दूध

दूध उज्जर रंग के तरल पदारथ हवे जे स्तनधारी (मैमल) जानवरन के स्तन ग्रंथि से निकले ला। मुख्य रूप से ई मादा स्तनधारी जीव के बच्चा पैदा होखे के बाद कुछ समय खातिर स्तन ग्रंथि द्वारा पैदा कइल जाला आ छोट बच्चा सुरुआत में एही पर निरभर रहे ला। दूध पियावे वाला काल में, एकदम से सुरुआती दौर में जवन दूध होला ओकरा के बकेना के दूध कहल जाला आ एह में कोलोस्ट्रम नाँव के पदार्थ होला जे नया पैदा भइल शिशु खाती कई तरह से फायदेमंद होला काहें से कि एह में महतारी के शरीर से आइल एंटीबाडी सभ सामिल होखे लें जे बेमारी से लड़े में मददगार होलें।

Milk glass
गिलास में रखल गाय के दूध।
कुल्फी

कुल्फी एगो भारतीय मीठा के आइटम हवे जे दूध के गाढ़ क के जमा के बनावल जाला। ई एक तरह से देसी आइसक्रीम हवे हालाँकि, ई आइसक्रीम के तुलना में ढेर ठोस होला। गर्मी के दिन में पूरा भारतीय उपमहादीप में ई बहुत बिकाला आ उत्तर भारत आ पाकिस्तान में मटका कुल्फी बहुत पापुलर चीज हवे।

आमतौर पर ई एकदम उज्जर से ले के क्रीमी उज्जर भा पीयर रंग के होला। एह में मिलावल जाए वाला सुगंध-सवाद (फ्लेवर) के आधार पर एकरा के बादाम कुल्फी, पिस्ता कुल्फी भा मैंगो कुल्फी नियर बिबिध वेराइटी हो जाला।

कोसी नदी

कोसी नदी तिब्बत, नेपाल आ भारत के बिहार राज्य में बहे वाली एक ठी नदी बा। ई गंगा के सहायक नदी हऽ आ कटिहार जिला में गंगाजी में मिल जाले।

कोसी के सप्तकोसी भी कहल जाला जेवन एकरी ऊपरी सात गो धारा के कारन रखाइल नाँव बा। पानी के बहाव के हिसाब से कोसी, घाघरा आ यमुना के बाद गंगा के तीसरी सभसे बड़ सहायक नदी हवे। तराई में पहाड़ से उतरे के बाद ई नदी दुनिया के सभसे बड़ जलोढ़ पंखा बनावे ले। एह में आवे वाली भारी बाढ़ एकरा बेर-बेर रस्ता बदले के कारन एकरा के "बिहार के शोक" के रूप में जानल जाला।

सप्तकोसी नदीके सात ठो सहायक नदी बाडे। महालुंगुर हिमालके

दुधपोखर से उदगम होखेबाला दूधकोसी ओखलढुंगा जिलाके

जयरामघाटमे सुनकोसी नदीमे समाहित होला। सप्तकोसी नदीके

सहायक नदी सभ मे सबसे बडहन आ सबसे लम्बा मानेबाला

तिब्बतसे बहते आबेबाला अरुण नदी संखुवासभा जिलाके किमांथांकासे नेपाल प्रबेश

करेला। सप्तकोसी नदी प्रणालीके सबसे बडहन नदी

तिब्बत आ नेपाल के सिमाना से तकरीबन 100 कि मि भितर से उदगम होके कुभ्मभकर्ण हिमाल के

जल संचित करेवाला अरुण नदी भोजपुर जिलाके पग्नाम कहेवाला जगह मे सुनकोसी

नदीमे मिलेला। सप्तकोसी के सहायक नदी तमोर के उदगमस्थल

कुम्भकर्ण हिमाल ह । त्रिबेणी घाटमे अरुणनदीमे मिललाके बाद

सप्तकोसी नदी बनेला। सप्तकोसी के बार्षिक बहाव क्षमता तकरीबन

1564 घनमिटर प्रतिसेकेंड ह। ई नदी के पानी बिहारके अधिकांस क्षेत्रमे सिचाई तथा पेयजल के बास्ते उपयोग करेला ।

