल जाला। ऋग्वेद क अर्थ भइल ऋचा कुल क वेद।

मने अइसन वेद जेवना में ऋचा कुल के एकठ्ठा कइल गइल होखे।

इहाँ ई बाति साफ़ क दिहल जाय कि ऋग्वेद में खाली ऋचे के संग्रह कइल गइल ह जबकि बाकी वेदन में ऋचा कि साथे अउरी दूसर कुल चीज भी मिलेला।

कबी

कबी अइसन ब्यक्ति होला लोग जे कबिता के रचना करे। अपना काब्यरचना से केहू खुद के भी कबी बता सके ला आ अउरी दूसर लोग भी केहू के कबी के रूप में मान सके ला। कबी लोग खाली कबितई करे वाला रचनाकार भी हो सके ला आ कुछ लोग आपन रचना के जनता के सोझा पढ़े भा गावे वाला प्रस्तुतकर्ता कलाकार भी हो सके ला।

कोलकाता

कोलकाता (पुरान नाँव कलकत्ता) भारत देस के पच्छिम बंगाल राज्य क राजधानी हऽ। हुगली नदी के पूरबी तीरे पर बसल ई शहर आर्थिक, ब्यापारिक आ सांस्कृतिक हिसाब से बहुत महत्व वाला शहर ह आ पूरबी भारत के सभसे बड़ शहर भी हवे; कलकत्ता बंदरगाह भारत के सभसे पुरान अभिन ले चालू बंदरगाह हवे आ अपना तरह के अकेल बंदरगाह हऽ जे नदी के सहारे बाटे। शहर के "सांस्कृतिक राजधानी" मानल जाला आ अंगरेजी में एकर "सिटी ऑफ ज्वाय" (आनंद के नगर) के रूप में परसिद्धी बा। साल 2011 के जनगणना के आँकड़ा अनुसार, कोलकाता शहर के कुल जनसंख्या 4.5 मिलियन (45 लाख) रहल, जबकि एकरा उपशहरी इलाका सभ के सामिल कइ के कुल जनसंख्या 14.1 मिलियन (141 लाख) रहल, एह हिसाब से ई भारत के तिसरा सभसे ढेर जनसंख्या वाला शहर बा। हाल के अनुमान सभ के मोताबिक कोलकाता मेट्रो एरिया के अर्थब्यवस्था के आकार $60 से $150 बिलियन (परचेजिंग पावर पैरिटी खाती जीडीपी के एडजस्ट कइ के) बाटे जेकरा चलते ई शहर मुंबई आ दिल्ली के बाद भारत के तिसरहा सभसे बड़ आर्थिक केंद्र भी बा।सत्रहवीं सदी ईसवी की अंत में कलकत्ता नाँव से अस्थापित ई शहर अंग्रेजन की समय में (सन 1911 ई. से पहिले ले) पूरा भारत क राजधानी रहे। एही से एकर इतिहास आ संस्कृति की हिसाब से बहुत महत्व बा। कलकत्ता बंदरगाह भारत क सबसे पुरान बंदरगाह हवे। आर्थिक आ ब्यापारिक दृष्टि से सबसे बड़ शहर रहला से इहाँ रोजी-रोजगार खातिर पुरा भारत से लोग आवे आ उत्तर प्रदेश आ बिहार की भोजपुरिहा इलाका क लोग ए में प्रमुख रहे। लोकगीत आ किस्सा-कहानी की जरिये कलकत्ता से भोजपुरिया संस्कृति क जुड़ाव आजु ले महसूस कइल जा सकेला।

दक्खिन भारतीय सिनेमा

दक्खिन भारतीय सिनेमा भारत के दक्खिनी राज्य सभ के लोकल सिनेमा सभ के एकट्ठा संबोधन हवे; एह में तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम आ तुलु भाषा में बने वाली फिलिम सभ के सामिल कइल जाला। ई सिनेमा सभ के इंडस्ट्री अलग-अलग भाषा के क्षेत्र अनुसार चेन्नई, हैदराबाद, बंगलौर, कोच्चि & त्रिवेंद्रम, आ मैंगलोर नियर शहर सभ में स्थित बाटे।

