भूगोलीय निर्देशांक सिस्टम

भूगोलीय निर्देशांक सिस्टम (ज्याॅग्रफिकल कोऑर्डिनेट सिस्टम) भूगोल में इस्तेमाल होला जे पृथ्वी पर कौनों स्थान क लोकेशन सही-सही बतावे खातिर एगो तरीका हवे। एह सिस्टम में कुछ अंक आ अच्छर के इस्तेमाल से कौनों जगह के सटीक लोकेशन बतावल जाल सके ला, एह संख्या मान सभ के चुनाव एह तरीका से कइल जाला कि इनहन में से एक ठो वर्टिकल (खड़ा-खड़ी) तल पर आ बाकी दू गो भा तीन गो संख्या (जेकरे आगे अच्छर भी हो सके ला) हौरिजेंटल (बेंड़ी-बेंड़ा भा पट) तल पर लोकेशन बतावे लें।

भूगोलीय निर्देशांक सभ में सभसे आम इस्तमाल वाला तरीका अक्षांश, देशान्तर आ ऊँचाई की मान की सहायता से जगह क लोकेशन बतावल हवे।

FedStats Lat long
देशांतर रेखा दुनों ध्रुव के मिलावे वाली लाइन होखे लीं आ अक्षांस रेखा इनहना के नब्बे अंश के कोण पर काटे वाली बेंड़ी-बेंड़ा भा पट लाइन होखे लीं।

इहो देखल जाय

अक्षांश

भूगोल में, अक्षांश (Latitude-लैटिट्यूड) पृथ्वी के सतह पर मौजूद कौनों बिंदु (जगह) के भूमध्य रेखा से उत्तर भा दक्खिन ओर लोकेशन बतावे वाला कोणीय माप हवे, ई पृथ्वी पर जगह सभ के सटीक लोकेशन निश्चित करे खातिर बनावल तरीका भूगोलीय निर्देशांक सिस्टम क हिस्सा हवे। भूमध्य रेखा के तल, से ऊपर-नीचे, वर्टिकल प्लेन पर, अक्षांश के कोण नापल जाला, एह तरह से, भूमध्यरेखा के अक्षांसी मान सुन्य अंश आ दुनों ध्रुव के मान 90° होला। बाकी सभ जगहन के अक्षांश 0° से 90° की बिच में होला आ एकर उत्तरी भा दक्खिनी गोलार्ध में स्थिति बतावे बदे उत्तर या दक्खिन लिखल जाला, या शार्ट फ़ार्म में N भा S लिखल जाला।

एकही अक्षांसी मान वाला जगह सभ के मिलावे वाली लाइन के कल्पना कइल जाव त ई सगरी ग्लोब पर वृत्त (सर्किल) के रूप में खींचल जा सके लीं जवन की भूमध्य रेखा के समानांतर होखे लीं, इनहन के समानांतर रेखा कहल जाला। भूमध्य रेखा खुद एगो बड़ा वृत्त होला जबकि बाकी अक्षांसन के समानंतर रेखा सभ छोटहन वृत्त होलीं आ दुनों ध्रुव बिंदु के रूप में होलें। एह तरीका से ग्लोब पर, 0° के इंटरवल पर कुल 179 समानांतर रेखा खींचल जालीं।

अक्षांश के साथ देशांतर के मान बता के कौनों अस्थान क सटीक लोकेशन बतावल जा सकेला। अक्षांस-देशांतर के एक जोड़ा, निर्देशांक भा भूगोलीय निर्देशांक होला। अक्षांस सभ के समानांतर रेखा आ देशांतर सभ के मेरिडियन सभ के जाल के ग्रैटीक्यूल कहल जाला।

जबले स्पष्ट रूप से पूरा नाँव न बतावल जाय, अक्षांस शब्द से मतलब जियोडेटिक अक्षांस से होला। एकरे अलावा, छह प्रकार के सहजोगी अक्षांस (ऑक्जिलरी लैटिट्यूड) भी होखे लें - ऑथेलिक अक्षांस, समरूपी (कॉनफॉर्मल) अक्षांश, भूकेंद्रित अक्षांस, आइसोमीट्रिक अक्षांस, पैरामीट्रिक अक्षांस (भा रिड्यूस्ड अक्षांस), आ रेक्टिफाइंग अक्षांस आ।

देशांतर

देशान्तर कौनों स्थान क प्रधान मध्याह्न रेखा से पुरुब या पश्चिम ओर नापल कोणीय दूरी हवे जेवना में कोण पृथ्वी की केंद्र पर बनेला।

कई जगहन क देशांतर क मान एकही हो सकेला आ अइसन कुल जगहन के मिलावे वाली एगो रेखा क कल्पना कइल जाय त ऊ ओह देशांतर क मध्याह्न रेखा कहाले।

देशांतर आ अक्षांश मिल के पृथ्वी क भूगोलीय निर्देशांक सिस्टम बनावेलें।

दुसरी भाषा में

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