कोसी नदी के कुल लंबाई 720 किमी (450 मील) बा आ एकरे थाला के कुल 74,500 किमी2 (28,800 वर्ग मील) एरिया तिब्बत में, नेपाल में, आ भारतीय राज्य बिहार में पड़े ला।

खोआ

खोआ चाहे खोवा (हिंदी: खोया) दूध के पानी जरा के गाढ़ कइले से बने वाला आइटम हवे। ई लगभग ठोस होला आ एकर इस्तेमाल मिठाई आ अउरी कई किसिम के पकवान बनावे में होला। एह चीज के मूल उत्पत्ती के अस्थान भारतीय उपमहादीप हवे आ ई भारतीय, पाकिस्तानी, नेपाली, आ श्रीलंकाई पकवान सभ में बहुत इस्तेमाल होखे वाला आइटम हवे।

गुलाब जामुन

गुलाब जामुन भा लाल मोहन एगो उत्तर भारतीय मिठाई हवे जे दूध पावडर, खोवा आ चीनी के चाशनी से बनावल जाले। ललछाहूँ भूअर भा कत्थई रंग के गोली नियर ई मिठाई चीनी के चाशनी में बूड़ल रहे ले आ सजावट खातिर केसर भा बादाम के कतरन के छिड़काव कइल जाला। एकर एगो रूप, जे रंग में करिया आ ढेर क्रिस्पी होला, काला जामुन भा काला जाम कहाला।

छेना

छेना गाय चाहे भइस के दूध के फार के बनावल एगो सामग्री होखेला। ई खास भारतीय उपमहादीप के चीज हवे आ एकर इस्तेमाल कई किसिम के पकवान आ मिठाई बनावे में होला। छेना से बने वाला मिठाई सभ में रसगुल्ला, रसमलाई आ अइसने कई गो अउरी मिठाई सभ भारतीय उपमहादीप में सभसे चलनसार मिठाई सभ में से गिनल जाए वाली मिठाई हईं।

छेना के बनावे खातिर कौनों भी खट्टा रस जइसे कि नींबू के रस या फिर खाए वाला कुछ एसिड सभ के इस्तेमाल कइल जाला। या फिर पहिले से छेना के पानी उपलब्ध होखे तब ओहू के इस्तेमाल से दूध फारल जा सके ला। एह तरीका से दूध के फारल रूप जेह में से पानी निथार लिहल जाय छेना कहाला। लगभग 500 ग्राम दूध में से 100 ग्राम छेना निकले ला। छेना के एकट्ठा क के दाब के एकरा के पनीर के रूप दिहल जाला आ ई बहुत तरह के पकवान सभ में इस्तेमाल होला। पनीर के कई किसिम के तरकारी (करी), पकौड़ी, परवठा इत्यादि बनावल जाला।

छेना, पनीर आ छेना के पानी, सभ में प्रोटीन के मात्रा भरपूर होला।

छेना के पानी

छेना के पानी (अंगरेजी: Whey) दूध के फारे से निकले वाला पानी हवे। ठोस रूप में थक्का-थक्का में छेना अलगा हो जाला आ बचल पानी के एही नाँव से जानल जाला। दूध के फारे के तरीका के आधार पर ई कई किसिम के हो सकेला। उदाहरण खातिर रेनेट के इस्तेमाल से फार ल दूध से हार्ड छेना बने ला आ एकरे पानी के अंगरेजी में स्वीट व्हे कहल जाला। हिंदुस्तानी इस्टाइल में नींबू के रस या एसिड से फारल दूध से आम भारतीय छेना चाहे पनीर बने ला आ एकर पानी खट्टा पानी होला।