बिआह

बियाह एगो संस्कार हवे जेवना में लड़िका आ लड़की के सामजिक रूप से एक संघे पति-पत्नी की तरे रहे आ जीवन बितावे खातिर एक-दूसरा द्वारा चुनल आ सर्ब समाज द्वारा एके मान्यता दिहल जाला।

जब लईका आ लईकी एक दूसरा के, समाज क़ानून या रीती रिवाज के साक्षी राखी, के एक दोसरा के आपन जीवन साथी बनावेले बिआह कहल जाला। बिआह हिंदी भाषा के " बिबाह " शब्द के अपभ्रंस रूप ह। भोजपुरी भाषा के ई देशज शब्द के श्रेणी में आवेला। उर्दू के निकाह शब्द के मतलब बिआह ना होला। इस्लाम सभ्यता में बिआह ना होला। एह संस्कृति में बंस बढ़ावे खाती चाहे मानव के मूल जरूरत मैथुन के पूर्ति खाती मेहर (धन) देके कनिया कीनल जाला। एगो पुरुष क्ईओगो कनिया किन सकता एकर इस्लाम सभ्यता में आजादी बा।

बिहार

बिहार भारत के एगो राज्य ह, जवन कि उत्तरी आ पूरबी भारत में स्थित बा,ई 94,163 किमी2 (36,357 वर्ग मील) क्षेत्रफल वाला राज्य भारत के तेरहवाँ सबसे बड़ राज्य ह आ जनसंख्या के हिसाब से भारतीय राज्यन में तिसरा नंबर पर बा। बिहार राज्य के सीमा पश्चिम में उत्तर प्रदेश आ उत्तर में नेपाल से सटल बा जबकि पुरुब ओर पच्छिम बंगाल आ दक्खिन में झारखंड से सटल बाटे। बिहार एगो मैदानी राज्य ह, बिहार के मैदान में पच्छिम से पुरुब बहे वाली गंगा नदी एकरा के दू हिस्सा में बाँटे ली। सांस्कृतिक रूप से बिहार के चार गो क्षेत्रन में बाँटल जाला, अंगिका, मगध, मिथिला आ भोजपुर।15 नवंबर 2000 दक्खिनी बिहार के दक्खिनी हिस्सा के अलग क के झारखंड राज्य बनावल गइल। बिहार के खाली भर 11.3% जनसंख्या शहर में रहे ले, एह मामिला में भारत में बिहार सभसे नीचे बा (हिमाचल प्रदेश के छोड़ के)। एकरे अलावा लगभग 58% जनसंख्या 25 बरिस से कम उमिर के बा आ भारत के अन्य राज्यन के तुलना में बिहार कमउमिर लोग के अनुपात के मामिला में सभसे उपर बा। बिहार के आधिकारिक भाषा हिंदी आ उर्दू बाड़ी सऽ। अन्य प्रचलित भाषा सभ में अंगिका,भोजपुरी, मैथिली, मगही बाड़ी सऽ हालाँकि, सराकरी तौर पर खाली मैथिलि के भाषा के दर्जा मानल जाला।प्राचीन काल में बिहार के सत्ता, शक्ति, अध्ययन आ संस्कृति के केंद्र मानल जाय। मगध में भारत के पहिला साम्राज्य, मौर्य साम्राज्य, के उदय भइल आ दुनिया के प्रसिद्ध धर्म, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध के कर्मभूमि भी बिहार रहल। मौर्य आ गुप्त बंस के शासन के दौरान मगध साम्राज्य दक्खिनी एशिया के ज्यादातर हिस्सा के एक ठो केन्द्रीय सत्ता में बान्हे के काम कइलस। बिहार के अन्य क्षेत्र मिथिला प्राचीन काल में विदेह राज के हिस्सा रहल आ ब्राह्मण लोग के ज्ञान खातिर आ अध्ययन केंद्र के रूप में परसिद्ध रहल।1970 के दशक के बाद से बिहार सामाजिक आर्थिक बिकास के मामिला में अन्य भारतीय राज्य सभ से बहुत पाछे छूटत गइल। कई ठे अर्थशास्त्री आ सामाजिक बिग्यानी लोग एकर कारन के रूप में केंद्र सरकार के नीति के देखेला, उदाहरण खातिर, भाड़ा बराबरी के नीति, जवना के तहत भारत में कहीं भी उद्योग लगावे के उद्देश्य राखल गइल आ केंद्र सरकार कच्चा माल आ खनिज के ढोवाई में सब्सिडी दे जेकरे कारण एह इलाका सभ में उद्योग ला लाग पावल। एकरे अलावा केंद्र सरकार के उपेक्षा, बिहारी लोग के अंदर एकता के भावना के कमी, आ 1793 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा लागू कइल गइल इस्तमरारी बंदोबस्त, जेवना में जमींदारी प्रथा के जामीन के राजस्व वसूली कइल जाले, नियर कारण गिनावल जालें। हालाँकि, अब के सरकार बिहार के बिकास के क्षेत्र में तेजी से काम कइले बाटे। शासन ब्यवस्था में सुधार के बाद इहाँ इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में निवेश में बढ़ती देखल गइल बा, स्वास्थ सुबिधा पहिले से बेहतर भइल बा, शिक्षा पर जोर बढ़ल बा, आ अपराध आ भ्रष्टाचार में कमी आइल बा।