ई पानी कई किसिम के इस्तेमाल में आवे ला आ प्रोटीन के स्रोत होला।

नेपाल

नेपाल संविधान के हिसाब से आधिकारिक रूप से संघिय लोकतांत्रिक गणतंत्र नेपाल कहल जायेला, इ दक्षिण एशिया में एगो भूपरिवेष्ठित या स्थलरुद्ध हिमालयी राष्ट्र ह। नेपाल भूगोलीय रूप से एगो सुन्दर देश ह। नेपाल एगो बहुभाषिक, बहुसांस्कृतिक देश ह। नेपाल में नेपाली भाषा के आलावा हिंदी, भोजपुरी, मगही, थारु, मैथिली, अवधी आदि भाषा भी बोलल जायेला। नेपाल के भूगोलीय अवस्थिती अक्षांश 26 डिग्री 22 मिनट से 30 डिग्री 27 मिनट उत्तर और 80 डिग्री 4 मिनट से 88 डिग्री 12 मिनट पूर्वी देशान्तर तक फैलल बा। इ देश के कुल क्षेत्रफल 1,47,181 वर्ग किमी बा। इ क्षेत्रफल पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से 0.03% अउर एशिया महाद्वीप के हिसाब से 0.3% बा । लन्दन स्थित ग्रीनवीच मिनटाइम से पूर्वतर्फ रहला के कारण गौरीशंकर हिमालय नजदिक होके गईल 86 डिग्री 15 मिनेट पूर्वी देशान्तर के आधार पर नेपाल के प्रमाणिक समय 5 घण्टा 45 मिनट रखल गईल बा।

नेपाल के पूर्वी सीमा से पश्चिमी सीमा तक नेपाल के कुल लंबाई 885 कि.मि बा अउर उत्तर से दक्षिण के चौड़ाई एक बराबर नइखे। नेपाल के पूर्वी हिस्सा के अपेक्षा पश्चिमी हिस्सा अधिक चौड़ा बा वैसे मध्य भाग तनिक सिकुड़ल बा अर्थात एकर अधिकतम चौड़ाई 241 किमी आ न्युनतम चौड़ाई 145 किमी बा। ए प्रकार से नेपाल के औसत चौड़ाई 193 किमी बा। नेपाल के उत्तर में चीन के स्वशासित क्षेत्र तिब्बत पड़ेला आ दक्षिण, पूरब आ पश्चिम तीन तरफ से भारत पड़ेला। नेपाल के 85% से अधिक नागरिक हिन्दू धर्म मानेला लोग। इ प्रतिशत भारत के प्रतिशत से अधिक बा, एही से नेपाल विश्व के सबसे अधिक प्रतिशत हिन्दू धर्म माने वालन के देश ह। एगो छोट देश नेपाल के भूगोलीय विविधता बहुत उल्लेखनीय बा। अहिजा तराई के उष्ण फाँट बा त हिमालय के खूब ठंडा क्षेत्र भी अवस्थित बा। संसार के सबसे ऊँच 14 गो शिखर में से आठ गो ऊँच शिखर नेपाल में पड़ेला, जे में संसार के सबसे ऊँच शिखर एवेरेस्ट (जे के नेपाली भाषा में सगरमाथा कहल जायेला) नेपाल आ चीन के सीमा पर स्थित बा। नेपाल के राजधानी आ सब से बड़ शहर काठमांडू ह। काठमांडू, ललितपुर आ भक्तपुर इ तीन गो शहर कुल काठमांडू घाटी में पड़ेला। नेपाल के अन्य प्रमुख शहरन में बा भरतपुर, बिराटनगर, भैरहवा, वीरगञ्ज, जनकपुर, पोखरा, नेपालगञ्ज आ महेन्द्रनगर।

एगो राजतंत्र के रूप में, इतिहास में इ देश पर शाह राजवंश सब से अधिक समय तक शासन कइले बा - 1768 (जवना घड़ी पृथ्वीनारायण शाह छोट छोट राज्यन के एकीकृत करे के शुरू कइलन) से लेकर के 2008 तक।

नेपाल के कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा एक सदी तक कइल गईल जन युद्ध, लगभग नेपाल के सब बड़हन पार्टी द्वारा कई सप्ताह तक चलल आंदोलन राजा के झुके पर मजबूर कर दिहलस आ 22 नवम्बर 2005 के 12 बिंदु पर सहमति खातिर राजा के तैयार होखे के पड़ल। 28 मई 2008 के नेपाल में प्रथम संबिधान सभा खातिर चुनाव भइल जे में लोग के मत रहल की राजतंत्र के खतम कर के बहुपार्टी प्रणाली के अन्तगर्त संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र के स्थापना होखे।

लगातार नेता कुल के कलह के कारण पहिलका संबिधान सभा के चुनाव के बाद भी संबिधान ना बन पावल आ तारीख खतम हो गईल। 2013 में फेर दूसरा हाली मतदान भइल आ देर सबेर संबिधान बन गइल। 20 सितम्बर 2015 के नयका संविधान बनला के साथ लागू हो गईल।

नेपाल एगो विकाशसिल देश ह जहाँ बहुत कम आर्थिक आय बा, मानव विकास सूचकांक के 2014 के रिपोर्ट के अनुसार नेपाल के न्यूनतम आय दर नेपाल के 187 गो देश में से नेपाल के 145वां स्थान पर रखत बा। इ देश लगातार गरीबी आ उच्च स्तर के खाना के कमी से लड़ रहल बा। एतना कुछ के बावजूद भी इ देश तनी विकास दर में सुधार लईले बा, अहिजा के सरकार के कहनाम बा की साल 2022 तक देश के कम से कम विकसित राष्ट्र बना लियाई।

पनीर

पनीर दूध के फार के बनावल जाए वाला एगो आइटम हवे जे बिबिध किसिम के पकवान बनावे में इस्तेमाल होला। ई यूरोपियन चीज़ के नियर होखे वाला भारतीय आइटम हवे। एक तरह से ई छेना के लगभग ठोस रूप हवे जबकि छेना मोलायम होला आ एही के दबा के पानी निकाल दिहले के बाद जम जाए पर पनीर बने ला।

पनीर भारतीय पकवान सभ में कई किसिम के पकवानन में इस्तेमाल होला जेह में बिबिध सब्जी आ करी के आइटम सामिल बाने। मटर पनीर, शाही पनीर, पालक पनीर, कड़ाही पनीर, पनीर बटर मसाला इत्यादि एह सब में मुख्य बाने। एकरे अलावे पनीर के पकौड़ा आ परवठा भी बने ला।

पेय

पेय अइसन पदार्थ के कहल जाला जवना के पियल जा सके। अंग्रेजी में इनहना के ड्रिंक (drink) चाहे बीवरेज (beverage) कहल जाला आ एह में हर द्रव (लिक्विड) पदार्थ आ जाला जे मनुष्य के उपभोग खाती होखे।

आदमी के पियास मेटावे के अलावा एह पेय सभ के सांस्कृतिक महत्व भी बा। सभसे आम पेय सभ में पिए वाला पानी, दूध, गाय के दूध, कॉफी, चाय, हॉट चाकलेट आ कोल्ड ड्रिंक बा। एकरे अलावा एल्कोहल वाला पेय सभ बा जेह में वाइन, बियर, आ शराब शामिल बा जे मनुष्यता के इतिहास में लगभग आठ हजार साल से शामिल बा।

Non-alcoholic drinks often signify drinks that would normally contain alcohol, such as beer and wine, but are made with less than .5 percent alcohol by volume. The category includes drinks that have undergone an alcohol removal process such as non-alcoholic beers and de-alcoholized wines.

प्रदेश संख्या 1

प्रदेश संख्या १ नेपाल के सात गो प्रदेश सभ में से एगो ह। २० सितम्बर २०१५ के लागू भइल संविधान में नया सात गो प्रदेश सभ के प्रावधान बा। इ प्रदेश के नामांकन प्रदेश संसद (विधान परिषद) द्वारा करल जाई। एकर राजधानी कहाँ होखी इहो प्रदेश संसद द्वारा निर्धारित करल जाई।

इ प्रदेश के पूर्व में भारत के सिक्किम राज्य बा आ साथ में पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सा दार्जीलिंग सटल बा। उत्तर में हिमालय के ओह पार तिब्बत स्थित बा त दक्षिण में भारत के बिहार स्थित बा।

25,905 वर्ग किमी में फैलल क्षेत्र में पर्वतीय हिस्सा 10,438 किमी2 जगह छेंकले बा। पहाड़ी हिस्सा 10,749 किमी2 जगह छेंकले बा त पूर्वी तराई क्षेत्र 4,718 किमी2 के जगह छेंकले बा।