बिहू

बिहू भारतीय राज्य आसाम के सभसे प्रमुख तिहुआर हवे। ई साल में तीन बेर मनावल जाला, अलगा-अलगा नाँव से। रोंगाली बिहू, बसंत के तिहुआर हवे आ अंगरेजी कलेंडर के हिसाब से अप्रैल के महीना में मनावल जाला। कोंगाली बिहू, अक्टूबर में मनावल जाला आ ई कमी के सीजन के तिहुआर हवे। माघ के महीना माने जनवरी में भोगाली बिहू मनावल जाला जे भोग माने भोजन के साथे जुड़ल तिहुआर हवे।

भारत

भारत (अंगरेजी: India), चाहे सरकारी रूप से भारत गणराज्य (रिपब्लिक ऑफ़ इंडिया), दक्खिनी एशिया में एगो देश बा। प्राचीन भारतीय साहित्य में एकरा के जम्बूद्वीप, आर्यावर्त, आ अजनाभदेशो कहल गइल बा। भारत, भूगोलीय क्षेत्रफल के हिसाब से विश्व के सातवाँ सबसे बड़हन अउरी जनसंख्या के हिसाब से चीन की बाद दुसरका सबसे बड़ देश बाटे। 2011 के भारतीय जनगणना के हिसाब से इहाँ के कुल जनसंख्या 1.2 अरब बाटे।

भारत के उत्तर में हिमालय पहाड़, दक्खिन में हिन्द महासागर, पच्छिम में अरब सागर आ पूरुब ओर बंगाल के खाड़ी बाटे।

भारत के जमीनी सीमा जेवन देशन की संघे साझा बा उनहन में पच्छिम में पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, उत्तर-पूरब में चीन, नेपाल, आ भूटान अउरी पूरुब ओर बांग्लादेश आ म्याँमार देश बाड़ें। हिन्द महासागर में एकरी दक्खिन-पश्चिम में मालदीव, दक्खिन में श्री लंका अउर दक्खिन-पूरब में इंडोनेशिया हऽ।

हिमालय से निकले वाली नद्दी कुल के ले आवल निक्षेप से उत्तरी भारत के मैदान बनल बा जेवन बहुत ऊपजाऊ बा।