निर्वाचन क्षेत्र सीमांकन आयोग (CDC) के रिपोर्ट के हिसाब से प्रदेश संख्या १ में फर्स्ट पास्ट द पोस्ट निर्वाचन प्रणाली के तहत 28 गो संसदीय सीट आ 56 गो प्रादेशिक सीट बा। 17 जनवरी 2018 के भईल मंत्रिमंडल के मीटिंग में विराटनगर के प्रदेश संख्या १ के अंतरिम राजधानी आ गोविंद सुब्बा के गवर्नर घोषित कइल गईल बा। 2011 के जनगणना के हिसाब से लगभग 45 लाख लोग ई प्रदेश में निवास करेला लोग, जेकर घनत्व 175.6 प्रति वर्ग किमी बा।

फालूदा

फालूदा भा फलूदा एगो भारतीय मीठा के आइटम हवे। ई एक तरह से सेवई आ कुल्फी के मिलजुल रूप हवे। गाढ़ दूध में उबालल सेवई, मीठा, सुगंधित चीज (जइसे कि गुलाबजल) आ जेली इत्यादि डाल के फेंट दिहल जाला आ गिलास भा मग में भर के ऊपर से आइसक्रीम भा मलाई डाल के परोसल जाला।

गर्मी के सीजन में ई पूरा उत्तर भारत के शहर सभ में खूब मिले ला।

बिहारी खाना

बिहारी खाना मुख्यतः, बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बांग्लादेश, गुयाना आ ट्रिनिडाड और टोबैगो में खाईल जाला काहें की एईजा बिहारी लोगन क मौजूदगी बा। बिहारी खाना मुख्यतः शाकाहारी होला काहें की बिहारी समाज बुद्ध आ हिन्दू धर्म क अहिंसा जइसन संस्कार मूल्य से प्रभावित बा ओहिसे इ ज्यादातर लोग अंडा, मुर्गा, माँस मछली नाहीं खाला लो। हालाँकि, एईजा माँस, मुर्गा, अंडा और मछली खईले क परम्परा देखे के मिल जाला, खासकर मछली काहें की एईजा से सोन, गंगा और गंडक जइसन नदी बहेली स।

दूध से बनल व्यंजन जैसे की दही, छाश, घी, लस्सी आ मक्खन एईजा पूरा साल खाईल जाला। बिहारी खाना उत्तर भारतीय खाना से मिलत जुलत होला लेकिन साथे साथ इ अन्य पूर्वी भारत की खाना से प्रभावित लउकेला (जैसे की एपर बंगाली खाना क प्रभाव देखे के मिलेला)। एईजा क खाना तरबूज, बेल क शर्बत जइसन पनीला खान पान की साथ मौसम की अनुसार बदलतो रहेला।

कुछ खाना जैसे की सत्तू क पराठा, चोखा, मछली करी और बिहारी कबाब, पोस्ता दाना क हलुआ एईजा क मशहूर खाना ह।

भोजपुरी

भोजपुरी ( कैथी: 𑂦𑂷𑂔𑂣𑂴𑂩𑂲 सुनीं) भाषाई परिवार के स्तर प एगो इंडो-आर्य भाषा हीया जवन मूल रूप से भारत के मध्य गंगा के मैदान के कुछ हिस्सन में आ नेपाल के तराई वाला कुछ हिस्सन में बोलल जाले। भारत में ई भाषा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में, बिहार के पच्छिमी में, आ झारखंड के उत्तरी-पच्छिमी इलाका सभ में बोलल जाले।मूल क्षेत्र के अलावा भोजपुरी जाने-बुझे वाला लोगन के बिस्तार बिस्व के सगरी महादीप कुल पर बा। उत्तर प्रदेश मे सबसे जादा भोजपुरी बनारस,बलिया,जौनपुर आउर गोरखपुर मे बोलल जाला।जेन्ने-जेन्ने यूरोपियन कॉलोनी रहल अंग्रेज लोग उत्तरपरदेश आ बिहार से भारी संख्या में मजदूरी करे खातिर लोग के ले गइल जिनहन लोग के भाषा भोजपुरी रहे। एसियाइ देशन में मउरीसस सूरिनाम, गुयाना, त्रिनिदाद आ टोबैगो, फिजी नीयन देश प्रमुख बाड़ें जहाँ भोजपुरी प्रमुख भाषा के रूप में बोलल आ बुझल जाले, चाहे इहाँ भोजपुरी के मूल में अन्य भाषा सभ के तत्व मिल के नाया भाषा सभ के निर्माण भइल बा।

भारत के जनगणना आंकड़ा 2001 के अनुसार भारत में लगभग 3.3 करोड़ भोजपुरी बोले वाला लोग बा। मय बिस्व में भोजपुरी जाने वाला लोगन के संख्या लगभग 7 करोड़ से जादे बा। द टाइम्स ऑफ इंडिया के एगो लेखा में कहल गइल बा कि मय विश्व में भोजपुरी बोले वला 16 करोड़ लोग बाड़ान जे में से 8 करोड़ बिहार आउर 7 करोड़ उत्तर प्रदेश में रहे लें बाकी १करोड़ लोग बचल बिश्व में रहे लें, उत्तर अमेरिका के भोजपुरी संगठन के भी कहनाम बा कि बिस्व में 18 करोड़ अमदी भोजपुरी बोले लें। जनगणना आ हई बात में अंतर एह चलते हो सकेला की ढ़ेर लोग जनगणना में भोजपुरी के आपन महतारी भाषा ना लिखवावस।

मिठाई

मिठाई भारत आ आसपास के इलाका में बने वाला कई किसिम के मीठा पकवान हईं जे दूध, फल आ अनाज में से कौनों भी चीज से बनल हो सके लीं आ इनहन के सवाद मीठ होला, बहुत सारी मिठाई सभ में सुगंध आ रंग के भी इस्तेमाल होला। मिठाई घरेलू रूप से भी बनावल जालीं आ बड़ा पैमाना पर कौनों कार-परोज में भा दुकान पर बेचे खाती हलुआई लोग भी बनावे ला। भारत, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेस नियर देस सभ में हजारन गो दुकान खाली मिठाइए बनावे आ बेचे के बिजनेस करे लीं।

आमतौर पर मिठाई बनावे में इस्तेमाल सामान के आधार पर इनहन के बर्गीकरण कइल जा सके ला। दूध से बनल मिठाई, फल से बनल मिठाई भा अनाज से या फिर इनहन के मिलजुल रूप से बनल मिठाई हो सके लीं। मिठाई बनावे के तरीका के आधार पर भी ई कई किसिम के होखे लीं। कुछ के पकावल जाला (पानी में, चाहे बाहिरी भा खुदे सामग्री के आपन पानी में), कुछ के सेंक के पकावल जाला, कुछ के तेल-घीव में छानल (फ्राई कइल) जाला, कुछ भूज के बनावल जालीं आ कुल्फी नियर कुछ मिठाई जमा के भी बनावल जालीं।

मिठाई सभ के रूप-रंग आ सवाद में क्षेत्रीय बिबिधता आ हर इलाका के अलग-अलग खासियत भी देखल जाला। कौनों क्षेत्र बिसेस कौनों खास मिठाई खातिर परसिद्ध हो सके ला भा एकही मिठाई अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से अलग सवाद-सुगंध लिहले हो सके ले। भारतीय इलाका के बारे में एगो लेखक के कहनाम बा कि "साइदे दुनिया के कौनों अइसन हिस्सा होखी जहाँ अतना बिबिधता वाली आ अतना किसिम के मिठाई मिलें"।कुछ मिठाई बिसेस परब-तिहुआर से जुड़ल होलीं, जइसे कि गोझिया होली पर बनावल जाले या माँठ (ठेकुआ) भा पिठिया छठ पूजा खातिर बनावल जाला। बहुधा, मिठाई पहिले देवता लोग के परसाद के रूप में भी चढ़ावल जालीं। अलग-अलग मिठाई सभ के खाए के समय भी अलग हो सके ला, जइसे कि जिलेबी आमतौर पर सबेरे खाइल जाले।भोजपुरी आ अउरी उत्तर भारतीय भाषा सभ में इनहन के मिठाई, मीठा, भा मिट्ठा कहल जाला जबकि भारतीय उपमहादीप के अलग-अलग हिस्सा में इनहन के (सामूहिक) नाँव अलग-अलग भी होला।