एही मैदान क पच्छिमी तटीय हिस्सा विश्व के सबसे पुरान सभ्यता सिन्धु घाटी सभ्यता के जनम भइल हऽ आ एही उत्तर भारत के मैदान में विश्व के चार गो प्रमुख धर्म:हिंदू, बौद्ध, जैन अउरी सिख धर्म जनम लिहलन अउर विकसित भइलें।

गंगा नदी भारत के राष्ट्रीय नदी बाटे जेवन इहाँ के संस्कृति में बहुत पबित्र मानल जाले।

जहाँ तक भारत के लोगन के सवाल बा जनसंख्या के हिसाब से ई विश्व के सबसे बड़हन लोकतंत्र हऽ। इहवाँ संसदीय प्रणाली के आधार प शासन चलेला आ देश के मुखिया राष्ट्रपति होलें लेकिन परधानमंत्री सभसे शक्तिशाली पद होला।

1991 ई. मे आर्थिक सुधार की बाद भारत के अर्थव्यवस्था में तेज़ वृद्धि देखल गइल बा। भारत नामिक जी॰डी॰पी॰ के अनुसार बिस्व में दसवां सबसे बड़हन आ पी॰पी॰पी॰ की हिसाब से दुनिया में तीसरी सबसे बड़हन अर्थव्यवस्था हऽ।

भारतीय संस्कृति के सभसे मुख्य बिसेसता बा एकर बहुरंगी रूप। भारत में बहुत प्रकार के जाति, प्रजाति आ धर्म के लोग बाटे आ भारत के एक क्षेत्र से दूसरा क्षेत्र में खान-पान, रहन-सहन जइसन चीजन में बहुत अंतर देखे के मिलेला। एकरा बावजूद भारतीय संस्कृति के एगो अलग पहचान बा। अंग्रेज लोग भारत के एही भूगोलिक आ सांस्कृतिक विविधता के देख के ए के एगो उप-महाद्वीप के लोग हालाँकि अब भारतीय एकता आ अखंडता क समर्थक ए शब्द क प्रयोग ना कइल चाहेला लोग।

भोजपुरी सिनेमा

भोजपुरी सिनेमा में, भारत के पूरबी उत्तर प्रदेश आ पच्छिमी बिहार के भाषा भोजपुरी में बने वाली फिलिम सभ के गिनल जाला। पहिली भोजपुरी फिलिम विश्वनाथ शाहाबादी के गंगा मइया तोहें पियरी चढ़इबों रहे जेवन 1963 में रिलीज भइल रहे। अस्सी के दशक में कई ठे उल्लेख जोग भोजपुरी फिलिम रिलीज भइली जिनहन में बिटिया भइल सयान, चंदवा के ताके चकोर, हमार भौजी, गंगा किनारे मोरा गाँव, आ सम्पूर्ण तीर्थ यात्रा के नाँव प्रमुख रूप से गिनावल जाला।

पुराना समय में भोजपुरी में फिलिम बनावे के काम भी बंबई में होखे आ ई हिंदी सिनेमा के एक ठो हिस्सा के रूप में बनावल जायँ। अब एह फिलिम सभ के निर्माण भोजपुरी इलाका में भी हो रहल बा आ गोरखपुर, बनारस आ पटना नियर छोट शहर भी एह इंडस्ट्री के हिस्सा बन चुकल बाने।

भोजपुरी फिलिम के मुख्य दर्शक लोग पूरबी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आ नेपाल के मधेस इलाका में बा लो जहाँ के ई भाषा हवे। एकरे अलावा अन्य शहर सभ में रहे वाला भोजपुरी भाषी लोग बा। एही कारन भोजपुरी सिनेमा के दर्शक यूरोप आ अमेरिकी देस सभ में भी बा आ सूरीनाम नियर देस सभ में भी जहाँ भोजपुरी बोलल जाले।

यजुर्वेद

यजुर्वेद हिन्दू धर्म की परसिद्ध आ पवित्र चारि गो वेद में से एगो वेद ह।

एह में गद्य में लिखल मन्त्र के संकलन बाटे।

यूरोप

यूरोप या योरप (अंग्रेजी:Europe) परंपरागत रूप से सात गो मानल जाए वाला महाद्वीप कुल में से एगो महाद्वीप हवे। ई यूरेशिया भूभाग की पच्छिमी ओर स्थित बा आ एशिया आ एकरी बीच पारंपरिक सीमा यूराल पर्वत के मानल जाला। यूरेशिया भूभाग की प्रायद्वीप की रूप में होखला की कारण एके प्रायद्वीपीय महाद्वीप भी कहल जाला। एकरी उत्तर में आर्कटिक महासागर, पच्छिम ओर अटलांटिक महासागर आ दक्खिन ओर भूमध्यसागर बाटे।

यूरोप क्षेत्रफल की हिसाब से बाकी महाद्वीपन में खाली आस्ट्रेलिया महाद्वीप से बड़ हवे। एकर क्षेत्रफल करीब 10,180,000 वर्ग किमी (3,930,000 वर्ग मील) बा जेवन पूरा पृथ्वी की सतह का 2% आ पृथ्वी कि जमीन वाला हिस्सा क 6.8% हवे। यूरप में करीब 50 गो देस बाड़ें जेवना में रूस सबसे बड़ बा। यूरोप की अउरी मुख्य देशन में यूनाइटेड किंगडम, फ़्रांस, जर्मनी, इटली इत्यादि बाटें। रूस क विस्तार यूरोप आ एशिया दुन्नों महाद्वीप में बाटे लेकिन सांस्कृतिक रूप से एके यूरोप क हिस्सा मानल जाला।

पश्चिमी संस्कृति का पैदाइश यूरोपे में भइल जेवन यूनान आ रोम कि प्राचीन सभ्यता, यूरोप में पुनर्जागरण आ औद्योगिक क्रांति क परिणाम हउवे। एही क्रम में यूरोप के कई गो देश दूसरी अफ्रीकी आ एशियाई देशन पर उपनिवेश स्थापित कइलें आ ए तरे यूरोप क संस्कृति पुरा दुनिया में फइल गइल।

यूरोप का ज्यादातर देश विकसित देस कि श्रेणी में आवेलें। यूरोपियन यूनियन इहँवा कई देसन क आर्थिक संघ हवे। यूरोपियन युनियन की सदस्य देसन क मुद्रा यूरो हवे।

रथजात्रा (पुरी)

पुरी के रथजात्रा, भा रथयात्रा ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ से जुड़ल एगो हिंदू धार्मिक आयोजन हवे। ओडिशा के संस्कृति में भगवान जगन्नाथ के बहुत खास अस्थान हवे आ एह सालाना मनावल जाए वाला तिहुआर के भी। ई भारत में होखे वाली सभसे पुरान रथजतरा हवे। एकर जिकिर कई गो पुराणन में भी बा।

लैटिन

लैटिन (अंगरेजी: Latin) इंडो-यूरोपी भाषा सभ के इटैलियन शाखा के एगो प्राचीन भाषा हवे। ई शास्त्रीय भाषा (क्लासिकल लैंगुएज) हवे। लैटिन लिखाई के अच्छर सभ एट्रूस्कन (Etruscan) आ यूनानी अच्छर सभ से बनल हवें जिनहन के मूल फोनेशियन अच्छर हवें।

मूल रूप से ई भाषा इटली के प्रायदीप के लैटियम में बोलल जाय। रोमन रिपब्लिक के भाषा के रूप में ई मजबूत भइल आ पहिले इटली में आ अंत में पूरा रोमन साम्राज्य में प्रभुत्वशाली भाषा बन गइल। देहाती लैटिन (Vulgar Latin) से रोमांस भाषा सभ के बिकास भइल जेह में इटैलियन, पुर्तगाली, फ्रांसीसी, आ रोमानियाई नियर भाषा वर्तमान में मौजूद बाड़ी स। लैटिन आ फ्रांसीसी के बहुत सारा शब्द अंगरेजी में भी चहुँपल बाने आ वर्तमान में भी यूरोपीय धरमशास्त्र में, जीवबिज्ञान में आ यूरोपीय चिकित्सा बिज्ञान में लैटिन आ ग्रीक मूल धातु सभ से शब्द बनावल गइल बाने।