रसगुल्ला

रसगुल्ला एगो रसदार भारतीय मिठाई हवे जे छेना के गोल-गोल पारल गोली सभ के चाशनी में पका के तइयार कइल जाला। कुछ किसिम के रसगुल्ला सभ में सूजी के इस्तमाल भी होखे ला आ एकर चाशनी, रंग रूप आ सवाद-सुगंध भी कई किसिम के होला। एकर उत्पत्ती पूरबी भारत में भइल, वर्तमान उड़ीसा आ पच्छिम बंगाल राज्य में। दुनों राज्य एकरा उत्पत्ति के अस्थान होखे के दावा करे लें। हालाँकि, "बंगाली रसगुल्ला" के अलग पहिचान बा आ एगो बिबाद में अंत में ई निपटारा भइल कि "बंगाली रसगुल्ला" के जीआई टैग दिहल गइल, साथे इहो कहल गइल कि खाली एही वेराइटी खाती बा आ एकरा के उत्पत्ती के अस्थान से न जोड़ल जाय।

वर्तमान में रसगुल्ला पूरा भारतीय उपमहादीप में बहुत चलनसार मिठाई बा आ बाहरी देस सभ में भी एकर चलन बा। जहाँ आमतौर प दूध के बनल मिठाई जल्दी खराब हो जालीं, रसगुल्ला तुलना में ढेर टिके ला, अगर हवाबंद डिब्बा में पैक कइल जाय तब ई कई महीना ले सुरक्षित रहे ला।रंगरूप के हिसाब से देखल जाय तब ई मिठाई नरम गोला नियर होला जे चाशनी (रस) में बूड़ल रहे ला। मोलायम होखल बढ़ियाँ रसगुल्ला के पहिचान हवे। आमतौर पर ई एकदम उज्जर से ले के पियराहूँ रंग लिहले होला आ चाशनी में खुसबूदार आइटम डाल के खास सुगंध आ सवाद पैदा कइल जाला।

रसमलाई

रसमलाई एगो भारतीय मिठाई हवे जेह में छेना के चापट टिकरी गाढ़ मलाई नियर दूध के रस में बूड़ल रहे लीं। छेना के टिकरी एकदम मोलायम होला आ एह में बीच में जरको कड़ेर हिस्सा ना होला। जवना रस में ई बूड़ल रहे ला ऊ आमतौर पर पियाराहूँ उज्जर रंग के होला आ एह मिठाई के सजावट खाती एकरे ऊपर पिस्ता के कतरन छिड़कल जाला।

एह मिठाई के मूल उतपत्ती के जगह भारते हवे। के॰ सी॰ दास ग्रैंडसंस, जे बंगाल में कलकत्ता के परसिद्ध रसगुल्ला के दुकान बा, के दावा बाटे कि एह मिठाई के खोज के॰ सी॰ दास कइले रहलें, हालाँकि एह दावा के पुष्टि करे के कौनों तरीका ना बाटे।एगो हवाला के अनुसार ई मिठाई अवध क्षेत्र में मैदा के छान के ओकरे बाद दूध में गाढ़ मलाई नियर होखे तक पका के तइयार कइल जाए वाली खरिका नाँव के मिठाई के रूपांतरण हवे।कुल मिला के, पूरबी भारत के मिठाई मानल जाए वाली रसमलाई वर्तमान में पूरा भारत में, नेपाल, पाकिस्तान आ बांग्लादेस में परसिद्ध मिठाई हवे। ईद आ दिवाली के मोका पर, भारतीय उपमहादीप के लोग जहाँ बसल बा, कई जगह बिदेसन में भी ई मिले ला।भारतीय डेयरी जर्नल में छपल एगो रपट के मोताबिक (साल 2004 के आँकड़ा) दूध से बने वाली छेना आधारित मिठाई सभ में, सभसे ढेर दूध के खपत रसमलाई बनावे खातिर होखत रहल।