संन्यास

सन्यास भारतीय संस्कृति, खासतौर से हिंदू संस्कृति, में जिनगी जिए के आदर्श ब्यवस्था के रूप में बतावल गइल चार गो आश्रम सभ में से अंतिम हवे; पहिला तीन गो आश्रम, ब्रह्मचर्य, गृहस्थ आ वानप्रस्थ बाड़ें। एह ब्यवस्था में औरत-मर्द के जिनगी के अंतिम समय, यानी अगर औसत उमिर के सौ बरिस मानल जाय तब पचहत्तर के पार के उमिर, सांसारिक मोहमाया से मुक्त हो के बितावे के आदर्श बतावल गइल हवे। अइसन लोग के सन्यासी भा सन्यासिनी कहल जाला। हालाँकि, अगर केहू संसार से बैराग चाहे तब सन्यासी/सन्यासिनी बने खाती कवनो उमिर ना बा आ कबो एह तरह के जिनगी अपना सके ला।

सन्यास लेवे वाला ब्यक्ति के घर-परिवार के चिंता-बंधन छोड़ के, संसार के मोह-माया से मुक्त हो के, ध्यान-ज्ञान आ चिंतन मनन के जिनगी बितावे के होला। कई मायने में ई बौद्ध धर्म के भिक्खु/भिक्खुनी, जैन धर्म के साधु/साध्वी या ईसाई धरम के मोंक/नन नियर जिनगी से समानता वाला बिचार हवे। संसार के चीजन के मोह आ उपभोग के त्याग के अध्यात्मिक जिनगी बितावे के शैली हवे। महात्मा गाँधी के मोताबिक सन्यास के अरथ संसार के पलायन, यानी भागल, ना हवे बलुक ब्यक्ति के जवन ऊर्जा अपना खाती सुख एकट्ठा करे में लागे ले ओकरा के मोड़ के जन-कल्याण आ अच्छाई खाती लगावे के कोसिस सन्यास हवे।

सामवेद

सामवेद हिन्दू धर्म की परसिद्ध आ पवित्र चारि गो वेद में से एगो वेद ह।

एह में गावे खातिर मन्त्र के संकलन बाटे।

छन्द की रूप में या पद्द्य की रूप में मन्त्र के ऋचा कहल गइल बा आ इन्हन के गावे के ब्यवस्था आ तरीका के संकलन कइल बा। वैदिक मन्त्र के गायन के सामगायन कहल जाव।

हिंदू राष्ट्रवाद

हिंदू राष्ट्रवाद या हिंदू नेशनलिज्म (Hindu nationalism) सामूहिक रूप से भारतीय उपमहादीप के देसी ज्ञान आ सांस्कृतिक आ अध्यात्मिक परंपरा पर आधारित सामाजिक-राजनीतिक चिंतन के अभिब्यक्ति हवे। कुछ बिद्वान लोग के बिचार बा कि हिंदू राष्ट्रवाद के अंगरेजी में हिंदू नेशनलिज्म नाँव दिहल एक तरह के अनुबाद मात्र हवे आ एकरा खाती हिंदू राजब्यवस्था सही टर्मावली होखी।

ॐ, ओम् या ओंकार हिंदू, बौद्ध आ जैन धर्म में पबित्र मानल जाये वाला ध्वनि आ चीन्हा हवे। ई बहुधा मंत्र के सुरुआत में जोड़ल जाला आ खुद में अपने आप भी मंत्र हवे। एकरा के प्रणव भी कहल जाला।

दुसरी भाषा में

This page is based on a Wikipedia article written by authors (here).
Text is available under the CC BY-SA 3.0 license; additional terms may apply.
Images, videos and audio are available under their respective licenses.