लुइसियाना

लुइसियाना (अंगरेजी: Louisiana) यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के एगो राज्य बा। ई राज्य अमेरिका के एकदम दक्खिनी हिस्सा में पड़े ला आ एह देस 50 गो राज्य सभ में 31वाँ सभसे बेसी बिस्तार वाला आ 25वाँ सभसे बेसी जनसंख्या वाला राज्य हवे। लुइसियाना के पच्छिम ओर टेक्सास राज्य, उत्तर ओर आर्कन्सा राज्य, पुरुब ओर मिसिसिपी राज्य आ दक्खिन में मैक्सिको के खाड़ी बा। एकरे आ मिसिसिपी राज्य के बीचा में, एकर पुरबी बाडर बहुत दूरी तक ले मिसिसिपी नदी द्वारा बनावल जाला। ई अमेरिका के एकलौता अइसन राज्य हवे जहाँ राज्य के कई गो पैरिश सभ में बिभाजन बा जे काउंटी के बरोबर दर्जा वाला उपबिभाग हवें। एह राज्य के राजधानी बैटन रोग नाँव के शहर हवे आ सभसे बड़ शहर न्यू ऑर्लियंस हवे।

सतावर

सतावर (Asparagus racemosus (ऐस्पेरेगस रेसीमोसस)) लिलिएसी कुल के जड़ी-बूटी हवे। एकरा के शतावर, शतावरी, सतावरी, सतमूल और सतमूली नियर ढेर सारा नाँव से जानल जाला। ई बूटी भारत, श्री लंका आ नेपाल में पहाड़ी इलाका के निचला हिस्सा में पैदा होले। एकर ओधी कई शाखा वाला लता के रूप में दो मीटर तक लम्बा होला। सोरि झकड़ादार होले।

एकर बिबिध आयुर्वेदिक आ खरबिरउआ दवाई सभ में इस्तमाल होला। खासतौर पर ई औरतन के कई ठो बेमारी में टॉनिक के काम करे ले। बच्चा होख्ले के बाद दूध बढ़ावे खातिर बीरो में पीस के मिलावल जाला।

स्तन

स्तन ग्रंथि एगो ग्रंथि (ग्लैंड) होले जे मनुष्य में आ अउरी कई जानवर सभ के शरीर के अंग के रूप में, नया पैदा भइल बच्चा सभ के पोषण खाती दूध पैदा करे के काम करे ला। ई एगो एक्सोक्रान ग्लैंड हवे। अइसन जानवर सभ जिनहन के शरीर में ई ग्रंथि पावल जाले, स्तनधारी कहालें आ जंतु बिज्ञान के वर्गीकरण में इनहन के मैमेलिया वर्ग में रखल जाला (मैमेल शब्द लैटिन भाषा के मामा शब्द से आवे ला जेकर मतलबे स्तन होला)।

स्तन पूरा अंग के कहल जाला जे दूध पैदा करे ला जबकि एकरे ऊपरी हिस्सा भा सभसे अंतिम बाहरी माथ पर निकलल उभार के चूची (संस्कृत: चुचूक से) भा अंगरेजी में निप्पल कहल जाला। दूध खाती पोसल जाये वाला जानवर जइसे कि गाइ आ भइस में एकरा के थन भा थान कहल जाला (इहो स्तन के देसी रूपांतर हवे) आ चूची सभ के छीमी भा छिम्मी भी कहल जाला।

मनुष्य आ चिंपांजी नियर कुछ जानवर सभ में ई ग्रंथि शरीर के ऊपरी हिस्सा में, छाती पर पावल जाले जबकि कुक्कुर, बिलार आ सूअर नियर जानवरन में ई पेट वाला हिस्सा में होखे ले, गाई आ भइस में ई पछिला गोड़न के बीच में होखे ले।

स्तन से दूध के निकसल कभी-कभार अट्रेंडम भी हो सके ला बाकी ज्यादातर स्थिति में दूध निकले के समय बच्चा पैदा होखे के बाद होला जेकरा के लैक्टेशन पीरियड कहल जाला। आम तौर पर मादा जानवर के स्तन से दूध निकले ला आ नर सभ में ई अंग बस चीन्हात्मक रूप से होला; हालाँकि, अपवाद के रूप में कुछ जीव प्रजाति सभ में नर भी दूध पियावे के काम करे लें।

दुसरी भाषा में

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